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ट्रेनिंग के लिए 60 प्रधानाचार्य जाएंगे कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी : मनीष सिसोदिया

नगर संवाददाता
नई दिल्ली। दिल्ली के सरकारी स्कूलों के प्रधानाचार्य ट्रेनिंग के लिए कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी जा रहे हैं। दिल्ली सरकार की तरफ से 60 प्रधानाचार्यों को अक्टूबर 2018 में कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में लीडरशिप प्रोग्राम की ट्रेनिंग दिलवाई जाएगी। प्रत्येक बैच में 30 लोगों को ट्रेनिंग के लिए भेजा जा रहा है। पहला बैच 8 से 17 अक्टूबर के बीच कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में प्रशिक्षण प्राप्त करेगा। जबकि दूसरे बैच की ट्रेनिंग 19 से 28 अक्टूबर के बीच होगी।
दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने 1 अक्टूबर सोमवार को दिल्ली सचिवालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इन प्रधानाचार्यों या स्कूल प्रमुखों से बातचीत की। इस दौरान उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बनने के दूसरे ही साल हमने टीचर्स ट्रेनिंग के बजट को 9 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 102 करोड़ रुपये कर दिया। सरकारी स्कूलों में बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने के बाद दिल्ली, देश, समाज, सरकार सबकी ख्वाहिश है कि हमारे बच्चों को विश्वस्तरीय शिक्षा मिले, तो इसके लिए ये भी जरूरी है कि आप सबको दुनिया में एजुकेशन सेक्टर में होने वाली बेहतरीन ट्रेनिंग उपलब्ध कराई जाए। आप सबको दुनिया की बेहतरीन एजुकेशन प्रैक्टिसेस से रू-ब-रू कराया जाए। इसीलिए हमारी सरकार टीचर्स ट्रेनिंग पर इतना जोर दे रही है।
उन्होंने कहा कि जब हमारी सरकार बनी थी, उस समय टीचर्स से ट्रेनिंग के बारे में बात की जाती थी तो वे समझते थे कि सेमिनार में जाना है। उस समय तक टीचर्स ट्रेनिंग का कॉन्सेप्ट ही नहीं था। हमने सेमिनार को ट्रेनिंग में बदला।
दोनों बैच को संबोधित करते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा कि आपको वहां सिर्फ एक टीचर के तौर पर ही ट्रेनिंग नहीं लेना है बल्कि एक एजुकेशन एडमिनिस्ट्रेटर के तौर पर वहां की एडमिनिस्ट्रेटिव फंक्शनिंग को समझना होगा। उन्होंने ये भी कहा कि पहले से तैयार होकर जाएं। पहले से वहां के बारे में अच्छी तरह से सूचनाएं जुटाकर जाएं। अपने कौतूहल शांत करके जाएं। पूरी तरह से फोकस्ड होकर कैम्ब्रिज ट्रेनिंग के लिए जाएं। उप-मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री ने ये भी कहा कि आप सभी टैक्स पेयर के पैसे से ट्रेनिंग के लिए जा रहे हैं। इसके बदले में देश के लिए वहां से काफी कुछ लेकर आना है जिसे यहां की शिक्षा व्यवस्था को वास्तव में विश्वस्तरीय बनाने में मदद मिले।

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