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डॉ. हर्षवर्धन ने रानी झांसी रोड पर नवनिर्मित ग्रेड सेपरेटर नागरिकों को समर्पित किया

नगर संवाददाता
नई दिल्ली। केंद्रीय विज्ञान एवं तकनीक व भू-विज्ञान मंत्री डॉ.हर्षवर्धन ने उत्तरी दिल्ली नगर निगम द्वारा नवनिर्मित रानी झांसी रोड पर ग्रेड सेपरेटर नागरिकों को समर्पित किया। इस मौके पर केंद्रीय राज्य मंत्री विजय गोयलय, केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) आवास एवं शहरी मामले हरदीप सिंह पुरी, दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम जाजू, उत्तरी दिल्ली के महापौर आदेश कुमार गुप्ता, स्थायी समिति की अध्यक्ष वीना विरमानीय नेता सदन तिलकराज कटारिया, अध्यक्ष निर्माण समिति आलोक शर्मा, अध्यक्ष करोलबाग क्षेत्र छैल बिहारी गोस्वामी, अध्यक्ष शहरी व सदर-पहाडग़ंज क्षेत्र मोहम्मद सादिक, क्षेत्रीय पार्षदगण जय प्रकाश, अवतार सिंह, श्रीमती शाहीन कुरैशीय नेता कांग्रेस, मुकेश गोयल, दिल्ली की पूर्व महापौर आरती मेहरा, दक्षिणी दिल्ली के पूर्व महापौर सुभाष आर्य, निगमायुक्त मधुप व्यास, प्रमुख अभियंता विजय प्रकाश, निगम पार्षद और निगम के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
ग्रेड सेपरेटर को जनता को समर्पित करते हुए केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि वह केंद्रीय नेतृत्व का आभार प्रकट करते हैं जिनके सहयोग के बिना यह परियोजना पूरी नहीं हो सकती थी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के शहरी विकास फंड की मदद से इस परियोजना को पूरा किया गया है। पुराने दिनों को याद करते हुए डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि 2008 में आधारशिला रखे जाने से काफी पहले 1997 में ही ग्रेट सेपरेटर बनाने का विचार सामने आया था। उन्होंने कहा कि रानी झांसी ग्रेड सेपरेटर का निर्माण विभिन्न एजेंसियों, विभागों और स्थानीय लोगों के सहयोग की बदौलत ही पूरा हो सका।
केंद्रीय मंत्री विजय गोयल ने कहा कि ग्रेट सेपरेटर बनने से दिल्ली की बड़ी आबादी को आने-जाने में सुविधा होगी और जिस रास्ते को तय करने में पहले एक घंटा लग जाता था, उसे अब 5 मिनट में ही तय किया जा सकता है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि पिछले साल समीक्षा बैठक के दौरान उन्हें इस बात की जानकारी मिली थी कि रानी झांसी ग्रेड सेपरेटर ऐसी परियोजना है जिसका काम काफी समय से रूका हुआ था। इससे लोगों को मुश्किल को सामना करना पड़ रहा था।
उन्होंने कहा कि ऐसे प्रोजेक्ट को पूरा करने लिए दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति व मजबूत नेतृत्व की आवश्यकता होती है। उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से अपील की कि वे ऐसी रूकी हुई परियोजनाओं को पूरा करने में मदद करें ताकि लोगों की मुश्किलों को कम किया जा सके।
दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने कहा कि 1.6 किलोमीटर लंबे इस फ्लाइओवर से रोजाना करीब 5 लाख राहगीरों को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना में रेलवे, दिल्ली जल बोर्ड, यातायात पुलिस, निगम और अन्य स्थानीय निकायों की मदद की आवश्यकता थी। साथ ही इस परियोजना को पूरा करने में कई दिक्कतें थीं जिनमें निजी संपत्ति का अधिग्रहण, रेलवे और शहरी आश्रय सुधार बोर्ड के साथ जमीन की अदला-बदली, डीडीए मार्केट, एमसीडी स्कूल, तहबाजारी आदि को अन्य स्थान पर स्थानांतरित करना शामिल था। परियोजना के कार्यान्वयन के लिए निजी संपत्ति समेत करीब 27000 वर्ग मीटर अतिरिक्त भूमि की भी आवश्यकता थी। इस मौके पर भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम जाजू, उत्तरी दिल्ली के महापौर आदेश गुप्ता, निगमायुक्त मधुप व्यास ने भी अपने-अपने विचार रखे।

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