दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अंबेडकर नगर और इंदिरा गांधी अस्पताल, द्वारका का दौरा किया

नई दिल्ली। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौ0 अनिल कुमार ने दिल्ली के मुख्यमंत्री श्री अरविन्द केजरीवाल पर आरोप लगाया कि वे कोविड मरीजों के लिए प्राईवेट जगहों पर बेड का इंतजाम करके पब्लिक का पैसा बर्बाद कर रहे है जबकि दिल्ली में तीन नए अस्पताल कई महीने से बनकर तैयार है। 600 बेड वाले अम्बेडकर नगर अस्पताल और 1725 बेड के द्वारका स्थित इन्दिरा गांधी अस्पताल का दौरा करने के बाद चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि अम्बेडकर नगर का अस्पताल पूरी तरह से तैयार है सिर्फ उद्घाटन करने की देर है और द्वारका में इन्दिरा गांधी अस्पताल का 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार पिछले तीन महीनों से राजधानी में कोविड मरीजों के लिए बेडों की कमी का लागातर रोना रो रही है जबकि अस्पतालों के शेष कार्य को पूरा करके बेडों की कमी को आसानी से पूरा कर सकती थी।
यह याद दिलाते हुए कि 15 जून, 2020 को गृहमंत्री श्री अमित शाह के साथ सर्वदलीय बैठक हुई थी, जिसमें चौ0 अनिल कुमार ने अम्बेडकर नगर, बुराड़ी अस्पताल और द्वारका में इन्दिरा गांधी अस्पताल जिनमें बेडों की संख्या 2609 से भी अधिक है, इनका कोविड मरीजों के इलाज के इस्तेमाल नही किया, जबकि राजधानी में कोविड महामारी के हालात को देखते हुए इनका कार्य युद्धस्तर पर करके इनका उद्घाटन किया जा सकता था। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह ने इस पर गौर करने के लिए विश्वास दिलाया था, क्योंकि केजरीवाल सरकार की अस्पतालों मे मामले मे बड़ी चूक थी। उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने जनता के स्वास्थ्य की प्राथमिक उपचार के लिए जो मौहल्ला क्लीनिकों को खोला था, कोविड संकट के दौरान इनमें ताले पड़े हुए है।
चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि केजरीवाल कोविड संकट का हल निकालने के लिए कुछ किए बिना लगभग तीन महीने तक अपने सरकारी बंगले में ही आराम फरमा रहे थे और अब जब कोविड संकट की स्थिति दिल्ली सरकार के हाथों से निकल गई है, तो महामारी के तेजी से फैलने के बाद केजरीवाल रेलवे की बोगियों, स्टेडियमों, बैंक्वेट हॉल, होटलों और धार्मिक स्थलों में बेड की व्यवस्था करने के लिए इधर-उधर भाग रहे है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल के इस तरह के निर्णयों से न केवल निजी संस्थाओं को लाभ और संरक्षण देने में मदद मिलेगी, बल्कि वह खुद को अपनी जिम्मेदारी से मुक्त करके साफ निकलना चाहते हैं, और अपनी असफलताओं के लिए दूसरों को दोषी ठहरा सकते हैं।
चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि भले ही कोविड मरीजों के लिए होटल, बैक्वंट हॉल और अन्य प्राईवेट जगहों का इंतजाम करने के लिए पैसा खर्च कर रहे है परंतु यह तीनों अस्पताल लम्बे समय से बनकर तैयार है, ये तीनो नए अस्पताल है और दिल्ली के लोगों के लिए इनमें स्थायी निवेश किया जा सकता है।
चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि द्वारका स्थित इन्दिरा गांधी अस्पताल के निर्माण की शुरुआत का उद्घाटन दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती शीला दीक्षित ने किया था, और अम्बेडकर नगर अस्पताल की शुरुआत 2013 में की और यह अस्पताल बन कर लम्बे समय से तैयार है, लेकिन दिल्ली में जब से केजरीवाल सरकार सत्ता में आई है, अस्पतालों के प्रोजेक्ट को पूरा करने में देरी की गई। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी संकट के दौरान केजरीवाल सरकार पब्लिक का पैसा अपने प्रचार में प्रीटिंग पोस्टर, बैनर और विज्ञापन देकर बर्बाद कर रही है, जबकि इसी पैसे को कोविड मरीजों के लिए बेड और सरकारी अस्पतालों के स्वास्थ्य इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार किया जा सकता था।
चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि होम आइसोलेशन में उपराज्यपाल और केजरीवाल दोनो के मतों में विरोधाभास है। पहले केजरीवाल ने कम लक्षण या बिना लक्षण के मरीजों को घर पर आइसोलेशन की सलाह दी जिसको उपराज्यपाल ने खारिज कर दिया फिर उपराज्यपाल ने अपने निर्णय में बदलाव करके होम आइसोलेशन को जारी रखने के आदेश कर दिए। उन्होंने कहा कि इससे दिल्ली के लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है कि कोरोनो से निपटने के लिए दिल्ली सरकार और केन्द्र सरकार के क्या समन्यवय हुआ है? उन्होंने कहा कि भाजपा और आम आदमी पार्टी एक दूसरे पर आरोप लगाते है परंतु जब भी बैठक में आपस मिलते है एक दूसरे की पीठ थपथपाते है और दिल्ली के लोग दुविधा में फंसे हुए है जिनको कोरोना के दिशा निर्देशों का पालन करना है।

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