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राफेल जहाज घोटाला इस सदी का सबसे बड़ा घोटाला है : माकन

नगर संवाददाता
नई दिल्ली। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय माकन ने कहा कि राफेल जहाज घोटाला इस सदी का 1,71,000 करोड़ का सबसे बड़ा घोटाला है जिसमें मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा की केन्द्र सरकार पूरी तरह से डूबी हुई है और मोदी ने अपने पूंजीपति मित्र अम्बानी को फायदा पहुंचाने के लिए देश की आंतरिक व बाहरी सुरक्षा भी दाव पर लगा दी। श्री अजय माकन ने कृष्णा नगर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित राफेल डील के खिलाफ प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं को सम्बोधित किया। ज्ञात हो कि दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय माकन के नेतृत्व में राफेल डील में हुए घोटाले को उजागर करने के लिए कनॉट प्लेस में किए गए राज्य स्तर के प्रदर्शन के पश्चात जिलावार प्रदर्शन किए जा रहे है।
श्री माकन ने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले नरेन्द्र मोदी अपने भाषणों में जोर-जोर से कहा करते थे, कि न खाउंगा और न ही किसी को खाने दूंगा। परंतु प्रधानमंत्री बनने के पश्चात नरेन्द्र मोदी ने अपने इस कथन को राफेल डील में हुए घोटाले के कारण झुठला दिया। प्रदर्शन में प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन के अलावा दिल्ली प्रभारी पी.सी. चाको, दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री डॉ. ए.के. वालिया व नरेन्द्र नाथ, अ.भा.क.कमेटी के सचिव नसीब सिंह, वरिष्ठ नेता चतर सिंह, ब्रह्म यादव, कृष्णा नगर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गुरचरण सिंह राजू, अजय अरोड़ा सहित सैंकड़ो लोग मौजूद थे।
अजय माकन ने कहा कि कांग्रेस की अगुवाई वाली केन्द्र सरकार के समय 12 दिसम्बर 2012 को अन्र्तराष्ट्रीय स्तर पर बिड खोली गई थी जिसके तहत प्रति राफेल जहाज की कीमत 526.10 करोड़ रुपये थी अर्थात 36 राफेल जहाज 18,940 करोड़ में खरीदे जाने थे। जबकि भाजपा की मोदी सरकार ने 36 राफेल जहाज प्रति जहाज 7.50 बिलियन यूरो अर्थात 1670.70 करोड़ में खरीदा जाएगा। यानि 36 राफेल जहाज की कीमत 60,145 करोड़ रुपये हो गई। श्री माकन ने कहा कि बड़ी अजीब बात है कि जिन 36 राफेल जहाजों की कीमत 2012 में 18,940 करोड़ थी वह कैसे बढ़कर 4 साल में 60,145 करोड़ हो गई। श्री माकन ने कहा कि भाजपा की केन्द्र सरकार को यह बताना चाहिए कि किस प्रकार 36 राफेल जहाज की कीमत में 4 वर्षों में 41,205 करोड़ रुपया बढ़कर अंतर आ गया।
श्री माकन ने प्रश्न किया कि क्या देश के नागरिकों को राफेल डील की लागत जानने का अधिकार नही है? उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का मूल मंत्र है पारदर्शिता और लोकतांत्रिक सरकार से यह उम्मीद की जाती है कि वे जो भी कार्य करे उसमे पारदर्शिता होनी चाहिए।

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