मादक पदार्थों का सेवन पूरे विश्व के लिए अभिषाम के समापन है : अमित शाह

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विज्ञान भावन में नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के संबंध में बिम्सटेक (बहु-क्षेत्रीय तकनीक और आर्थिक सहयोग के लिए बंगाल की खाड़ी पहल) सहयोगी देशों के सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस मौके पर बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि यह मंच सभी सदस्य देशों को मादक पदार्थों की तस्करी के बढ़ते खतरों और विभिन्न देशों द्वारा अपनाई गई सर्वोत्तम प्रथाओं से सीख लेकर इन खतरों को समाप्त करने के लिए आवश्यक सामूहिक कदमों के बारे में बातचीत करने का अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस सम्मेलन के आयोजन से मादक पदार्थों की तस्करी की गंभीर समस्या के निराकरण में बहुत सारे नए रास्ते खुलेंगे।
अमित शाह ने कहा कि अगस्त 2018 में नेपाल की राजधानी काठमांडू में आयोजित शिखर सम्मेलन में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मादक पदार्थों की तस्करी के खतरे से निपटने के लिए बिम्स्टेक देशों के सम्मेलन का विचार रखा था और आज वह विचार साकार हो रहा है। श्री शाह का कहना था कि श्री मोदी ने मादक पदार्थों की तस्करी एवं व्यापार कंट्रोल करने के लिए जो नीति बनाई है उससे भारत में मादक पदार्थों को आने भी नहीं दिया जाएगा और भारत से कहीं पर जाने भी नहीं दिया जाएगा। उनका कहना था कि पूरी दुनिया में मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए एकजुट होना आवश्यक है और भारत इस कार्य के लिए विश्व का नेतृत्व करने के लिए तैयार है। श्री शाह ने कहा कि भारत ने बहुत कम समय के अंदर ही देश में नारकोटिक्स कंट्रोल के प्रति कई महत्वपूर्ण कदम उठाएं हैं जिनका सकारात्मक प्रभाव सामने आया है। श्री शाह ने बताया कि एक रिपोर्ट के अनुसार दुनिया की कुल आबादी के लगभग 5 प्रतिशत लोग मादक पदार्थों के प्रभाव से ग्रसित हैं अर्थात विश्व के 27 करोड़ से अधिक लोग ऐसे पदार्थों की आदतों से घिरे हुए हैं, जो गंभीर चिंतन का विषय है। उन्होंने यह भी बताया कि इसमें बहुत तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है, सन 2009 में आंकड़ा करीब 21 करोड था और 10 साल में यह बढ़कर 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 27 करोड़ तक पहुंचा है। नशे के कारण लाखों लोगों की मृत्यु होती है। मादक पदार्थों का सेवन पूरे विश्व के लिए एक अभिशाप के समान है।

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