दिल्ली सरकार ने नहीं बल्कि भारतीय जनता पार्टी सांसद ने लगवाया स्मॉग टावर : भाजपा

http://beanandcod.com/14-cat/casino_35.html नई Kunshan shane warne poker दिल्ली । दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए दिल्ली सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। वहीं दिल्ली भाजपा अध्यक्ष  gold valley online gambling Herrenberg आदेश namoro animal Sint-Pieters-Leeuw गुप्ता एवं पूर्वी दिल्ली से सांसद  legal betting states गौतम team roulette गंभीर ने घातक प्रदूषण और धुंधले बादलों से दिल्लीवासियों को सुरक्षित रखने के लिए गांधी नगर चैराहे पर लगाए गए एयर प्यूरीफायर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रदेश मीडिया प्रमुख नवीन कुमार, जिला अध्यक्ष रामकिशोर शर्मा, जिला महामंत्री दीपक गाबा, निगम पार्षद रोमेश गुप्ता, कंचन माहेश्वरी, ह्रिदयेश अग्रवाल, श्याम सुंदर अग्रवाल, भागवत रस्तोगी, भूषण ठक्कर, महेंद्र लड्ढा उपस्थित थे।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि सांसद गौतम गंभीर द्वारा ज्यादा से ज्यादा एयर प्यूरीफायर लगवाने का निर्णय अत्यंत सराहनीय है और इस कदम के लिए मैं गौतम गंभीर फाउंडेशन एवं उनकी पूरी टीम को बधाई देता हूं। दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बद से बदतर होता जा रहा है, यह प्युरीफायर हवा को स्वच्छ करने का काम कर इलाके में प्रदूषण के स्तर को कम करने में मदद करेगा। दिल्ली सरकार को गौतम गंभीर के इस कदम से सीख लेने की सलाह देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री केजरीवाल को भाजपा के सांसदों की कार्यप्रणाली से सीखने की जरूरत है। पिछले वर्ष प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री केजरीवाल बड़े जोर शोर के साथ दावा किया था कि दिल्ली के हर वार्ड में स्मॉग टावर लगाए जाएंगे, इस वर्ष भी उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यही बातें दोहराई लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई भी कार्य शुरू भी नहीं किया गया है। मुख्यमंत्री केजरीवाल की स्क्रिप्ट बार-बार दोहराते हैं लेकिन उसके मुताबिक कभी काम नहीं करते हैं।

आदेश गुप्ता ने कहा कि 2018 में दिल्ली सरकार ग्रीन बजट लेकर आई थी जिसके तहत 26 प्रमुख वादे किए गए थे लेकिन दिल्ली सरकार की काम करने की कोई मंशा नहीं थी इसलिए किसी भी वादे को पूरा नहीं किया, न सड़कों पर इलेक्ट्रिक बसें दिखी, दो करोड़ में से एक भी पेड़ नहीं लगाए गए, बस चैक चैराहों पर मुख्यमंत्री केजरीवाल के चमकते चेहरे की होर्डिंग और चैक-चैराहों पर प्लेकार्ड लिए लोग ही दिख रहे हैं। क्या मुख्यमंत्री केजरीवाल प्ले कार्ड दिखाकर प्रदूषण को नियंत्रित कर लेंगे? उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के पास 1087 करोड़ रुपए का ग्रीन सेस है लेकिन मुख्यमंत्री केजरीवाल प्रदूषण नियंत्रण के लिए इसे खर्च करने की बजाय प्रचार पर खर्च करना जरूरी समझते हैं। दिल्ली सरकार से आग्रह है कि प्रचार-प्रसार से बहार निकल कर धरातल पर उतरकर प्रदूषण से निपटने के लिए कुछ ठोस कदम तुरंत उठाए।

आदेश गुप्ता ने कहा कि तीनों नगर निगम जो भी कार्य दिल्लीवासियों को सुरक्षित रखने के लिए कर रहे हैं उसका श्रेय भी मुख्यमंत्री केजरीवाल ले रहे हैं लेकिन निगम कर्मचारियों को वेतन देने के लिए निगम का 13000 करोड़ रुपए का फंड नहीं दे रहे हैं। पर्व त्यौहार में भी मुख्यमंत्री केजरीवाल ने अपनी संवेदनहीनता नहीं छोड़ी है। उन्होंने पूछा कि मुख्यमंत्री केजरीवाल बताएं कि क्या कोरोना योद्धा के रूप में काम करने वाले डॉक्टर, नर्स, स्वास्थ्य कर्मी, सफाई कर्मी, शिक्षक एवं अन्य निगम कर्मचारियों को दिवाली मनाने का अधिकार नहीं है? वेतन रोक कर दिल्ली सरकार निगम कर्मचारियों से किस गलती का बदला ले रही है? क्या मुख्यमंत्री केजरीवाल में अभी भी इतनी नैतिकता बाकी नहीं है कि वह निगम कर्मचारियों को वेतन देने के लिए निगम का बकाया फंड जारी कर दें ताकि निगम कर्मचारी भी खुशी से पर्व त्योहार मना सकें?

पूर्वी दिल्ली सांसद गौतम गंभीर ने कहा कि पहले लाजपत नगर के सेंट्रल मार्केट में लगे एयर प्यूरीफायर के बाद गांधीनगर मैं लगा एयर प्यूरीफायर दूसरा होगा जो हर दिन स्वच्छ हवा के 2 लाख एम 3 वितरित करेगी। इन एयर प्यूरीफायर का आस-पास के इलाकों में रहने वाले लोगों पर बड़ा असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हर चैक चैराहे पर प्लेकार्ड के साथ अपने लोगों को खड़ा करने से प्रदूषण की समस्या का समाधान नहीं होगा। खुद के प्रचार प्रसार के लिए मुख्यमंत्री केजरीवाल करोड़ों खर्च करते हैं लेकिन उस राशि का उपयोग करके अधिक से अधिक स्प्रिंकलर मशीन या कृत्रिम बारिश के लिए उपयोग नहीं करते हैं। उन्होंने इस घातक प्रदूषण से लड़ने के नए तरीके खोजने के लिए किसी बड़े पर्यावरण निकाय से परामर्श करने की भी जहमत नहीं उठाई। उन्होंने कहा कि वायु की गुणवत्ता को सही करने के लिए मुख्यमंत्री केजरीवाल पूरे काम नहीं करते हैं लेकिन त्योहारों पर प्रतिबंध जरूर लगा देते हैं और पटाखे व्यापारियों की रोजी-रोटी छीन लेते है। इस महामारी के समय दुकानदारों और व्यापारियों को बहुत नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री केजरीवाल को शुरू से ही अपनी नीति स्पष्ट करनी चाहिए थी। गौतम गंभीर ने कहा कि आम आदमी पार्टी हमसे एमसीडी को उन्हें सौंपने के लिए कह रहे हैं, इसके बजाय उसे दिल्ली सरकार को हमें सौंप देना चाहिए।  हम शहर में वायु प्रदूषण से लड़ने के लिए मुख्यमंत्री केजरीवाल के बड़े पैमाने पर विज्ञापन फंड के प्रत्येक पैसे को सही कार्यों में खर्च करने का वादा करते हैं। प्रदेश मीडिया प्रमुख नवीन कुमार ने कहा कि दिल्ली के पार्कों मे पौधों के लिए केजरीवाल सरकार ने बोरवेल से पानी बंद कर दिया लेकिन मनीष सिसोदिया अपने क्षेत्र मे स्विमिंग पूल बना रहे है। आम आदमी पार्टी के पार्षदों के क्षेत्रों मे गंदगी के अम्बार लगे हैं और भाजपा के पार्षद सड़कों पर कूड़ा उठाने मे रात दिन लगे है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »