महाराजा अग्रसेन परिसर में संविधान दिवस का आयोजन

नगर संवाददाता
नई दिल्ली। भारत के 69वें संविधान दिवस पर महाराजा अग्रसेन स्कूल ऑफ लॉ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस एस. एन. ढींगरा ने संविधान के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर के महाराजा अग्रसेन यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. नंद किशोर गर्ग ने कहा कि संविधान मर्यादाओं से चलता है। लेकिन हमारे देश यह केवल एक दस्तावेज बन कर रह गया है लोगों के मन में इसके प्रति सम्मान नहीं है। उनके मन में इसके प्रति सच्ची श्रद्धा तभी आएगी जब वे इसे जानेंगे।
इस अवसर पर संस्थान के महानिदेशक प्रो. एस. सी. रैना ने स्कूल ऑफ लॉ को संविधान सभा का चित्र और संविधान की मूल प्रति भेंट की। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के प्रों अनिल राय ने अपने संबोधन में कहा कि संविधान में भारत की आत्मा और संविधान निर्माताओं की दूरदर्शिता की झलक मिलती है।यही कारण है कि 26 नवंबर ,1949 से आज तक संविधान देश को दिशा देता आ रहा है। मुख्य अतिथि के रूप में जस्टिस ढींगरा ने कहा कि संविधान को कानून का कस्टोडियन माना जाता है लेकिन हमारे देश में कुछ लोगों द्वारा संविधान का प्रबंधन किया जाता रहा है। इसी कारण देश की मूल आत्मा ,और भाषा खोती जा रही है और भ्रष्टाचार की संस्कृति हावी हो रही है। हम एक राष्ट्र के रूप में विकास नहीं कर पा रहे।
अध्यक्षीय संबोधन में संस्थान के अध्यक्ष श्री प्रेम सागर गोयल ने संविधान के बहुआयामी रूप पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के अंत डा. वी. के. भटनागर ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

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