अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस की भारत यात्रा के खिलाफ कैट करेगा प्रदर्शन

नई दिल्ली। देश भर के 7 करोड़ व्यापारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले और 40 हजार से अधिक व्यापार संघों के शीर्ष संगठन कन्फ़ेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्ज़ (कैट) ने अमेज़न और फ्लिपकार्ट सहित ई-कॉमर्स कंपनियों को एफडीआइ पॉलिसी का पालन करने हेतु बाध्य करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है और कहा है या तो ये कम्पनियाँ एफ़डीआइ नीति के सभी प्रावधानों का अक्षरश पालन करे अथवा भारत से अपना कारोबार समेट लें ।इन ई-कॉमर्स कम्पनियों के ख़िलाफ़ पिछले तीन महीनों से अधिक समय से एक मजबूत और आक्रामक राष्ट्रव्यापी आंदोलन कर रहा है।
आज नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, कैट के राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल ने सरकार और विभिन्न मंचों पर कैट द्वारा लगाए गए प्रत्येक आरोप की जाँच के लिए कल प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) द्वारा दिए गए आदेश की सराहना करते हुए कहा कि पहली बार अमेज़ॅन और फ्लिपकार्ट के खिलाफ कुछ ठोस कदम उठाए गए हैं जो एफडीआई नीति का लगातार उल्लंघन करते हुए ई-कॉमर्स ही नहीं, बल्कि खुदरा व्यापार और साथ ही साथ देश के रीटेल व्यापार पर अपने एकाधिकार एवं व्यापार को नियंत्रित करने के एक शातिर षड्यंत्र चला रहे हैं ।
श्री खंडेलवाल ने कहा कि सीसीआई का आदेश प्रतिस्पर्धा अधिनियम की धारा 26 (1) के तहत दिया गया है और यह अपील योग्य नहीं है, इसलिए जांच से बचने के लिए अमेज़न और फ्लिपकार्ट के पास कोई गुंजाइश नहीं है। अमेज़ॅन और फ्लिपकार्ट दोनों के बयानों पर कि वे एफडीआई नीति का अनुपालन कर रहे हैं, पर श्री खंडेलवाल ने सवाल किया कि उन्हें यह बताना चाहिए कि वे अपने पोर्टल्स पर भारी छूट कैसे दे सकते हैं और हर साल भारी नुकसान करते हुए वे कैसे अपने व्यापार को जारी रखे हुएँ हैं ।यह आंकड़ों और जोड़-तोड़ के व्यापार मॉडल के अलावा कुछ भी नहीं है, जिसने भारत के खुदरा व्यापार को बहुत नष्ट कर दिया है और इसके परिणामस्वरूप पूरे देश में हजारों मोबाइल और अन्य दुकानें बंद हो गई हैं। इससे पहले अपनी बाजार अध्ययन रिपोर्ट में सीसीआई ने अमेज़ॅन और फ्लिपकार्ट द्वारा स्व विनियमन और पारदर्शिता की सिफारिश की थी, जिसका कैट ने तर्क के साथ कड़ाई से विरोध किया गया था कि सीसीआई की उक्त सिफारिशें इस तथ्य को स्थापित करती हैं कि दोनों कंपनियों के व्यावसायिक मॉडल कुछ प्रकार के गंभीर उल्लंघन कर रहे हैं और कैट ने मांग की कि इन अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए सीसीआई क् को कौन रोक रहा है।
श्री खंडेलवाल ने कहा कि 7 करोड़ व्यापारी और उनके परिवार अमेज़न और फ्लिपकार्ट की अनैतिक व्यवसाय प्रथाओं के कारण बेहद प्रतिकूल रूप से प्रभावित हुए हैं। ये कम्पनियाँ आर्थिक आतंकवादी हैं जो छोटे खुदरा विक्रेताओं की आजीविका को अस्थिर करने के लिए बेचैन हैं और जीएसटी और आयकर से बचकर हमारे देश को लूटते हैं। उन्होंने कहा की एफडीआई कानून का उल्लंघन करने और अपने दूषित उद्देश्यों के लिए नियमों को दरकिनार करने के हर संभव अवसर को प्रयोग में लाने के लिए इन कम्पनियों ने कोई कोताही नहीं बरती है ।अमेज़ॅन और फ्लिपकार्ट का व्यवसाय मॉडल समान बाज़ार प्रतियोगिता का उल्लंघन है। बाज़ार मॉडल के रूप में वे छोटे व्यापारियों को सशक्त बनाने वाले थे, लेकिन उनके कामकाज ने छोटे व्यापारियों को व्यापार से बाहर कर दिया है जो आज बुनियादी आजीविका के लिए संघर्ष कर रहे हैं। लागत से नीचे गहरी छूट और बिक्री एक अस्वस्थता है जिसे अर्थव्यवस्था से मिटाने की आवश्यकता है और यदि इस अस्वस्थता को समाप्त नहीं किया जा सकता है, तो यह समय है कि अमेज़ॅन और फ्लिपकार्ट दोनों को भारत से निकास द्वार दिखाया जाना चाहिए।
श्री खंडेलवाल ने आगे कहा कि अमेज़ॅन और फ्लिपकार्ट ने सरकार को भारी जीएसटी और आयकर राजस्व का नुकसान किया है और कैट जल्द ही वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण से मिलेगा और उनसे अमेज़ॅन और फ्लिपकार्ट दोनों पर जीएसटी और आयकर दायित्व से बचने के लिए एक जांच करने का आग्रह किया।
भारत में कल अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस की यात्रा का देश के करीब 300 शहरों के व्यापारियों के जोरदार विरोध के साथ स्वागत किया जाएगा। नई दिल्ली में यह विरोध प्रदर्शन जंतर-मंतर पर होगा।

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