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कांग्रेस की रैली में उमड़ा जन सैलाब

नगर संवाददाता
नई दिल्ली। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय माकन ने ऐलान किया है कि कि उच्चत्तम न्यायालय के आदेश की आड़ में दिल्ली सरकार और निगम के अधिकारी भाजपा और आप पार्टी की सहमति से राजधानी में बेरहमी से गैर कानूनी सीलिंग करके दिल्ली को एक बार फिर उजाड़ने के सुनियोजित षडयंत्र को कांग्रेस कामयाब नही होने देगी और साथ ही उन्होंने यह ऐलान भी किया कि कन्वर्जन शुल्क की सरकारी डकैती के खिलाफ हम जेल भी जाने के लिए तैयार है। श्री माकन नई दिल्ली संसदीय क्षेत्र के करोल बाग में ‘‘न्याय युद्ध’’ के तीसरे चरण में‘‘व्यापार बचाओ, मजदूर बचाओ’ रैली को संबोधित कर रहे थे।
रैली को श्री माकन के अलावा पूर्व मंत्री अरविन्दर सिंह लवली, हारुन यूसूफ, अभियान समिति के संयोजक व वरिष्ठ नेता मुकेश शर्मा, ब्रहम यादव, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मदन खोरवाल,चत्तर सिंह आदि ने भी संबोधित किया।
समस्त करोल बाग क्षेत्र में आज गैर कानूनी सीलिंग के खिलाफ हुई कांग्रेस की रैली का असर प्रत्यक्ष रुप से नजर आ रहा था। पूसा रोड़ से लेकर करोल बाग की सभी छोटी बड़ी सड़कों से लोग जूलूसों के रुप में सीलिंग के लिए जिम्मेदार भाजपा और आप पार्टी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रैली स्थल पर पहुँच रहे थे। पदम सिंह रोड़ और उसके आसपास के तमाम क्षेत्रों में चप्पे-चप्पे पर पुलिस की मौजूदगी यह बता रही थी कि राजधानी में हालात दिन-ब-दिन बिगड़ रहे है। गैर कानूनी सीलिंग के खिलाफ गुस्साऐं लोगों ने कई बार जाम लगाने का प्रयास किया।
50 हजार से भी ज्यादा लोग रैली स्थल व उसके आसपास की सड़कों पर जमा थे। कई किलोमीटर तक लोगों के लिए रैली में हो रही कार्यवाही को देखने और सुनने की व्यवस्था की गई थी। ज्ञातव्य है कि करोल बाग श्री माकन के संसदीय क्षेत्र नई दिल्ली का हिस्सा है। इसलिए लोगों में और अधिक उत्साह था। पहाड़गंज, मोतिया खान, आनन्द पर्वत, कीर्ति नगर, बलजीत नगर, इन्द्रपुरी आदि क्षेत्रों से भी हजारों की संख्या में मजदूर और कारोबारी पैदल व अपने साधनों से रैली में पहुचे।
रैली में ब्रहम यादव द्वारा रखे गए प्रस्तावों में कहा गया है कि पूरी दिल्ली में जिन कारोबारियों और दुकानदारों ने 10 साल तक लगातार कन्वर्जन शुल्क जमा कराया है उनसे कन्वर्जन शुल्क न वसूला जाए। साथ ही प्रस्ताव में राजधानी में तुरंत गैर कानूनी सीलिंग बंद करने की मांग करने के साथ-साथ यह कहा गया है कि यदि ये दमनकारी कार्रवाई बंद नही हुई तो कारोबारी और दुकानदार भाजपा और आप पार्टी के नेताओं का उनके घरों पर घेराव करने के अलावा आवश्यकता पड़ने पर जेल भरो आंदोलन भी चलाऐंगे। प्रस्ताव में घरेलू उद्योगों की परिभाषा को नए सिरे से परिभाषित करने व 70 प्रतिशत से अधिक औद्योगिक इकाईयों वाले क्षेत्रों को औद्योगिक क्षेत्र घोषित करने की बात शामिल है। प्रस्ताव में तत्कालीन शहरी विकास राज्यमंत्री अजय माकन का राजधानी के 50 लाख से भी ज्यादा उद्यमियों, कारोबारियों, दुकानदारों को राहत देने के लिए मास्टर प्लान में किए गए 72 संशोधन, 5 बार संसद में कानूनी बनवाने, 3000 से अधिक सड़कों को अधिसूचित करवाने व 2006-2007 में माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद एक सप्ताह में अध्यादेश जारी करवाकर उन्हें स्थायी राहत दिलवाने व कानूनी कवच देने के लिए आभार व्यक्त किया गया। इन सभी प्रस्तावों को रैली में सर्वसम्मति से पारित किया गया।
श्री माकन ने रैली में भाजपा और आप पार्टी पर खुला हमला बोलते हुए कहा कि दोनो दल कांग्रेस सरकार द्वारा बनाऐ गए मास्टर प्लान के अस्तित्व को मानने से इंकार कर रहे है। उन्होंने कहा कि जानबूझकर उच्चतम न्यायालय को केन्द्र व दिल्ली सरकार ने सही तथ्यों से अवगत नही कराया। उन्होंने यह भी कहा कि आज लाखों लोग बेरोजगार हो रहे है और इसके साथ-साथ गैर कानूनी सीलिंग के चलते दिल्ली में राजस्व घटा है। उन्होंने गैर कानूनी सीलिंग पर सवाल उठाते हुए दोनो सरकारों से पूछा कि कौनसा ऐसा कारण है जिसके चलते दोनो दल जनहित के इस मुद्दे पर चुप है?
श्री माकन ने आज कहा कि नोटबंदी देश का बड़ा घोटाला है और गैर कानूनी सीलिंग दिल्ली के लिए नोटबंदी जैसा घोटाला साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि गैर कानूनी सीलिंग के पीछे बड़े-बड़े माँल के मालिकों और बिल्डरों को सीधा फायदा पहुॅचाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि केन्द्र सरकार जानबूझकर इस मामले को लटकाना चाहती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वो अवैध रुप से वसूले जा रहे कन्वर्जन शुल्क के खिलाफ सड़कों पर उतरे। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर सारी कांग्रेस कन्वर्जन शुल्क से प्रभावित 50 लाख लोगों के साथ खड़ी है।
अरविन्दर सिंह लवली व हारुन यूसूफ ने कहा कि गांधी नगर से शुरु हुआ ‘‘न्याय युद्ध’’ आग की तरह पूरी दिल्ली में फैल गया है और पीड़ित लोग कभी सड़कों पर आकर दोनो सरकारों के खिलाफ उग्र रुप धारण कर सकते है। श्री लवली ने जोर देकर कहा कि घरेलू उद्योग की परिभाषा को बदला जाए और 5 किलोवाट से 11 किलोवाट किया जाए तथा 5 कर्मचारियों की संख्या को बढ़ाकर 11कर्मचारी किया जाए।
अभियान समिति के संयोजक व वरिष्ठ नेता मुकेश शर्मा ने कारोबारियों व मजदूरों द्वारा कांग्रेस के ‘न्याय युद्ध’ को अभूतपूर्व समर्थन देने के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गैर कानूनी सीलिंग से प्रभावित और कन्वर्जन शुल्क से प्रभावित लोगों को न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस नेता जेल जाने से भी पीछे नही हटेंगे और भाजपा और आप पार्टी के नेताओं और सांसदों को बिना बताए कार्यक्रमों मे उनका घेराव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि न्याय युद्ध के चैथे चरण की घोषणा पार्टी अगले सप्ताह करेगी।
रैली में मौजूद नेताओं में पूर्व मंत्री दिल्ली सरकार डा0 नरेन्द्र नाथ, पूर्व विधायक हरी शंकर गुप्ता, दर्शना राम कुमार, नीरज बसौया, दक्षिणी निगम में कांग्रेस नेता अभिषेक दत, जिला अध्यक्ष विरेन्द्र कसाना, अनिल कुकरेजा, पूर्व पार्षद राकेश जोशी, मधु खुराना रिषी राठी मुख्य थे।

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