नहीं रहे देश के हरदिल अजीज ,राजनीति के शिखर पुरुष ‘अटल बिहारी वाजपेयी’

नई दिल्ली, 16 अगस्त । लंबी बीमारी से जूझ रहे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। अटल के निधन की खबर सुनने के बाद पूरे देश में शोक की लहर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनकी प्रेरणा, मार्गदर्शन हर भारतीय को, हर बीजेपी कार्यकर्ता को हमेशा मिलता रहेगा। बता दें कि रुटीन चेकअप के लिए अटल बिहारी वाजपेयी को सोमवार को एम्स लाया गया था, जहां पर उनका डायलिसिस हुआ। बताया जा रहा है कि उन्हें यूरिन इन्फेक्शन था। वो लंबे वक्त से बीमार थे और 2009 से व्हील चेयर पर थे।

अटल के निधन के बाद उनके आवास में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। एम्स के बाहर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। राष्ट्रपति रामनाथ कोलविंद ने भी अटल को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री व भारतीय राजनीति की महान विभूति श्री अटल बिहारी वाजपेयी के देहावसान से मुझे बहुत दुख हुआ है। विलक्षण नेतृत्व, दूरदर्शिता तथा अद्भुत भाषण उन्हें एक विशाल व्यक्तित्व प्रदान करते थे। उनका विराट व स्नेहिल व्यक्तित्व हमारी स्मृतियों में बसा रहेगा।

पिछले कई महीनों से अटल की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई थी। उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम में रखा गया था। बता दें भारतीय राजनीतिक के इतिहास में अटल बिहारी वाजपेयी पहले ऐसे नेता थे, जो गैर-कांग्रेस होते हुए प्रधानमंत्री बने। कवि और पत्रकार अटल बिहारी वाजपेयी जब राजनीति में आए थे तब उनके भाषण उनकी पहचान बनी थी।

संसद में ऐतिहासिक भाषण देने वाले अटल बिहारी वाजपेयी ने 2007 में अपना आखिरी राजनीतिक भाषण पंजाब के अमृतसर में दिया था। दरअसल, 2004 के लोकसभा चुनाव में अमृतसर सीट से बीजेपी के टिकट पर पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू ने चुनाव लड़ा था और वह जीत गए थे। इसके बाद उनके एक आरोप लगा और उन्हें इस्तीफा देना पड़ा, जिसके बाद 2007 में यहां उपचुनाव हुए। इस उपचुनाव में ही अटल बिहारी वाजपेयी सिद्धू के लिए वोट की अपील करने पहुंचे थे और फरवरी 2007 में अपना आखिरी चुनावी भाषण दिया था।

बता दें अपने अखिरी चुनावी भाषण में अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था कि मुझे ये सुनकर हैरानी हुई कि कांग्रेस के नेताओं ने यहां आतंकवाद का हौवा खड़ा करने की कोशिश की है। आतंकवाद की चर्चा करना ये दिखाता है कि वोट के लिए कहां तक गिरा जा सकता है। लेकिन हमें मिलकर पंजाब और देश को बनाना है।

(वेबवार्ता)

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