जब चले पर्यटन के लिए

गर्मियों की छुट्टियों में रितिका परिवार के साथ घूमने गई थी लेकिन जिस उमंग के साथ वह पर्यटन के लिए गई थी, उससे भी ज्यादा उदासीन होकर वह वापस लौटी। दरअसल रितिका ने अपने पति और बच्चों के साथ मिलकर यह सलाह नहीं की थी कि कहां-कहां घूमना है, कितने समय के लिए घूमना है। उनका घूमने का कार्यक्रम इतनी जल्दी में बना था कि वह पर्यटन पर जाने के लिए पैकिंग भी सही ढंग से नहीं कर पाई थी जिससे वह कितना ही जरूरत का सामान घर भूल गई थी। इससे उन्हें घूमने में वह मजा नहीं आया जिसे वे सोच रहे थे।

पर्यटन जाने का सोचने भर से काम नहीं चलता। इसका पूरा लुत्फ उठाने के लिए पहले यह योजना बना लें कि पर्यटन के लिए कहां एवं कब जाना है। किसी तीर्थस्थल पर जाना है या पहा$डी जगह पर अथवा किसी समुद्री इलाके की सैर करनी है, इसके विषय में परिवार के सभी सदस्यों की हां होनी जरूरी है ताकि वे भी अपनी पसंद से घूम सकें। तीर्थस्थानों में ऋषिकेश, हरिद्वार, चारधाम की यात्रा, पुष्कर आदि प्रमुख हैं। पर्यटन के लिए पहा$डी इलाकों में माउंट आबू, डलहौजी, कुल्लू-मनाली, दार्जिलिंग आदि मुख्य हैं जबकि समुद्री स्थलों में गोवा और कन्याकुमारी प्रमुख हैं।

घूमने की जगह तय होने के बाद वहां स्थित पर्यटन स्थलों की एक लिस्ट बना लेंं। यह तय कर लें कि किन स्थानों पर वहां घूमना है एवं कितने घंटे घूमना है जिससे अधिक थकान भी न हो और वहां का खर्च आपके बजट में भी समा जाये।

कितना समय घूमने में बिताना है एवं कितने घंटे फिर एक-दूसरे के साथ बिताने हैं, इन सब बातों को पहले ही डिसाइड कर लें।

सब कुछ तय कर लेने के बाद बारी आती है पैकिंग की यानी पर्यटन पर ले जाने के लिए आवश्यक सामान को पैक करना। इसके लिए सबसे पहले उस सामान की लिस्ट बना लें जो वहां आपकी जरूरत का होगा और जिसे आप अपने साथ ले जायेंगे। इससे कोई सामान छूटेगा नहीं। पैकिंग में बच्चों की सहायता लें जिससे उनमें कार्य करने की भावना और जिम्मेदारी का विकास होगा। बच्चों को पर्यटन पर जाने से पूर्व अनुशासन की जानकारी भी दें जिससे वे मुफ्त की परेशानियों में नहीं प$डेंगे एवं हमेशा सावधानी बरतेंगे। पर्यटन स्थल की सांस्कृतिक गतिविधियों से स्वयं भी परिचित रहें और बच्चों को भी इसकी जानकारी दें। इससे उनका ज्ञान ब$ढेगा। साथ ही उनमें जिज्ञासु प्रवृत्ति का विकास होगा। इसके लिए किसी गाइड की मदद लें जो हर पर्यटन स्थल पर होते हैं।

घूमने जाने से पूर्व पूरी तरह निश्चित हो लें कि आप सिर्फ घूमने के लिए जा रहे है।

वहां घर की बातों, परेशानियों आदि का कोई जिक्र न करें। बिल्कुल तनावमुक्त होकर जाये। बच्चों को भी तनावमुक्त रखें। उनका होमवर्क पूरा कराके ही उन्हें घुमाने ले जायें नहीं तो वे पूरी तरह से घूमने का आनन्द नहीं उठा पायेंगे। उनके मन में होमवर्क पूरा न होने की चिंता लगी रहेगी। अपना मूड भी हरदम ताजा रखें। पति-पत्नी एक-दूसरे की पसंद का ख्याल रखें। एक-दूसरे की पसंद के अनुसार पहनें एवं सजे-संवरें। वहां आपसी शिकवा- शिकायतों का जिक्र न छेडें बल्कि उस समय का पूरा आनन्द उठायें।

इस पर्यटन का पूरा लाभ उठाने के लिए साथ-साथ घूमें-फिरें। एक-दूसरे की पसंद से खायें-पियें। बच्चों के साथ तरह-तरह के खेल खेलें जिससे उनके और आपके बीच और नजदीकियां आयें। इससे आप अपने बच्चों के दोस्त बन जायेंगे। खूब हंसी-मजाक करें। हर पल को यादगार बनाते हुए जिएं।

 

ध्यान रखें :-

 

-पर्यटन के दौरान आने-जाने का आरक्षण पहले ही करवा लें।

-ज्यादा कैश एवं कीमती सामान अपने साथ न ले जाएं। ट्रैवलर चैक लें। ये ज्यादा सुरक्षित हैं।

-बच्चे ज्यादा छोटे हों तो उनकी जेब में नाम, पता, फोन नम्बर आदि रखना न भूलें।

-जहां घूमने जाएं, वहां का पता अपने किसी रिश्तेदार अथवा प$डोसी को जरूर दें।

-सफर के दौरान कुछ खाने के लिए जरूर रखें।

-जिस जगह घूमने जायें, वहां छिलने व रैपर आदि फेंकने से बचें। उस जगह को गन्दा न करें।

-पवित्र स्थानों के नियमों का पालन करें।

-विदेशी सैलानियों के साथ प्रेमपूर्वक पेश आएं।

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