धर्मेंद्र प्रधान ने 3121वें एलपीजी टेंकर ट्रक को झंडी दिखाई

नई दिल्ली। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और इस्पात मंत्री ने 3121वें एलपीजी टेंकर ट्रक को झंडी दिखाई और पेट्रोलियम तथा इस्पात क्षेत्रों में अनुसूचित जाति / जनजाति उद्यमियों के लिए आयोजित विशेष राष्ट्रीय विक्रेता विकास कार्यक्रम में भाग लिया। यह कार्यक्रम दलित इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री /डीआईसीसीआई द्वारा आयोजित किया गया था।
इस अवसर पर श्री प्रधान ने कहा कि सरकार अनुसूचित जाति एवं जनजाति समुदाय के लोगों को छात्रवृत्ति एवं आरक्षण की सुविधाएं प्रदान करने से आगे बढ़ गई है और उन्हें उद्यमी बनने के लिए सक्षम बना रही है। बाबा साहेब की दृष्टि से प्रेरित होकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अनुसूचित जाति / जनजाति समुदाय, समाज के वंचित वर्गों तथा अल्पसंख्यकों में उद्यमिता बढ़ाने के लिए सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास की भावना के साथ कार्य किया है। नरेन्द्र मोदी का सपना है कि अनुसूचित जाति / जनजाति समुदाय नौकरी पाने की इच्छा रखने वालों की बजाय कारोबार के मालिक बने और रोजगार के अवसरों का निर्माण करे। उनके नेतृत्व में भारत सकारात्मक कार्य योजना के निर्माण के एक नये प्रारूप का निर्माण कर रहा है।
अनुसूचित जाति /जनजाति समुदायों के कल्या ण के लिए सरकार के विभिन्ना प्रयासों के बारे में श्री प्रधान ने कहा कि सरकार ने राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन के निर्माण के लिए 100 लाख करोड़ रुपये की योजना बनाई है। कुल 75,000 पेट्रोल पंप खोलने की योजना बनाई गई हैं और इनमें से 20,000 पेट्रोल पंप अनुसूचित जाति / जनजाति समुदाय के लोगों के लिए आरक्षित किए गए हैं। इनमें से 17,000 एलओआई उन्हें सौंप दिए गए हैं। 3600 खुदरा बिक्री केंद्रों के लिए कार्य शुरू हो गया है। उज्वला योजना के 8 करोड़ लाभार्थियों में से लगभग 3 करोड़ लाभार्थी अनुसूचित जाति /जनजाति परिवार से हैं। विभिन्न मंत्रालयों ने अनुसूचित जाति / जनजाति उद्यमियों के लिए क्षमता निर्माण सुनिश्चित किया है और इससे स्टैंडअप इंडिया कार्यक्रम को सफलता मिली है। अनुसूचित जाति / जनजाति समुदाय के लोगों में उद्यमिता की भावना को समर्थन प्रदान करने के लिए सरकार ने प्रक्रियाओं को सरल बनाया है, नीतियों का निर्माण किया है और सभी हितधारकों के साथ मिलकर कार्य किया है। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि सभी सार्वजनिक उद्यम अपनी कुल खरीद का 25 प्रतिशत एमएसएमई उद्यमों से प्राप्त करें। बैंकों को स्टार्टअप उद्यमों के लिए ऋण प्रदान करने का लक्ष्य दिया गया है।
श्री प्रधान ने बैंक ऑफ बड़ौदा, ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी, अशोक लीलैंड, टाटा मोटर्स, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड के कार्यों की सराहना की।
डीआईसीसीआई अनुसूचित जाति /जनजाति उद्यमियों की सर्वोच्च संस्थाय है। इसकी देश के 29 राज्यों में तथा 7 अंतर्राष्ट्री य शाखाएं हैं। डीआईसीसीआई अनुसूचित जाति /जनजाति कारोबारियों द्वारा निर्मित उत्पादों के प्रचार प्रसार के लिए एनवीडीपी, औद्योगिक प्रदर्शनी और व्यापार मेले का आयोजन करता है। इस विशेष एनवीडीपी कार्यक्रम में पूरे देश के 700 मध्यम और लघु उद्यमों ने भाग लिया।

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