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केजरीवाल सरकार की राशन माफिया से सांठ-गांठ : मनोज तिवारी

नगर संवाददाता

नई दिल्ली। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने एक पत्रकार सम्मेलन में कहा है कि दिल्ली में गत तीन साल से अधिक समय से चल रहे राशन घोटाले के लिए अरविन्द केजरीवाल सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर दिल्ली में फर्जी राशन कार्डों द्वारा गत तीन वर्ष में ही लगभग 3000 करोड़ रुपये के राशन का घोटाला किया गया है तो वहीं दूसरी ओर गरीब लोग राशन कार्ड पाने के लिए परेशान हैं और देश की राजधानी को गत माह पांडव नगर में भूख से तीन बच्चों की मृत्यु जैसे मामलों के कारण शर्मसार होना पड़ रहा है।

पत्रकारवार्ता में महामंत्री कुलजीत सिंह चहल, प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर, मीडिया सह-प्रभारी नीलकांत बक्शी और पूर्वांचल मोर्चा अध्यक्ष मनीष सिंह उपस्थित थे।

श्री तिवारी ने कहा है कि अरविन्द केजरीवाल सरकार फर्जीवाड़ों की सरकार है जो पूरी तरह भ्रष्ट है, जिसका एक और उसका प्रमाण है इस सरकार का दोगलापन एवं राशन माफिया को संरक्षण। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर दिल्ली सरकार राशन वितरण के लिए अविलम्ब ई-पोस व्यवस्था लागू नहीं करेगी तो दिल्ली भाजपा केजरीवाल सरकार की राशन माफिया से सांठ-गांठ की पोल खोलने के लिए पूरी दिल्ली में जनजागरूकता अभियान प्रारम्भ करेगी।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की राशन वितरण प्रणाली एवं सबको भोजन व्यवस्था में पारदर्शिता लाकर गरीबों के हितों के संरक्षण के निर्देशों के साथ ही माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा प्रकट चिंता के आधार पर केन्द्रीय उपभोक्ता मामलों एवं खाद्य आपूर्ति विभाग ने 2018 वर्ष के प्रारम्भ में सभी राज्य सरकारों से मिलकर राशन व्यवस्था के लिए देश में ई-पोस नामक व्यवस्था लागू करना प्रारम्भ किया। इसी के अंतर्गत मार्च, 2018 में दिल्ली सरकार ने केन्द्र सरकार को सूचना दी कि दिल्ली की सभी 2254 राशन दुकानों को और उनके 98 प्रतिशत पंजीकृत उपभोक्ताओं को ई-पोस व्यवस्था के अंतर्गत जोड़ कर प्रमाणित कर लिया गया है।

श्री तिवारी ने कहा कि जिस केजरीवाल सरकार ने मार्च, 2018 में 2254 राशन दुकानों एवं 98 प्रतिशत उपभोक्ताओं को ई-पोस से जोड़ कर प्रमाणित करने का दावा किया था, उसी सरकार ने 25 अप्रैल, 2018 को दिल्ली में ई-पोस व्यवस्था रद्द कर दी जो कि एक स्पष्ट प्रमाण है कि कहीं न कहीं सरकार राशन माफिया को संरक्षण देना चाहती है।

उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार की यह दलील कि नागरिकों के पास अभी आधार कार्ड पूरी तरह उपलब्ध नहीं हैं एक खोखली दलील है क्योंकि केन्द्र की व्यवस्था में यह साफ  कहा गया है कि राशन देने के लिए वोटर कार्ड, किसान पासबुक, ड्राइविंग लाइसेंस भी राशन लाभार्थी के सत्यापन के लिए इस्तेमाल किये जा सकते हैं।

श्री तिवारी ने कहा है कि दिल्ली में लगभग 17.5 लाख राशन कार्ड अप्रैल 2018 तक थे और उनमें से 2.5 लाख से अधिक राशन कार्ड को जांच के बाद रद्द कर दिया गया, ऐसी स्थिति में यह स्पष्ट होता है कि दिल्ली में इन रद्द 2.5 लाख राशन कार्डों के अलावा और राशन कार्डों में राशन का घपला होता रहा होगा। यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगा कि गत तीन वर्ष से अधिक से दिल्ली में लगभग 5 लाख बी.पी.एल. एवं ए.पी.एल. राशन कार्डों पर राशन माफियाओं ने हेर-फेर की है तो दिल्ली में औसतन सैकड़ों करोड़ रूपये महीने का घोटाला हुआ है जोकि तीन वर्ष में शायद 3000 करोड़ रूपये से अधिक का होगा। यह घोटाला कितना बड़ा है इसका अंदाज इस बात से ही लगाया जा सकता है कि बी.पी.एल. राशन कार्डों पर सरकार 25 से 30 रूपये प्रति किलो से खरीदे अन्न को 3 से 4 रूपये में देती है और ए.पी.एल. राशन कार्डों में भी अच्छी छूट देती है।

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