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45 पुनर्वास कॉलोनियों के निवासियों को मिले मालिकाना हक : कटोरिया

नगर संवाददाता
नई दिल्ली। उत्तरी दिल्ली नगर निगम में नेता सदन तिलकराज कटारिया ने केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखकर दिल्ली की 45 पुनर्वास कॉलोनियों के निवासियों को मालिकाना हक दिए जाने की मांग की है। ये पुनर्वास कॉलोनी 1950 के बाद से ऐसे झुग्गी-कलस्टर निवासियों को दी गई थी, जिन्हें उनकी झुग्गियां हटाने या ध्वस्त होने के चलते विस्थापित होना पड़ा था।
दरअसल, केंद्र सरकार की मंजूरी के तहत दिल्ली सरकार ने 45 पुनर्वास कॉलोनियों के प्लॉट आवंटियों को मालिकाना हक देने की योजना बनाई थी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के स्टे ऑडर के चलते इस योजना को लागू नहीं किया जा सका था।
श्री कटारिया ने कहा कि मालिकाना हक दिए जाने से 45 पुनर्वास कॉलोनियों में रहने वाले 2.5 लाख प्लॉट धारकों को ना केवल लाभ होगा बल्कि इससे सरकारी खजाने को करोड़ों रुपयों का राजस्व भी मिलेगा जिसका इस्तेमाल शहर के बुनियादी ढांचे के विकास में किया जा सकेगा।
सुप्रीम कोर्ट के स्टे हटने के परिणामस्वरूप, दिल्ली कैबिनेट की बैठक में दिनांक 18.12.2012 में इस मामले पर दोबारा से विचार किया गया था जिसके बाद यह निर्णय लिया गया कि योग्य आवंटियों को नियम व शर्तों के अनुसार मालिकाना हक दिया जाएगा लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गई है और कैबिनेट के फैसले को लागू नहीं किया गया है। इसलिए 45 पुनर्वास कॉलोनियों के प्लाटधारकों को जल्द से मालिकाना हक देकर लाभान्वित किया जाए।
श्री कटारिया ने यह भी स्पष्टीकरण दिया कि अकुशल दैनिक वेतनभोगी निगम कर्मियों के वेतन के संबंध में निगम दिल्ली सरकार के नियम-कायदों का ही पालन करती है। इस मामले में उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से पद की गरिमा का ख्याल रखने की अपील की। श्री कटारिया ने सफाई दी कि उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने अकुशल कर्मचारियों का अभी तक कोई वेतन नहीं घटाया है। उन्होंने शहर में पोस्टर लगाकर नागरिकों को भ्रमित करने की निंदा की।

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