ताजा ख़बर

राष्ट्र-धर्म द्रोहियों पर दहाड़ने वाले दया के सागर थे तरुण सागर : विहिप

नगर संवाददाता
नई दिल्ली। राष्ट्र-धर्म द्रोहियों पर तरुणों की तरह दहाड़ने वाले शान्ति, अहिंसा, प्रेम, करुणा व दया के गहरे सागर थे पूज्य श्री तरुण सागर जी महाराज. विहिप केन्द्रीय प्रबंध समिति के सदस्य व संरक्षक दिनेश चन्द्र ने उन्हें भावांजलि देते हुए कहा कि उनके ब्रह्मलीन होने का समाचार सुनकर विश्व हिन्दू परिषद के हम सभी कार्यकर्ता स्तब्ध हैं। पूज्य के बेवाक्, धारा-प्रवाह, कटु किन्तु सत्य बोलने की उनकी शैली ने प्रवचनों की दुनिया में एक नवीनता का संचार किया. वे जहां बहुत ही सरल हृदय थे वहीँ, देश, समाज, राष्ट्र व विश्व कल्याण में रोड़ा बनने वालों के विरुद्ध उनके प्रहार सदैव अविस्मरणीय रहेंगे।
उन्होंने कहा कि उत्तम ज्ञान व उच्च आदर्शों के साथ शान्ति, अहिंसा, प्रेम, करुणा व दया के सागर पूज्य श्री द्वारा असमय देह त्याग की खबर ने दुनिया भर में फैले उनके असंख्य धर्मानुरागी बंधु-भगिनियों में गहरी समवेदना को जन्म दिया है।
दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित भावांजलि सभा में दिनेश चन्द्र ने कहा कि बात चाहे गौ-रक्षा की हो या गंगा रक्षा की, राम जन्म भूमि की हो या राम सेतु विध्वंस की, जिहादी आतंकवाद की हो या जन-संख्या असंतुलन की, चीन के घुसपैठ का मामला हो या पाकिस्तान के अमानवीय चहरे का, सरकारी नीतियों में न्यूनता का मामला हो या सामाजिक-सांस्कृतिक मूल्यों के ह्रास का, पूज्य तरुण सागर जी महाराज ने हमेशा अपने प्रखर व क्रान्ति-कारी विचारों के द्वारा हम सभी का मार्ग दर्शन किया।
विश्व हिन्दू परिषद् के अनेक कार्यकर्मों में उनकी गरिमामयी उपस्थिति ने तो हम सब को अभिभूत किया ही, अनेक अवसरों पर प्राप्त उनके संदेशों ने भी कार्यकर्ताओं में नव ऊर्जा का संचार किया।
भारत सरकार के केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल, ऋषिकेश से पधारे पूज्य चिदानंद मुनि जी महाराज व भारत सरकार के केविनेट मंत्री पीयूष गोयल, विहिप प्रवक्ता विनोद बंसल के साथ अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में उन्होंने प्रभु से प्रार्थना की कि वे ऐसे महात्मा के देव-लोक गमन से दुनिया भर में फैले उनके अनुयायियों के मन में हुए विछोह को सहन करने की शक्ति के साथ हम सभी को उनके देखाए श्रेष्ठ मार्ग पर चलने प्रेरणा प्रदान करें. साथ ही उनकी दिव्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *