ऐतिहासिक पुराना किला परिसर में एनबीसीसी द्वारा पुनर्विकसित झील जनता को समर्पित

नगर संवाददाता
नई दिल्ली। ऐतिहासिक पुराना किला परिसर में अब नई झील का दीदार किया जा सकेगा। पुनर्विकास के बाद केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति राज्यमंत्री डॉ. महेश शर्मा ने इस झील का शुभारंभ किया। साथ ही झील परिसर में संग्रहालय और व्याख्यान केंद्र का भी उद्घाटन किया गया। डॉ. शर्मा ने कहा कि भारतीय संस्कृति और पर्यावरण का रिश्ता कुछ ऐसा है जो सवा सौ करोड़ देशवासियों को एक सूत्र में बांधे हुए है। इसी रिश्ते से विश्व भर में भारत और भारतीयता का सम्मान बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली का इतिहास इसके बिना अधूरा है। यहां जब विभिन्न राज्यों के पर्यटक आएंगे तो उन्हें अपने इतिहास के बारे में भी जानने का मौका मिलेगा। इस मौके पर सांसद मीनाक्षी लेखी, संस्कृति सचिव अरुण गोयल, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) की महानिदेशक ऊषा शर्मा और राष्ट्रीय भवन निर्माण निगम (एनबीसीसी) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. अनूप कुमार मित्तल सहित अन्य गणमान्य अतिथि भी मौजूद थे। एएसआइ की महानिदेशक ऊषा शर्मा ने बताया कि पुनर्विकास का यह कार्य 30 करोड़ रुपये की लागत से हुआ है। 15 करोड़ रुपये एएसआइ ने और इतनी ही राशि एनबीसीसी ने झील के पुनर्विकास पर खर्च किए। मई में कार्य शुरू हुआ था जो रिकॉर्ड समय चार महीने के भीतर पूरा हो गया। उन्होंने बताया कि पर्यटकों को झील के दीदार के लिए 20 रुपये का टिकट लेना होगा। झील परिसर में खाने-पीने का सामान ले जाने पर प्रतिबंध है। उन्होंने बताया कि किले के अंदर लाइटिंग व्यवस्था और संग्रहालय बनाने पर काम चल रहा है। अगले माह तक संग्रहालय तैयार हो जाएगा। यहां होने वाले लाइटिंग शो को भी नया रूप दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि लालकिला के अंदर भी पांच संग्रहालय बनाए जाएंगे।

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