गैर कानूनी सीलिंग के खिलाफ गांवों के लोगों ने ठोकी ताल

नगर संवाददाता
नई दिल्ली। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय माकन के नेतृत्व में राजधानी में गैर कानूनी सीलिंग के खिलाफ लोग लामबन्द हो रहे हैं और इसी कड़ी में कांग्रेस द्वारा चलाये जा रहे ‘‘न्याय युद्ध‘‘ में दिल्ली देहात के लोगों ने भी कूदने का फैंसला कर लिया है। गैर कानूनी सीलिंग अभियान के मुख्य संयोजक व पार्टी के वरिष्ठ नेता मुकेश शर्मा ने आज घोषणा की कि ‘‘न्याय युद्ध‘‘ चैथे चरण मे गैर कानूनी सीलिंग के खिलाफ दिल्ली देहात के गांवों की दक्षिणी दिल्ली संसदीय क्षेत्र के रंगपुरी-महिपालपुर में आगामी रविवार 23 सितम्बर को सांय 4 बजे ‘‘महापंचायत‘‘ होगी। इसकी अध्यक्षता क्षेत्र के पूर्व विधायक श्री विजय लोचव करेंगे। श्री शर्मा प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मलेन में बोल रहे थे।
मुकेश शर्मा ने कल मनोज तिवारी द्वारा सील तोडे जाने वाले नाटक पर कड़ा प्रहार करते हुऐ कहा कि सच यह है कि गांव गोकलपुर के मकान न. 46, खसरा न. 299,जिसके मालिक प्रेम सिंह है के मकान को 14 सितम्बर को दिल्ली नगर निगम के पशु पालन विभाग ने सील किया था। जिसके बकायदा फोटोग्राफ भी मौजूद है । उन्होंने कहा कि मनोज तिवारी ने गैर कानूनी सीलिंग से प्रभावित लाखों लागों का डेयरी की सील तोडकर मजाक उडाया है। श्री तिवारी को इस कृत्य के लिए मांफी मांगनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि श्री तिवारी और दिल्ली के सातों भाजपा सांसद कांग्र्रेस के “न्याय युद्ध” से भयभीत है । उन्होंने कहा कि जैसे तत्कालीन शहरी विकास मंत्री अजय माकन ने 2006-07 में माननीय उच्चतम न्यायलय के आदेश के बाद अध्यादेश जारी करवाकर 50 लाख लोगों को राहत दिलवाई थी। यदि भाजपा इस मामले में गम्भीर है तो उन्हें श्री माकन का अनुसरण करते हुऐ तुरन्त अध्यादेश जारी करवाकर गैर कानूनी सीलिंग से लोगों को राहत दिलवानी चाहिए और यदि ऐसा नही होता है तो सातों भाजपा सांसदों को इस्तीफा देकर कांग्रेस के “न्याय युद्ध” का समर्थन करना चाहिए।
मुकेश शर्मा ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री श्री अरविन्द केजरीवाल को आडे हाथों लेते हुऐ कहा कि कांग्रेस के ”न्याय युद्ध” से खौफजदा मुख्य मंत्री ने आखिर अपनी चुप्पी ट्विट करके तोडी है लेकिन श्री केजरीवाल यदि वास्तव में गैर कानूनी सीलिंग से लोगों को राहत दिलवाना चाहते है तो उन्हे घरेलू उद्योग की परिभाषा को नए सिरे से परिभाषित करने के आदेश जारी करके 5 किलोवाट के स्थान पर 11 किलोवाट और 5 कर्मचारियों के स्थान पर 11 कर्मचारी करने की व्यवस्था करें। उन्होंने मांग कि की दिल्ली सरकार 70 प्रतिशत से अधिक औद्योगिक व व्यवसायिक इकाइयों वाले क्षेत्रों को तुरन्त औद्यागिक क्षेत्र घोषित करें। श्री शर्मा ने कहा कि ये दोनों फैसले दिल्ली सरकार के अधिकार क्षेत्र में आते है और बाकायदा मास्टर प्लान में इनका प्रावधान है। श्री शर्मा ने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार 351 सड़कों को व्यवसायिक सड़के घोषित करने की अधिसूचना रोके बैठी है जिसके कारण लाखों को गैर कानूनी सीलिंग का दंश झेलना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि श्री केजरीवाल ये तीनों फैसले नहीं करते है तो उन्हें तुरन्त अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
संवाददाता सम्मेलन को पूर्व विधायक विजय लोचव, कांग्रेस नेता जग प्रवेश कुमार ने भी सम्बोधित किया। इस मौके पर दक्षिणी दिल्ली संसदीय क्षेत्र में आने वाले दोनों जिला कांग्रेस अध्यक्ष सर्वश्री राजेश चैहान व विष्णु अग्रवाल भी मौजूद थे।
विजय लोचव ने भाजपा और आप पार्टी पर सीधा हमला बोलते हुये कहा कि गैर कानूनी सीलिंग के मुददे पर दोनों ही सरकारें गांवों व शहरीकृत गांवों के लोगों को राहत पहुचाने में पूरी तरह नाकाम रही हैं। उन्होंने कहा कि दोनों सरकारों की किसान और मजदूर विरोधी नीतियों के कारण दोनों ने ही माननीय उच्चतम न्यायालय को जानबूझकर गांव के मामले में सही तथ्यों की जानकारी नहीं दी और उसी के चलते आज गांव वालों को ये मार झेलनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि गांव की हालत सबसे ज्यादा इसलिये खराब है क्योंकि आज खेती करने के लिये जमीन उपलब्ध नहीं है और डीडीए ने जिस तरीके से कौड़ियों के मोल गांव की जमीने ली थी, किसानों को उसके बदले में किसी किस्म की राहत नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि गांवों के लोगों के पास अपने घरों में छोटे-छोटे काम-धन्धें करने के अलावा रोजगार के लिये कोई और विकल्प नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि गांवों में जो भी व्यावसायिक इकाईयां चल रही हैं वो घरेलू उद्योग की श्रेणी में आती हैं।

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