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दिल्ली में श्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थि कलश यात्रा प्रारम्भ

नगर संवाददाता

नई दिल्ली। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने दिल्ली भाजपा कार्यालय से आज पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी के अस्थि कलश को भावभीनी विदाई दी और इसी के साथ दिल्ली में श्री अटल बिहारी वाजपेयी के अस्थि कलश की यात्रा प्रारम्भ हुई।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष श्री मनोज तिवारी ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं केन्द्रीय मंत्री डाॅ. हर्ष वर्धन एवं श्री विजय गोयल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री श्याम जाजू, सांसद श्रीमती मीनाक्षी लेखी एवं श्री रमेश बिधूड़ी, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री विजेन्द्र गुप्ता और उत्तरी दिल्ली नगर निगम के महापौर श्री आदेश गुप्ता की उपस्थिति में अस्थि कलश को दिल्ली में अस्थि कलश यात्रा के लिए गठित टीम के सदस्यों श्री कुलजीत सिंह चहल, श्री रविन्द्र गुप्ता, श्रीमती योगिता सिंह, श्री सतेन्द्र सिंह एवं श्री अनुज शर्मा को सौंपा।

इस अवसर पर श्री मनोज तिवारी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन से भाजपा ने अपना संस्थापक एवं अभिभावक खो दिया है तो देश ने एक विचार विकास दूत जो हमेशा समाज के अंतिम व्यक्ति के लिए चिंतन करते थे।

पंत मार्ग स्थित दिल्ली भाजपा कार्यालय से प्रारम्भ अस्थि कलश यात्रा आज नई दिल्ली संसदीय क्षेत्र के नेहरू बाजार, पहाड़गंज, करोल बाग, राजेन्द्र नगर, पटेल नगर, मोती नगर, दिल्ली कैन्ट, आर के पुरम, नई दिल्ली, कस्तूरबा नगर, मालवीय नगर, ग्रेटर कैलाश विधानसभा क्षेत्रों में लोगांे के बीच दर्शनार्थ पहुंची। लगभग पूरे यात्रा क्षेत्र में जगह-जगह नागरिक एवं व्यापारिक संगठनों के अलावा आम नागरिकों ने अस्थि कलश पर श्रद्धासुमन अर्पित किये।

नई दिल्ली से सांसद श्रीमती मीनाक्षी लेखी के साथ राष्ट्रीय मंत्री सरदार आर पी सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती योगिता सिंह, करोल बाग जिला अध्यक्ष भारत भूषण मदान, नई दिल्ली जिला अध्यक्ष अनिल शर्मा, अस्थि कलश यात्रा टीम के सदस्य कुलजीत सिंह चहल, रविन्द्र गुप्ता, सतेन्द्र सिंह, अनुज शर्मा और करोल बाग एवं नई दिल्ली जिला के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में सम्मिलित हुये।

श्रीमती मीनाक्षी लेखी ने पहाड़गंज में उपस्थित लोगों के बीच कहा कि आज हम जिस वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर प्रगति पर गर्व करते हैं वह विपक्ष में रहते हुये भी 1990 दर्शक के प्रारम्भ में अटल बिहारी वाजपेयी की कल्पना थी जिस पर उन्होंने संसद में भी अनेक वक्तव्य दिये थे।

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