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निगम के तीनों महापौरों ने मुख्यमंत्री से तुरंत फंड जारी करने की मांग की

नगर संवाददाता

नई दिल्ली। उत्तरी दिल्ली के महापौर आदेश कुमार गुप्ता, दक्षिणी दिल्ली के महापौर नरेन्द्र चावला, पूर्वी दिल्ली के महापौर बिपिन बिहारी सिंह ने स्थायी समिति के अध्यक्षों वीना विरमानी शिखा राय सत्यपाल सिंह और नेता सदन तिलक राज कटारिया, श्रीमती कमलजीत सहरावत व निर्मल जैन के साथ मिलकर आज एक संयुक्त संवादाता सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होने बकाया फंड और तीसरे और चैथे वित्तीय आयोग की सिफारिशों के अनुसार देय राशि तत्काल जारी करने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि नगर निगम रूकी हुई विकास परियोजनाओं पर काम कर सके और स्वच्छता, स्वास्थ्य, शहरी विकास और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर सके। नेताओ ने बताया कि उत्तरी और पूर्वी नगर निगम अपने कर्मचारियों के मासिक वेतन और उनके बाद की पेंशन का वित्तीय दायित्व पूरा नहीं कर पा रहे।

उत्तरी दिल्ली के महापौर आदेश गुप्ता ने बताया कि तीनों नगर निगमों के नेताओं ने आज दिल्ली के मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल से उनके कार्यालय में मुलाकात की और उन्हें नगर निगमों के वित्तीय संकट से अवगत कराया। उन्होंने यह भी बताया कि इस संकट के कारण निगमों का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। श्री गुप्ता ने कहा कि श्री केजरीवाल ने धैर्यपूर्वक निगम की कठिनाइयों को सुना और बताया कि अपने व वित्तीय विभाग के अधिकारियों के साथ मांगे गए फंड के बारे में चर्चा करने के लिए उन्होंने 7 से 10 दिन का समय मांगा।

श्री गुप्ता ने श्री चावला और श्री सिंह के साथ मिलकर पत्रकारों को बताया कि तीसरे और चैथे वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार देय राशि नगर निगमों को जारी नहीं की गई। श्री गुप्ता ने कहा कि उत्तरी निगम को मासिक वेतन और पेंशन जारी करने के लिए 295 करोड़ रु की जरूरत होती है। फंड जारी न किये जाने के कारण नियमित तौर पर कर्मचारियों को वेतन नहीं दिया जा सकता। उन्होने कहा कि सफाई कर्मचारियों के वेतन में देरी होने से अक्सर शहर में कूड़े कचरे के ढेर बन जाते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि निगम सुधार फंड के  अंतर्गत 2013-14, 2014-15, 2015-16 की 372 करोड़ रु की राशि भी जारी नहीं की गई। उन्होंने कहा कि शहरी विकास और परिवहन क्षेत्र के लिए 1202 करोड़ रु जारी किये जाने चाहिए ताकि सफाई और अन्य संबंधित कार्य किये जा सकें। श्री गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार को अभी तीसरे वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार 12.5 प्रतिशत, 1431 करोड़ रु की राशि जारी करनी है।

उन्होने यह भी कहा कि उत्तरी निगम को आशा है कि दिल्ली सरकार अनुकूल निर्णय लेगी और शीघ्र तीनों नगर निगमों को देय राशि जारी करेगी। उन्होने दिल्ली सरकार से सकारात्मक निर्णय लेने और नागरिकों के कल्याण के लिए दिल्ली के तीनों नगर निगमों के साथ मिलकर काम करने की अपील की।

दक्षिणी दिल्ली के महापौर श्री नरेन्द्र चावला ने बताया कि हमारे निगम को शहरी विकास परिवहन, शिक्षा क्षेत्र के लिए बजट में पूरी प्रस्तावित राशि नहीं दी जा रही। 2018-19 की पहली तिमाही तक कुल बजट प्रस्ताव की 1579.19करोड़ रु की वार्षिक राशि में से केवल 137.60 करोड़ रु जारी किये गए है। इसी वर्ष में शहरी विकास और परिवहन के लिए एक भी रूपया जारी नहीं किया गया। 2015-16 के दौरान 853.93 करोड़ रु, 2016-17 के दौरान 641.56 करोड़ रु और 2017-18 के दौरान 896.33 करोड़ रु कम जारी किये गए। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार नगर निगमों को2012-13 से 2018-19 से लेकर अब तक बजट प्रस्ताव की समुचित राशि जारी नहीं कर रही। महापौर ने पालिका सुधार कोष का मुददा भी उठाया और कहा कि हमारे निगम को घाटे में नहीं होने के बावजूद यह राशि नहीं मिल रही।

 

 

 

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