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दिल्ली कांग्रेस द्वारा राफेल डील को लेकर कार्यकर्ताओं की बैठक

नगर संवाददाता

नई दिल्ली।दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री अजय माकन के आदेशानुसार दिल्ली कांग्रेस की ओर से आज नई दिल्ली, किराड़ी,रोहिणी, पटपड़गंज और कृष्णा नगर जिला कांग्रेस कमेटियों में राफेल डील को लेकर किए जाने वाले जिला व प्रदेश स्तर पर होने वाले प्रदर्शनों की तैयारियों को लेकर कार्यकर्ताओं की बैठक हुई। सभी जिलों की बैठकों को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव व दिल्ली प्रभारी श्री कुलजीत सिंह नागरा, दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री डा. ए.के. वालिया, पूर्व विधायक डा. बिजेन्द्र सिंह,  दिल्ली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता श्री चतर सिंह, जिला अध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार, विरेन्द्र कसाना, दिनेश कुमार,इन्द्रजीत सिंह और गुरचरण सिंह ने भी संबोधित किया और कांग्रेस कार्यकर्ताओं राफेल डील के बारे में विस्तार से बताया। ज्ञात हो कि दिनांक 22 अगस्त, 2018को दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री अजय माकन ने प्रदेश कार्यालय में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की थी जिसमें राफेल डील के बारे में विस्तार से बताया था और जिला स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों पर चर्चा की थी।

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष व अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता श्री अजय माकन ने आज राफेल डील में हुए भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए एक संवाददाता सम्मेलन को भी संबोधित किया था।

आज जिला स्तरीय बैठकों में श्री कुलजीत नागरा व श्री चतर सिंह ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए यह बताया कि राफेल डील में मोदी सरकार ने बहुत बड़ा भ्रष्टाचार किया है। कार्यकर्ताओं को बताया गया कि 2012 में यूपीए की केन्द्र सरकार ने  फ्रांस सरकार से 126 राफेल जहाज 526 करोड़ प्रति जहाज के हिसाब से खरीदने का करार किया था तथा इस करार में यह भी निश्चित किया गया था कि 18 जहाज फ्रांस की सरकार बने बनाए देगी व 108 जहाजों को बनाने के लिए टेक्नोलोजी ट्रांसफर करेगी जिसके अंतर्गत हिन्दुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड की सरकारी कम्पनी को बाकी जहाज बनाने का ठेका दिया जाना था।  दूसरी ओर मोदी के नेतृत्व की केन्द्र सरकार ने 126 जहाजों के पहले करार को निरस्त करके नया करार 1670 करोड़ प्रति जहाज के हिसाब से कर दिया और जहाज बनाने का ठेका अनिल अंबानी की कम्पनी को देकर 1 लाख 30 हजार करोड़ दे दिया ताकि वह अपनी कम्पनी स्थापित करके नए जहाज बना सके। जबकि अनिल अंबानी की कम्पनी का पंजीकरण ठेका मिलने से केवल 13 दिन पहले ही हुआ था।

कार्यकर्ताओं को यह भी बताया गया कि मोदी सरकार यह कह रही है कि राफेल डील के बारे में सार्वजनिक नही किया जा सकता क्योंकि इसमें सुरक्षा क्लाज है। जबकि पहले भी सुखोई, मिग जहाज खरीदे गए है उसमें कोई सुरक्षा क्लाज नही होते थे।

कार्यकर्ताओं को यह भी बताया गया राफेल डील में मोदी सरकार ने सारे नियमों को ताक पर रखकर भ्रष्टाचार किया है क्योंकि उन्होंने रक्षा मंत्रालय प्राईस फिक्शेसन कमेटी से न तो कोई राय ली और न ही केबिनेट कमेटी आन सिक्योरिटी से कोई सलाह ली।

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से 8 से 15 सितम्बर के बीच सभी जिलों में राफेल डील को लेकर प्रदर्शन किए जाऐगे और 15 सितम्बर के पश्चात दिल्ली में राज्य स्तर पर एक प्रदर्शन होगा।

 

 

 

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