जनता से पूछ रही हैं वसुंधरा- उन्नति वाली सरकार चाहिए या खोखले वादे करने वाली ?

राजस्थान, 07 अगस्त। गौरव यात्रा पर निकलीं राज्य की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे अपनी जनसभाओं में उमड़ रही भीड़ को देखकर गदगद हैं। सोमवार को वह सागवाड़ा और बांसवाड़ा में थीं। बांसवाड़ा में तो गौरव यात्रा का रथ काफी देर से पहुँचा लेकिन जनता उन्हें सुनने के लिए सभास्थल पर जमी रही। हालांकि अभी यह देखना बाकी है कि यह भीड़ वोटों में परिवर्तित होती है या नहीं लेकिन भाजपा इन रैलियों को सफल बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है।

हालिया विधानसभा और लोकसभा उपचुनावों में मिली हार की वजह से भाजपा ने अपना चुनावी अभियान 4 अगस्त से शुरू कर दिया जिसके तहत मुख्यमंत्री राजस्थान गौरव यात्रा के जरिये पूरे राज्य के मतदाताओं तक पहुँच रही हैं। इस यात्रा का शुभारम्भ भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने किया था और उन्होंने उम्मीद जताई थी कि भाजपा राज्य में 180 सीटों से ज्यादा पर जीत हासिल करेगी।

हालांकि मुख्यमंत्री राजे की लोकप्रियता में कमी आने की रिपोर्टें हैं लेकिन यह भी साफ दिख रहा है कि विपक्ष नेतृत्व विहीन है और इसीलिए वसुंधरा राजे को इस बार विधानसभा चुनावों में चमत्कार होने की उम्मीद है। राजे अपनी जनसभाओं में कह भी रही हैं कि इस बार सरकार मत पलटिये, इसी सरकार को काम करने दीजिये। गौरतलब है कि राजस्थान का चुनावी इतिहास यह कहता है कि यहां हर विधानसभा चुनावों में सरकार बदल जाती है।

भाजपा खेमा इस बात से खुश है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट को मुख्यमंत्री उम्मीदवार बनाने को लेकर कांग्रेस में गहरे मतभेद हैं। यहां पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का धड़ा काफी मजबूत है जो उन्हें ही मुख्यमंत्री देखना चाहता है लेकिन गहलोत अब पार्टी में बड़ी भूमिका मिलने के चलते खुद कुछ नहीं बोल पा रहे हैं। गहलोत इस समय कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हैं और कांग्रेस संगठन के प्रभारी हैं। इसीलिए पार्टी ने तय किया है कि विवादों को देखते हुए विधानसभा चुनाव राहुल गांधी के नेतृत्व में लड़ा जायेगा और मुख्यमंत्री कौन बनेगा इसका फैसला बाद में किया जायेगा।

भीड़ देख कर गद्गद् हैं वसुंधरा राजे

वसुंधरा राजे ने सोमवार को कहा कि सागवाड़ा में उमड़े जनसैलाब ने यह साबित कर दिया कि हमारी सरकार ने पिछले साढ़े चार सालों में राजस्थान की मिट्टी को विकास में पिरोकर गले का हार बनाने का काम किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सागवाड़ा में पांडाल के अंदर और बाहर जहां तक मैं देख पा रही थी, चंहुओर सिर्फ लोगों का हुजूम ही दिखाई दे रहा था। वसुंधरा राजे ने कहा, राजस्थानगौरवयात्रा के प्रति सागवाड़ा के इस प्रेम के लिए सभी माताओं-बहनों, बच्चों, नौजवान साथियों और मात-पिता तुल्य सभी बुजुर्गों का कोटि-कोटि धन्यवाद।

गिना रहीं हैं सरकार की उपलब्धियां

वसुंधरा राजे ने कहा, हमारी राजस्थान बीजेपी सरकार ने सिर्फ चार सालों में राजस्थान का उतना विकास कर दिखाया है, जितना कांग्रेस सरकारें अपने 40 सालों में भी नहीं करवा पाई थीं। प्रगति के मामले में सागवाड़ा और डूंगरपुर भी पीछे नहीं रहा है। इस अवसर पर सागवाड़ा विधानसभा क्षेत्र की होनहार बालिकाओं को मुख्यमंत्री ने स्कूटी, उज्जवला योजना के तहत जरूरतमंद महिलाओं को निःशुल्क गैस कनेक्शन, किसानों को ऋण माफी प्रमाण पत्र, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर, शुभशक्ति योजना में बालिकाओं को 55-55 हजार रुपये के चेक वितरित किये।

भावनात्मक लगाव भी बना रहीं हैं वसुंधरा राजे

वसुंधरा राजे बांसवाड़ा में अपने अभूतपूर्व स्वागत से काफी खुश दिखीं और ट्वीटर पर कहा, राजस्थान की गौरव गाथा लिए हमारी यात्रा जब बांसवाड़ा जिले के गढ़ी विधानसभा क्षेत्र में पहुंची तो यहां स्वागत को आतुर लोगों की भीड़ देख हृदय गदगद हो गया। वह भी तब जब गौरव यात्रा का रथ कई घंटे देरी से पहुंचा। मुख्यमंत्री ने कहा, मां त्रिपुरा सुंदरी की तरह गढ़ी, बांसवाड़ा, वागड़ सहित सम्पूर्ण राजस्थान की जनता ने मुझे हमेशा भरपूर आशीर्वाद दिया है। इस स्नेह व आशीष के लिए एक बार ओजूं वागड़ रा सभी लोगां न म्हारो घणु-घणु आभार।

कांग्रेस पर करारा हमला जारी

वसुंधरा राजे ने बांसवाड़ा में महिलाओं से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा, यहां मैं आशा से मिलकर बहुत खुश हुई। आशा ने बताया कि उसे पीएमएवाई के तहत पक्का मकान, उज्जवला योजना में गैस कनेक्शन, बीएसबीवाई के तहत इलाज सब कुछ फ्री मिला है। यह राजस्थान बीजेपी सरकार की सफल नीतियों का ही परिणाम है कि आशा जैसे कई लोगों की आशाओं और आकांक्षाओं पर हम खरे उतरे हैं। वसुंधरा राजे ने कहा, अब फैसला जनता जनार्दन को करना है कि आपको 4 वर्षों में उन्नति के रास्ते पर ले जाने वाली राजस्थान बीजेपी सरकार चाहिए या फिर 40 वर्षों तक खोखले वादे करने वाली कांग्रेस की सरकार चाहिए।

राजस्थान के जातिगत समीकरण

राजस्थान की राजनीति में जाटों के बाद मीणा समुदाय का ही बाहुल्य है। माना जाता है कि जाटों की आबादी का प्रतिशत 12 और मीणा समुदाय के लोगों का भी 12 प्रतिशत के ही आसपास है। इसके अलावा गुर्जर बिरादरी का आबादी प्रतिशत राजस्थान में 4 से 5 प्रतिशत है। गुर्जरों की जाटों और मीणा से कभी नहीं बनती। कांग्रेस के पास इस समय कोई बड़ा जाट नेता भी नहीं है इसलिए भाजपा चाहती है कि जाट, मीणा यदि उसके साथ आ गये तो पहले से ही भाजपा के साथ मौजूद ब्राह्मण, जैन, वैश्य आदि वोट बैंक के सहारे पार्टी आसानी से सत्ता में वापसी कर सकती है।                   (वेबवार्ता)

 

 

 

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