केजरीवाल सरकार द्वारा जानबूझ कर निर्भया को न्याय दिलाने में देरी की जा रही है: शाजिया इल्मी

नई दिल्ली। दिल्ली प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती शाजिया इल्मी ने दिल्ली सरकार की पूर्व सरकारी वकील इंदिरा जयसिंह के निर्भया के दोषियों को माफ करने वाले बयान पर विरोध जताया। दिल्ली भाजपा कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए श्रीमती शाजिया इल्मी ने कहा कि राष्ट्रपति महोदय ने आरोपियों की दया याचिका को अविलम्ब खारिज करने का जो फैसला लिया उससे देश की महिलाओं में न्याय के प्रति भरोसा बढ़ा है लेकिन केजरीवाल के करीबियों की ओर से आरोपियों का बचाने की जिस तरह से कोशिश हो रही है उससे साफ पता चल रहा है कि जानबूझ कर केजरीवाल सरकार द्वारा निर्भया को न्याय दिलाने में देरी की जा रही है। इस दौरान दिल्ली भाजपा मीडिया प्रमुख श्री अशोक गोयल देवराह एवं प्रवक्ता श्रीमती टीना शर्मा उपस्थित थे।
प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती शाजिया इल्मी ने कहा कि जब से कोर्ट ने निर्भया के दोषियों के फांसी की तारीख तय की है तब से केजरीवाल सरकार उन आरोपियों को बचाने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रही है। आज दिल्ली सरकार की पूर्व सरकारी वकील इंदिरा जयसिंह का बयान सामने आया है कि निर्भया के दोषियों को माफ कर देना चाहिए। ये वहीं इंदिरा जयसिंह हैं जिसके घर पर सीबीआई की रेड पड़ी थी तो केजरीवाल केंद्रीय एजेंसी के खिलाफ उतर आए थे। जब पूरा देश और निर्भया का परिवार उन दरिंदों की फांसी का इंतजार कर रहा है तो ऐसे में केजरीवाल के करीबियों का ऐसा बयान सामने आना ये साबित कर रहा है केजरीवाल सरकार को निर्भया के दोषियों से हमदर्दी है और वो इन दरिंदों को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। राज्य सरकार के अधीन तिहाड़ जेल की प्रशासन की जिम्मेदारी थी कि अभियुक्तों को नोटिस भेजा जाए, लेकिन अहंकारी केजरीवाल ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया और इसे लटकाते रहे।
श्रीमती इल्मी ने कहा कि रोते हुए निर्भया की मां ने भी इंदिरा जयसिंह के बयान पर विरोध जताया है और साफ-साफ कह रही हैं कि दिल्ली सरकार नहीं चाहती है कि निर्भया को न्याय मिले। केजरीवाल का ये रवैया उनकी संकीर्ण मानसिकता और महिला विरोधी छवि को प्रदर्शित कर रहा है। अपने राजनीतिक फायदे के लिए केजरीवाल सरकार दोषियों के बचाव में उतर आई है। मैं पूछना चाहूंगी कि क्या केजरीवाल देश की बेटियों को न्याय दिलाने के लिए गंभीर नहीं है? क्या केजरीवाल अपनी तुच्छ राजनीति के लिए देश की बेटी के हत्यारों के साथ खड़े हैं?

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