मनीष सिसोदिया ने नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी का उद्घाटन किया

नगर संवाददाता
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने दिल्लीवालों एक नई टेक्निकल यूनिवर्सिटी समर्पित की है। दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने बुधवार को नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (एनएसयूटी) का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा, “बेहद खुशी की बात है कि आज दिल्ली को एक टेक्निकल यूनिवर्सिटी मिल रही है लेकिन अब इस यूनिवर्सिटी को विश्वस्तरीय बनाने का जिम्मा यहां के स्टूडेंट्स, फैकल्टी और वाइस चांसलर के ऊपर है। सरकार का काम यूनिवर्सिटी बनाना था। सरकार ने वो काम किया। अब इसे विश्व स्तरीय बनाने का जिम्मा आप सभी के ऊपर है।“
इसे यूनिवर्सिटी बनाने की पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए उप-मुख्यमंत्री ने कहा, “जब नई सरकार बनती है तो मंत्रियों के पास उसके संबंधित विभाग के अधिकारी प्रेजेंटेशन पेश करते हैं और बताते हैं कि हम क्या-क्या कर रहे हैं। 14 फरवरी, 2015 से 13 मार्च, 2015 तक मेरे सामने भी एजुकेशन डिपार्टमेंट से जुड़ी अनेक प्रेजेंटेशन दिखाई जाती रहीं। लेकिन 14 मार्च, 2015 को मैंने शिक्षा विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारियों और विभिन्न एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स के प्रमुखों की मीटिंग बुलाई। मैंने उन लोगों के सामने दिल्ली के एजुकेशन के लिए एक विजन रखा। लेकिन मुझे लगा कि ये तो एकतरफा हो गया। मैंने विजन रख दिया और सबने सुन लिया। जब तक दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी लोग दिल्ली और देश की शिक्षा में अपना रोल नहीं समझेंगे, तब तक कुछ नहीं होगा। इसलिए 2 अप्रैल को शिक्षा विभाग के सभी बड़े अधिकारी और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई अहम लोग रायपुर के गांव में बैठ गये। हम वहां एक ऐसे संस्थान में रहे जो शिक्षा पर काम करता है।
हम वहां 7 दिन रहे। वहां इस पर चर्चा हुई कि शिक्षा को लेकर आप क्या सोचते हैं और हम क्या सोचते हैं। उसी 7 दिन के दौरान हमने एनएसयूटी का सपना देखा। अप्रैल, 2015 में हमने एनएसयूटी का सपना देखा और अगस्त, 2015 में दिल्ली सरकार की कैबिनेट से इसका बिल पास कर दिया। ये इस बात का सबूत है कि हमारी सरकार कितनी तेजी से काम करती है। लेकिन इसके बाद केंद्र सरकार ने इस बिल को मंजूरी देने में 2.5 साल से ज्यादा लगा दिये। इसलिए हमारे दिल्ली के बच्चों को एनएसयूटी मिलने में इतना वक्त लग गया।“ शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने ये भी कहा कि हमने दिल्ली सरकार के सभी एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स के प्रमुखों से कहा है कि वो अपने संस्थान को विश्व के टॉप 10 में कैसे ला सकते हैं, इसका एक विजन दें। सरकार पैसे की कोई कमी नहीं होने देगी।
नेताजी सुभाष टेक्निकल यूनिवर्सिटी बनने के बाद यहां अब 12,000 स्टूडेंट्स पढ़ाई कर सकेंगे। पहले यहां कुल सीटों की संख्या 3700 थी। इससे इंजीनियरिंग के फील्ड में जाने वाले स्टूडेंट्स को दिल्ली से बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सीटों में इजाफे के अलावा यहां एमएससी भी शुरू किया जाएगा। इसके अलावा बीटेक और एमटेक में नये प्रोग्राम शुरू किये जाएंगे।
शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने रिसर्च के स्टूडेंट्स से विशेष रूप से कहा कि किसी यूनिवर्सिटी का नाम सिर्फ इस बात पर निर्भर नहीं है कि वहां के बच्चों के कितने का पैकेज मिला, क्योंकि पैकेज तो ऊपर-नीचे होता रहता है। किसी यूनिवर्सिटी की पहचान इस बात पर निर्भर है कि वहां से रिसर्च के फील्ड में क्या काम हुआ। इसलिए एनएसयूटी के रिसर्च स्टूडेंट्स पर एक बड़ी जिम्मेदारी है।

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