दिल्ली में नहीं लागू होगा दुकानों को खोलने का फैसला, व्यापारियों में असमंसज बरकार

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार केंद्र सरकार के कुछ शर्तों के साथ दुकानों को खोलने के फैसले को अभी लागू नहीं करेगी। स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने शनिवार को कहा कि अभी इस पर कोई फैसला नहीं किया गया है। शाम तक विचार करने के बाद ही कोई अंतिम फैसला लिया जाएगा। दिल्ली कोरोना वायरस संक्रमण के मामले में देश में तीसरे स्थान पर है। यहां 2514 संक्रमित हैं और 53 लोगों की मौत हुई है। राजधानी में वायरस को देखते हुए 92 नियंत्रण जोन बनाये गये हैं जो सील हैं।
सूत्रों ने कहा कि दिल्ली में कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए लॉकडाउन में किसी भी प्रकार की ढील दे पाना संभव नहीं लगता है। गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कुछ शर्तों के साथ नगर निगम और नगर पालिका के अंदर और बाहर आने वाली दुकानों को खोलने की अनुमति दी है।

कागज और स्टेशनरी कारोबारी फिलहाल नहीं खोलेंगे दुकान

दिल्ली में कागज और स्टेशनरी के कारोबारी दुकानें खोलने को लेकर फिलहाल असमंजस में हैं। एक ओर जहां केंद्र सरकार ने दुकानें खोले जाने को लेकर नोटिफिकेशन जारी किया है, वहीं इन व्यापारियों को अभी तक दिल्ली सरकार की ओर से ऐसी कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है। दिल्ली पेपर मर्चेंट्स एसोसिएशन ने दिल्ली सरकार का आदेश आने तक दुकानें नहीं खोलने का निर्णय लिया है।
दिल्ली पेपर मर्चेंट्स एसोसिएशन के महामंत्री पीयूष जैन ने सभी सदस्य दुकानदारों को एक मैसेज भेजते हुए कहा कि एसोसिएशन के सभी सदस्यों से अनुरोध है कि केंद्र सरकार द्वारा जारी किया गया आदेश जोकि 24 अप्रैल 2020 का है जिसमें केवल ग्रीन जोन स्थित एकल दुकानें शर्तों के साथ खोलने के लिए आदेश किया गया है, से अभी कोई भी कार्रवाई तत्काल न करें। इस आदेश के परिप्रेक्ष्य में अभी दिल्ली सरकार इसे नोटिफाई करके एक और आदेश करेगी, वह आदेश प्रभावी होगा तब तक के लिए प्रतीक्षा करें।

स्कूली छात्रों पर पड़ेगा अधिक असर

कागज व्यापारियों के इस कदम का सबसे ज्यादा असर स्कूली छात्रों पर पड़ेगा। कागज कारोबार बंद होने के कारण छात्रों को नोटबुक्स एवं अन्य प्रकार की स्टेशनरी मिलने में दिक्कतें पेश आ सकती हैं।
दिल्ली में कागज की सबसे बड़ी मार्केट चावड़ी बाजार के सभी व्यापारियों को एसोसिएशन के इस निर्णय से अवगत कराया गया है जिसके बाद यहां कारोबारियों ने फिलहाल दुकान न खोलने का फैसला किया है।
(साभार: हिन्दुस्तान टाइम्स)

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