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सिंगापुर मॉडल से होगा पानी का ट्रीटमेंट : अरविंद केजरीवाल

नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली जल बोर्ड पानी के उपचार के लिए सिंगापुर मॉडल अपनाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगले दो वर्षों में पानी की उपलब्धता 15 से 20 फीसदी बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। श्री केजरीवाल ने यह बात बुराड़ी के कोरोनेशन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निरीक्षण करने के बाद कही। श्री केजरीवाल ने कहा कि शहर के कुछ इलाके जल संकट का सामना कर रहे हैं। हम हालात को बेहतर बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं। बोर्ड पानी की उपलब्धता अगले दो वर्षों में 15 से 20 फीसदी और पांच वर्षों में 50 फीसदी बढ़ाने के लिए कई परियोजना शुरू करने जा रहा है। आशा है कि इसके बाद पानी की कोई कमी नहीं होगी।

दिल्ली जल बोर्ड के अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में पानी के उपचार के लिए सिंगापुर मॉडल लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बुराड़ी में पानी का उपचार किया जाएगा और उसके बाद उसे पल्ला भेजा जाएगा, जहां से उसे यमुना नहर में छोड़ा जाएगा। उसके बाद पानी चलकर वजीराबाद पहुंचेगा और इस प्रक्रिया में वह प्राकृतिक रूप से शुद्ध हो जाएगा।

श्री केजरीवाल ने आगे बताया कि पानी को वजीराबाद में एकत्रित किया जाएगा और आगे के उपचार के लिए वजीराबाद उपचार संयंत्र में जाएगा। जिसके बाद पीने योग्य पानी की आपूर्ति घरों में की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह तरीका सिंगापुर में भी अपनाया जाता है।

उन्होंने कहा कि जून 2020 तक 15 करोड़ गैलन पानी रोजाना उपचार और आपूर्ति के लिए पल्ला के माध्यम से वजीराबाद भेजा जाएगा। अगर प्रक्रिया के दौरान तीन करोड़ गैलन पानी जमीन में रिसता भी है तो 12 करोड़ गैलन पानी आपूर्ति के लिए उपलब्ध रहेगा। अन्य राज्यों से पानी हासिल करने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हम उत्तर प्रदेश के साथ संपर्क में हैं। पानी एक कच्ची नहर के माध्यम से आता है। हम नहर को कंक्रीट की बनाने का प्रयास करेंगे। इससे 15 करोड़ गैलन पानी बचाने में मदद मिलेगी। एक नया जल उपचार संयंत्र फरवरी 2020 तक द्वारका में निर्माण के लिए प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मॉनसून के दौरान यमुना में जल संरक्षण पर योजना तैयार करने के लिए और वर्षा जल संचयन के लिए सर्वोत्तम तरीके सुझाने के लिए एक कंसलटेंट के साथ करार किया गया है।

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