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मुख्यमंत्री आवास पर भाजपा का प्रदर्शन

नगर संवाददाता
नई दिल्ली। दिल्ली भाजपा के अनुसूचित जाति मोर्चा एवं पूर्वी दिल्ली संसदीय क्षेत्र के कार्यकर्ताओं ने रविवार को मोती नगर में एक निजी भवन निर्माण कम्पनी के काम्पलेक्स में सीवर सफाई के दौरान दम घुटने से पांच सफाई मजदूरों की दुखद मृत्यु पर अरविन्द केजरीवाल सरकार की चुप्पी के विरोध में प्रदेश महामंत्री कुलजीत सिंह चहल के नेतृत्व में मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के आवास के समीप रोष प्रदर्शन किया। भाजपा नेताओं ने कहा है कि अरविन्द केजरीवाल सरकार मोती नगर हादसे को दबाना चाहती है। जो भी कार्रवाई की जा रही है वह दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी द्वारा पत्रकारवार्ता के माध्यम से मामले को उठाये जाने के बाद की गई है और मांग की है कि पांचों मृत मजदूरों के परिवारों को दिल्ली सरकार अपनी नीति अनुसार एक-एक करोड़ रूपये का मुआवजा दे।
प्रदर्शन में अनुसूचित जाति मोर्चा अध्यक्ष मोहन लाल गिहारा, पूर्वी दिल्ली नगर निगम में सदन के नेता निर्मल जैन, उप महापौर श्रीमती किरण वैद्य, जिला अध्यक्ष शाहदरा राम किशोर शर्मा एवं मयूर विहार श्री धीरज जोशी, महिला मोर्चा महामंत्री श्रीमती लता गुप्ता, अनुसूचित जाति महामंत्री लाजपत राय एवं राहुल गौतम और श्रीमती कंचन महेश्वरी एवं श्रीमती नीमा भगत सहित अनेक निगम पार्षद एवं कार्यकर्ता सम्मिलित हुये।
प्रदर्शनकारी चंदगीराम अखाड़े के समीप एकत्रित हुये और वहां से अरविन्द केजरीवाल सरकार के विरूद्ध नारे लगाते हुये मुख्यमंत्री आवास के समीप तक पहुंचे जहां पुलिस ने भारी बल प्रयोग कर उन्हें रोका।
प्रदर्शनकारियों को सम्बोधित करते हुये कुलजीत सिंह चहल ने कहा कि अरविन्द केजरीवाल सरकार की मानवीय संवेदनायें पूरी तरह मर चुकी हैं और वह अपनी नैतिक जिम्मेदारी से हर मामले में बचती है चाहे वह वर्तमान पांच सीवर सफाई कर्मियों की मृत्यु का हो या फिर गत माह पटपड़गंज में तीन बच्चों की भूख से मृत्यु का।
श्री चहल ने कहा कि यह दुखद है कि रविवार को दुर्घटना के बाद से अब तक मुख्यमंत्री अरिवन्द केजरीवाल या उनके किसी मंत्री को मृत सफाई कर्मियों के परिवारों की सुध लेने का टाइम नहीं मिला है। जो जांच के आदेश भी हुये हैं वो दिल्ली भाजपा अध्यक्ष श्री मनोज तिवारी द्वारा मुद्दे को उठाये जाने के दबाव के कारण हुये हैं।
भाजपा महामंत्री ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि अरविन्द केजरीवाल सरकार जानबूझकर कांग्रेस के दबाव में निजी भवन निर्माण कम्पनी पर जिसके मोती नगर काम्पलेक्स में यह हादसा हुआ सख्त कार्रवाई नहीं कर रही है क्योंकि पूर्व में कांग्रेस अध्यक्ष के एक परिजन के इस निजी कम्पनी से व्यापारिक तार जुड़े होने के मामले सामने आ चुके हैं।
मोहन लाल गिहारा ने कहा कि अरविन्द केजरीवाल सरकार, अनुसूचित समाज को केवल गुमराह कर वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करना चाहती है और इस समाज की जरूरतों के प्रति असंवेदनशील है। गत कुछ माह पूर्व भी मोती नगर हादसे की तरह ही दिल्ली में सीवर सफाई मजदूरों की मृत्यु की घटनायें हुई थीं, जिसके बाद अरविन्द केजरीवाल सरकार ने सीवर सफाई व्यवस्था में परिवर्तन करते हुये मैनुअल सीवर सफाई पर प्रतिबंध लगाया था और उनको ट्रेनिंग एवं उपकरण देने की बात कही थी। केजरीवाल सरकार द्वारा मैनुअल सीवर सफाई पर प्रतिबंध लगाने के एक वर्ष बाद भी रोजगार के लिए सफाई मजदूर अपनी जान की बाजी लगाने को मजबूर हैं क्योंकि दिल्ली सरकार ने उनके लिए कोई भी सुरक्षा व्यवस्था एवं नियम नहीं बनाये हैं।

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