सोशल मीडिया पर दंगा की फर्जी खबरें व अफवाहें फैलाने वालों की शिकायत ई-मेल dvscommittee@delhi.gov.in और वाट्सऐप नंबर 8950000946 पर कर सकते हैं

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा की शांति एवं सदभाव समिति ने मंगलवार को दूसरी बैठक की। बैठक के बाद समिति ने दो धर्मों के बीच नफरत, घृणा फैलाने वालों की सूचना देने के लिए एक ई-मेल आईडी और वाट्सऐप नंबर जारी किया है। इस ई-मेल और वाट्सऐप नंबर पर कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर दो धर्मों के बीच दंगा कराने के उद्देश्य से फर्जी खबरें या अफवाहें फैलाने वालों की स्क्रीन शाॅट लेकर शिकायत कर सकता है। सूचना देने वाले व्यक्ति को 10 हजार रुपय देकर पुरस्कृत किया जाएगा। इसके अलावा समिति ने आगामी 5 मार्च को दंगा प्रभावित सभी 6 विधानसभा क्षेत्रों में शांति बैठक करने का फैसला लिया है। इस बैठक में सभी 6 विधायक, समिति के सदस्य, दिल्ली पुलिस कमिश्नर और स्थानीय धार्मिक व सम्मानित लोग शामिल होंगे।
दिल्ली विधानसभा की शांति व सदभाव समिति के चेयरमैन श्री सौरभ भारद्वाज ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते कहा कि शांति एवं सदभाव समिति की मंगलवार को दूसरी बैठक हुई। पहली बैठक के बाद सोमवार को हमने सोशल मीडिया पर फर्जी खबरें व अफवाहें फैलाने वालों की शिकायत करने के लिए ई-मेल आईडी और फोन नंबर जारी करने की बात कही थी। समिति ने दूसरी बैठक में ई-मेल आईडी और फोन नंबर जारी करने का फैसला लिया है। इस फोन नंबर और ई-मेल आईडी पर कोई भी वाट्सऐप, फेसबुक और ट्वीटर या किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर कोई ऐसा मैसेज भेजता है या शेयर करता है, जिससे दो धर्म के लोगों के बीच दुश्मनी की भावना पैदा होती है, तो उसकी कोई भी व्यक्ति दिल्ली विधानसभा की समिति से ई-मेल आईडी और वाट्सऐप नंबर पर शिकायत कर सकता है। समिति ने इसके लिए ईमेल आईडी dvscommittee@delhi.gov.in और वाट्सऐप नंबर 8950000946 जारी किया है। दिल्ली विधानसभा से डीवीएस बना है। वाट्सऐप नंबर पर दंगा भड़काने वाले मैसेज का स्क्रीन शाॅट लेकर भेज सकते हैं।
देश में पहली बार, सोशल मीडिया पर फर्जी खबरें या अफवाहें फैलाने वालों की सूचना देने वाले व्यक्ति को शांति एवं सदभाव समिति की ओर से 10 हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी।
समिति के चेयरमैन सौरभ भारद्वाज ने कहा कि समिति के सदस्यों ने बैठक में कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए हैं। एक सुझाव आया है कि ई-मेल आईडी और वाट्सऐप नंबर की जानकारी हर व्यक्ति को दी जाएगी। इसके लिए अखबार, रेडियो, माॅस एसएमएस, होर्डिंग्स, यूनिपोल्स, सरकारी बिल्डिंग्स, स्कूल काॅलेज, आइएसबीटी, रेलवे स्टेशन समेत सभी स्थानों पर होर्डिंग्स लगाकर इसकी जानकारी दी जाएगी। धार्मिंक स्थानों पर भी इसकी जानकारी देने के लिए होर्डिंग्स लगाई जाएंगी।
समिति के चेयरमैन सौरभ भारद्वाज ने कहा कि समिति के सदस्यों ने सुझाव दिया कि जिन इलाकों में अभी हाल में दंगे हुए थे, वह इलाके 6 विधानसभा क्षेत्रों में आते हैं। उन 6 विधानसभा के सभी 6 विधायक और वहां के धार्मिक लोग,, जिनकी लोग बात मानते हैं, उन लोगों की वहां पर शांति बैठक बुलाई जाए, ताकि लोगों के अंदर शांति और सौहार्द का संदेश दिया जाए। अभी कमिटी ने तय किया है कि 5 मार्च को बैठक की जाएगी। बैठक में समिति ने चिंता जताई कि 10 मार्च को होली है और कई बार ऐसा देखा जाता है कि त्योहारों के आसपास, उस समय सामुदायिक तनाव बढ़ता है। चाहे वो किसी भी धर्म का त्योहार हो। इसी को देखते हुए कोशिश की गई है कि होली से पहले जुमे की जो नमाज होती है, उससे पहले 5 मार्च को धर्म गुरुओं के साथ हमारे सभी 6 विधायक बैठक करेंगे। विधानसभा की शांति एवं सदभाव समिति भी इस बैठक में भाग लेगी। उस बैठक के अंदर पूरे इलाके में शांति का संदेश दिया जाएगा। होली के मद्देनजर समिति ने कुछ और फैसले लिए हैं। होली के दौरान पुलिस को अलर्ट करने की बात कही गई है। इसके अलावा भी कुछ मुद्दों पर विचार किया गया है, जिसमे समिति अलग-अलग अथाॅरिटी से बात करेगी। दंगा प्रभावित क्षेत्रों में होने वाली शांति बैठक में हम दिल्ली पुलिस कमिश्नर को भी बुलाएंगे। ताकि उन इलाकों में बड़ा संदेश जा सके।
दिल्ली में हुए दंगे के मद्देनजर दिल्ली विधानसभा की शांति एवं सदभाव समिति का गठन किया गया है। सोमवार को समिति की पहली बैठक हुई थी। समिति ने फैसला लिया है कि दो धर्मों के बीच दंगा भड़काने के लिए कोई भी व्यक्ति वाट्सऐस, फेसबुक व ट्वीटर समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर फर्जी खबरें या अफवाहें फैलाता है, तो उसे अब तीन साल की सजा होगी। समिति के चेयरमैन सौरभ भारद्वाज का कहना कि समिति के पास एक लीगल एक्सपर्ट टीम होगी। एक्सपर्ट बताएंगे कि वायरल मैसेज के अंदर कोई अपराध बन रहा है या नहीं। समिति एक एजेंसी भी हायर करेगी, जो तथ्यों की जांच करेगी और बताएगी कि वह खबर असली है या फर्जी है। एजेंसी की तलाश शुरू कर दी गई है।

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