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जगदीश मुखी ने 51 बेरोजगारों को ई-रिक्शा वितरित किये

नगर संवाददाता
नई दिल्ली। ‘चौपाल’, समाज के प्रति समर्पित, देश के वंचित समाज को मुख्य धारा में लाने और आर्थिक रूप से स्वालम्बी बनाने के लिए आजीवन प्रयासरत स्व. श्री केदारनाथ साहनी द्वारा संस्थापित गैर-सरकारी संस्था है। चौपाल, भोला नाथ विज, अश्विनी चौपड़ा और किरन चौपड़ा, पंजाब केसरी परिवार के निर्देशन और सक्रिय सहयोग से दिल्ली की एक मुख्य गैर-सरकारी संस्था है।
चौपाल, समाज सेवा की नई कड़ी में आर्थिक रूप से वंचित झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले बेरोजगार नौजवानों को मुख्य धारा में लाने के लिए अब तक 550 ई-रिक्शा बांटे चुकी है।
अगली कड़ी में 80 बेरोजगार नौजवानों ने ई-रिक्शा के लिए आवेदन दिया था जिन्हें कि पुलिस वेरीफिकेशन को भेजा गया है। पुलिस रिपोर्ट आने के बाद सभी फाईलों को बैंक लोन हेतु भेज दिए जाएंगे।
एक सादे समारोह में जगदीश मुखी महामहिम राज्यपाल-असम के कर-कमलों द्वारा 51 लाभार्थियों को ई-रिक्शा वितरित किये गए। उन्होंने ई-रिक्शा वितरण के समय लाभार्थियों को यह भी संदेश दिया कि वह केवल ई-रिक्शा चालक ही नहीं रहें बल्कि बेरोजगारी उन्मूलन के लिए देश में लड़ी जा रही लड़ाई के लिए ध्वजावाहक भी बने।
भोलानाथ विज ने कहा कि ई-रिक्शा वितरण योजना प्रधानमंत्री के मेक इन इण्डिया विचार से प्रेरित एक मुख्य योजना है। इससे देश के लाखों परिवारों को रोजी-रोटी मिल रही है।
तिलक राज कटारिया नेता सदन उ.दि.न.नि. ने लाभार्थियों को ई-रिक्शा वितरण योजना का विवरण देते हुए बताया कि ई-रिक्शा की लागत में रूपये 27,500/- चौपाल द्वारा बैंक लोन हेतु ब्याजरहित ऋण के रूप में दिए जाते हैं तथा केन्द्र सरकार की सब्सिडी के रूप में 30,000/- रूपये बैंक खाते में जमा होते हैं। ई-रिक्शा की कीमत में शेष राशि केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित नियम के अनुसार, लाभार्थी द्वारा बैंक को किश्तों में भुगतान करने की योजना है।
चौपाल द्वारा किए गए ई-रिक्शा वितरण समारोह में भाजपा उपाध्यक्ष श्याम जाजू, भाजपा दि.प्र. संगठन महामंत्री सिद्धार्थन, दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेन्द्र गुप्ता, उत्तरी दिल्ली नगर निगम के महापौर आदेश कुमार गुप्ता ने लाभार्थियों को सलाह दी कि वह अपने को समाज का उपयोगी अंग समझते हुए स्वच्छता आंदोलन को जीवन आदर्श बनाने के लिए अपने क्षेत्र के निवासियों को प्रोत्साहित करें।

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