ताजा ख़बर

महापौर ने किया भलस्वा लैंडफिल साइट का निरीक्षण

नगर संवाददाता
नई दिल्ली। उत्तरी दिल्ली के महापौर आदेश गुप्ता ने भलस्वा लैंडफिल साइट पर आग लगने की घटना पर संज्ञान लेते हुए भलस्वा लैंडफिल साइट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान आयुक्त, मधुप व्यास, अति. आयुक्त, श्रीबी.एम. मिश्रा, प्रमुख अभियंता, विजय प्रकाश, सहा.आयुक्त, पुलिस, आर.के. त्यागी व अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
महापौर आदेश गुप्ता ने कहा की भलस्वा लैंडफिल साइट पर स्थिती पर नियंत्रण रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। कूड़ा डालने की नियमित प्रक्रिया के बारे में जानकारी देते हुए, उन्होंने बताया की प्रत्येक 1 मीटर कचरे पर, 7-8 इंच माल्बा की परत बिछाई जाती है और आग लगने कि स्थिति में पानी का भी छिडकाव किया जाता है। उन्होनें बताया की उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने इस कार्य के लिए आईएल एंड एफएस को नियमित रूप से मालबा प्रदान कराने को सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए है।
महापौर ने बताया की उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने भलस्वा लैंडफिल साइट पर कूड़ा प्रबंधन और विनियमन हेतु 60 कर्मचारी, 5 बुलडोजर और 2 एक्स्कवेटर तैनात किए हैं, जो 24×7 विभिन्न पालियों में इस कार्य में लगे रहते है। इसके अलावा, भलस्वा लैंडफिल साइट के लिए अग्नि विभाग द्वारा 4 अग्नि शमन वाहन भी समर्पिक किए गए है जोकि सूचना मिलते ही उपलब्ध करवा दिये जाते है। महापौर ने लैंडफिल साइट की कटिली तारों को और सुदृढ़ करने के भी निर्देश दिए ताकी अवैध प्रवेश को रोका जा सके। उन्होने नियमित रूप से आ रहे कूड़े के संसाधित करने के लिए तुरंत कर्यवाही के निर्देष भी दिये।
महापौर आदेश गुप्ता ने बताया की भलस्वा लैंडफिल साइट के उपचार हेतु परामर्शदाता को लगाया गया है। जिसने प्रारंभिक रिपोर्ट भी निगम को सौप दी है। फर्म ने लैंडफिल साइट कूड़े के अध्ययन के लिए 28 जगह पर बोरिंग की। जिसके अनुसार कूड़ा जमीनी स्तर से 12 मीटर तक गहरा है।महापौर श्री आदेश गुप्ता ने बताया की परामर्शदाता फर्म इस वर्ष के अंत तक अपनी विस्तृत रिपोर्ट निगम को सौपेगी। जिसे के आधार पर निगम भलस्वा लैंडफिल साइट पर ढलान स्थिरीकरण, लीचेट उपचार, जैविक खनन (कूड़े का पृथीकीकरण) तथा कैपिंग के लिए वैश्विक निविदाएं आमंत्रित करने जा रही है। महापौर श्री आदेश गुप्ता ने बताया कि भलस्वा लैंडफिल साइट 70 एकड़ क्षेत्र में फैली हुई है और इसकी ऊंचाई 62 मीटर तक पहुच चुकी है। उन्होंने बताया की प्रति दिन भलस्वा लैंडफिल साइट पर 2,000 मीट्रिक टन कूड़े का निष्पादन किया जाता है, वर्तमान में यहा पर 80 लाख मीट्रिक टन कूड़ा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *