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अटल जी एक परोपकारी संस्कारों से पोषित व्यक्तित्व थे : राजनाथ सिंह

नगर संवाददाता
नई दिल्ली।दिल्ली भाजपा ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी की पहली मासिक पुणयतिथि के अवसर पर आज 66 विधानसभा क्षेत्रों में अटल काव्यांजलि कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी स्थानों पर कवियों एवं पार्टी नेताओं ने अटल जी की कविताओं का स्मरण किया और उनके जीवन कार्यों पर आधारित फिल्म का चित्रण के साथ ही प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के बाल्यकाल पर आधारित एक लघु चित्र भी दिखाया गया।आज का मुख्य अटल काव्यांजलि कार्यक्रम नई दिल्ली जिला भाजपा द्वारा डा. अम्बेडकर इंटरनेशनल सेन्टर में आयोजित किया गया जिसका उद्घाटन केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने किया और समापन सत्र को केन्द्रीय विदेश मंत्री श्रीमती सुषमा स्वराज ने सम्बोधित किया। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर एवं श्रीमती स्मृति ईरानी, राष्ट्रीय मंत्री तरूण चुघ, सांसद श्रीमती मीनाक्षी लेखी, प्रदेश संगठन महामंत्री श्री सिद्धार्थन, अटल जी के निजी सहायक रहे शिव कुमार ने अपने संस्मरण रखे। केन्द्रीय मंत्री विजय गोयल पुरानी दिल्ली में एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दुष्यंत गौतम लक्ष्मी नगर में अटल काव्यांजलि कार्यक्रम में सम्मिलित हुये। प्रदेश महामंत्री रविन्द्र गुप्ता के साथ अभय वर्मा एवं जय प्रकाश की टीम ने दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित अटल काव्यांजलि कार्यक्रमों का संयोजन किया। श्री गुप्ता ने इन कार्यक्रमों के आयोजन में जिला अध्यक्षों की भूमिका की सराहना की। सुप्रसिद्ध कवि श्री सुरेन्द्र शर्मा, श्रीमती रीतु गोयल, श्री राजेश चेतन, रसिक गुप्ता, चिराग जैन, चन्द्रशेखर गोस्वामी ने मुख्य कार्यक्रम में अटल जी द्वारा रचित कविताओं एवं छंदों को रखा तो दिल्ली के विभिन्न कोनों में 70 कवियों की टीम ने श्रोताओं के समक्ष रचनायें रखीं। डा. अम्बेडकर सेन्टर के कार्यक्रम व्यवस्था में जिला अध्यक्ष अनिल शर्मा की टीम की प्रमुख भूमिका रही। अटल काव्यांजलि सत्र को प्रारम्भ करते हुये केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन से जुड़े संस्मरण रखे और कुछ ऐसे संस्मरण भी रखे जिन्हें सुन श्रोता मुस्कुराये बिना नहीं रह सके। उन्होंने कहा कि अटल जी एक परोपकारी संस्कारों से पोषित व्यक्तित्व थे जिनके विचारों को लोग राजनीतिक विचारधारा की भिन्नता के बाद भी सुनते और समझते थे। राजनाथ सिंह ने कहा कि 1999 में जब पाकिस्तान ने भारत की सीमाओं में घुसने की चेष्टा की तब श्री वाजपेयी ने सेना को सख्ती से निपटने का आदेश दिया जिसके चलते भारतीय सेना पाकिस्तान को खदेड़ते हुये उसकी सीमा के अंदर वापस ले गई। परोपकारी स्वभाव के अटल जी ने सेना को पाकिस्तान में और अधिक अंदर न जाने को कहा। इसके पीछे उनका यह विश्वास था कि भारतीय सभ्यता अतिक्रमणकारी नहीं है और यह उनकी विशाल हृदयता का भी प्रमाण है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुये मनोज तिवारी ने कि दिल्ली भर में ऐसे ही अटल काव्यांजलि कार्यक्रम हो रहे हैं जैसे कार्यक्रम में हम यहां डा. अम्बेडकर सेन्टर में उपस्थित हैं। उन्होंने कहा कि अटल जी बहुमुखी प्रतिभा के धनी व्यक्ति थे और हमेशा छोटे राजनीतिक विवादों से ऊपर रहते थे। संसद में एक विपक्ष के नेता के तौर पर वह अपनी वाकपटुता एवं कविताओं से सत्ताधारी दल के सदस्यों का भी दिल जीत लेते थे। अपने सम्बोधन में श्रीमती सुषमा स्वराज ने लगभग 1977 से श्री अटल बिहारी वाजपेयी से प्रारम्भ हुये अपने लम्बे राजनीतिक संबंधों को की चर्चा करते हुये कहा कि चाहे सरकार में हों या विपक्ष में एक अच्छे वक्ता के रूप में वह हमेशा अपनी छाप छोड़ते थे। हम उनमें एक पिता तुल्य संरक्षक देखते थे। श्रीमती मीनाक्षी लेखी ने कहा कि अटल जी विश्वभर में अपनी कविताओं के लिए भी लोकप्रिय रहे और उनको आज के इस काव्यांजलि कार्यक्रम से अधिक श्रद्धापूर्ण श्रद्धांजलि की कल्पना नहीं की जा सकती।
केन्द्रीय मंत्री विजय गोयल जिनका अटल जी के साथ लम्बा कार्य एवं निजी संबंध रहा ने सदर बाजार में अपने संस्मरण रखे जहां जय प्रकाश भी उपस्थित थे। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेन्द्र गुप्ता रोहिणी में, विधायक ओम प्रकाश शर्मा विश्वास नगर में एवं जगदीश प्रधान मुस्तफाबाद में, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय मोती नगर में, वरिष्ठ नेता पवन शर्मा उत्तम नगर में कार्यकर्ताओं के साथ अटल काव्यांजलि कार्यक्रमों में सम्मिलित हुये।

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