अमित शाह ने राष्ट्रीय अग्नि सेवा कॉलेज का नया परिसर राष्ट्र को समर्पित किया

नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नागपुर में राष्ट्रीय अग्नि सेवा कॉलेज (एनएफएससी) का नया परिसर राष्ट्र को समर्पित किया। गृह मंत्री ने समारोह में अग्नि सेवा शौर्य पदक तथा एनएफएससी के मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए। उन्होंने नागपुर में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) अकादमी की आधारशिला भी रखी। श्री शाह ने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में सुभाष चन्द्र बोस पुरस्कार की घोषणा की।
श्री शाह ने शहीद अग्निशमन सेवा अधिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि मोदी सरकार ने एनएफएससी तथा एनडीआरएफ अकादमी जैसे समर्पित संस्थानों को बनाकर 70 वर्षों से उपेक्षित अग्नि सेवा तथा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में क्षमता सृजन को संस्थागत बनाने पर महत्व दिया है। यद्यपि अग्नि शमन सेवा राज्य का विषय है, श्री शाह ने उम्मीद जताई कि एनएफएससी के माध्यम से सभी राज्य केंद्र के साथ अग्नि से जुड़ीं आपदाओं के नियंत्रण में बेहतर तालमेल बैठाएंगे। उन्होंने बताया कि सरकार ने एनएफएससी के आधुनिकीकरण के लिए 200 करोड़ रुपये से अधिक की राशि आवंटित की है। उन्होंने संस्थान में चलाए जाने वाले लघु तथा दीर्घकालिक पाठ्यक्रमों की जानकारी भी दी।
गृह मंत्री ने कहा है कि यह गर्व की बात है कि 2016 से मोदी सरकार के निरंतर प्रयासों के परिणाम स्वरूप एनडीआरएफ वैश्विक स्तर पर अग्रणी आपदा प्रबंधन बल के रूप में उभरा है और आपदा जोखिम कमी के लिए सेंडई फ्रेमवर्क के अंतर्गत सभी मानकों को पूरा किया है। श्री शाह ने कहा कि देश ने आपदा मोचन में पिछले दो दशकों में सराहनीय काम किया है और मानव जीवन तथा अर्थव्यवस्था को नुकसान को कम करने में अपनी क्षमताओं में सुधार किया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 1999 में ओडिशा के भयावह चक्रवाती तूफान में जहां दस हजार जानें गई थीं, वहीं हाल के चक्रवाती तूफान ‘फणीÓ में 64 लोगों की जानें गईं। यह आपदा मोचन व्यवस्था में विशाल क्षमता सृजन को दिखाता है। दूसरे शब्दों में एक दशक से थोड़ा अधिक समय में भारत पहले की तुलना में जान-माल के नुकसान में एक प्रतिशत की कमी करने में सफल रहा है।
श्री शाह ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन संसाधनों के अधिकतम उपयोग को लेकर अनेक कदम उठाए हैं। उन्होंने पड़ोसी देशों में आपदा के दौरान सबसे पहले कार्रवाई करने के लिए एनडीआरएफ के प्रयासों की सराहना की और कहा कि एनडीआरएफ की कार्रवाई से पड़ोसी भारत की प्रशंसा कर रहे हैं। श्री शाह ने कहा कि भारत सार्क क्षेत्र में आपदा प्रबंधन कर्मियों के प्रशिक्षण का केंद्र बन गया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इससे श्रेष्ठ व्यवहारों के आदान-प्रदान में मदद मिलेगी और लोगों पर आपदा के प्रभावों में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि आपदा से सक्षमता के साथ मुकाबला करने के लिए भारत को तैयार रहने की आवश्यकता है और निकट भविष्य में 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यस्था के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आपदा अवसंरचना को मजबूत बनाने की आवश्यकता है।
इस अवसर पर केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने आग लगने की आपात स्थिति में अग्निशमन कर्मियों की चुनौतियों का वर्णन किया और कहा कि किस तरह एनएफएससी भविष्य में अग्निशमन सेवा कर्मियों को सक्षम रूप से तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने प्रधानमंत्री तथा गृह मंत्री के नेतृत्व में गृह मंत्रालय द्वारा उठाए गए कदमों की चर्चा की। उन्होंने बताया कि आपदाओं के दौरान सक्षम मोचन व्यवस्था स्थापित करने के लिए राज्य सरकारों को परामर्श जारी किए गए हैं और जान-माल के नुकसान को कम करने के लिए जनता तथा कर्मियों को मॉकड्रिल के द्वारा बेहतर रूप से तैयार किया गया है।
इस अवसर पर केन्द्रीय सड़क परिवहन तथा राजमार्ग, जहाजरानी तथा सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम मंत्री नितिन गडकरी तथा केन्द्र तथा राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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