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कांग्रेस ने सतेन्द्र जैन के इस्तीफे की मांग की

नगर संवाददाता
नई दिल्ली। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आज प्रदेश कार्यालय राजीव भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल व दिल्ली सरकार के स्वास्थ व पी.डब्लू.डी. मंत्री सतेन्द्र जैन के खिलाफ सीबीआई द्वारा आय से अधिक सम्पति का मुकद्मा चलाए जाने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा मंजूरी दिए जाने के पश्चात उनसे नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की मांग
संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता शर्मिष्ठा मुखर्जी के अलावा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री अरविन्दर सिंह लवली, दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री हारुन यूसुफ व वरिष्ठ नेता चतर सिंह, लीगल एवं मानव अधिकार विभाग के चैयरमेन एडवोकेट सुनील कुमार, मीडिया कॉआर्डिनेटर शिवम भगत भी मौजूद थे।
संवादाताओं को सम्बोधित करते हुए दिल्ली के पूर्व मंत्री हारुन यूसूफ ने कहा कि सतेन्द्र जैन द्वारा अनाधिकृत कालोनियों में 200 बीघा जमीन खरीदने तथा आय से अधिक सम्पति को लेकर चलाए जाने वाले केस को मंजूरी दिए जाने के पश्चात दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल, सतेन्द्र जैन को बचाने में लगाने में लगे हुए है, जबकि उनपर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप है। श्री हारुन ने ने कहा कि न सिर्फ सतेन्द्र जैन के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच हो बल्कि आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार द्वारा किए गए सीसीटीवी कैमरे तथा अन्य भ्रष्टाचार के मामलों की भी जांच होनी चाहिए। जब तक सतेन्द्र जैन मंत्रीपद पर रहते है तब तक निष्पक्ष जांच नही होगी इसलिए उनको तुरंत प्रभाव से इस्तीफा देना चाहिए।
अरविन्दर सिंह लवली ने कहा कि भाजपा और आप पार्टी की मिलीभगत है और दोनो नूरा कुश्ती कर रहे है। उन्होंने कहा कि आप पार्टी जो अपने आपको भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने का नारा देकर आई थी उस पार्टी के मुख्यमंत्री की नाक के नीचे भ्रष्टाचार पनपा है फिर भी केजरीवाल सतेन्द्र जैन को बचाने के लिए प्रयास कर रहे है। उन्होंने कहा कि यह पहला मौका नही है जब भाजपा और आप पार्टी की मिलीभगत जनता के सामने उजागर हुई है।
श्री लवली ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने विनित नारायण के केस में यह साफ कहा है कि सीबीआई की याचिका पर कम्पीटेन्ट अथॉरिटी के द्वारा 3 महीने के अंदर मंजूरी दी जानी चाहिए तथा एक महीने का समय और दिया जा सकता है यदि अटॉरनी जनरल या सरकार का कोई अन्य कानूनी अधिकारी इसकी अनुमति देता है ज्ञात हो कि सीबीआई ने 24/8/2017 को सतेन्द्र जैन के खिलाफ केस दर्ज कर दिया था।
श्री लवली ने कहा कि कि भाजपा की केन्द्र सरकार ने सतेन्द्र जैन के मामले में मंजूरी देने में जानबूझकर 1 साल 4 महीने की देरी की है क्योंकि भाजपा और आप पार्टी में मिलीभगत है और सिर्फ यह दिखाना चाहते है कि आप पार्टी भाजपा के खिलाफ लड़ रही है। जबकि सच्चाई कुछ ओर ही है। क्योंकि आप पार्टी राजस्थान में 183, मध्य प्रदेश में 208 व छतीसगढ़ में 90 सीटों पर लड़ रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में कभी केजरीवाल के खिलाफ मिर्ची कांड हो जाता है, कभी कारतूस कांड हो जाता है जबकि आज तक मिर्ची कांड में न तो केजरीवाल ने और न ही उनकी पार्टी ने कोई शिकायत दर्ज की है, अभी तक यह पता नही लगा है कि इस मामले में जो व्यक्ति संलिप्त है उसके खिलाफ क्या जांच हुई और मिर्ची डालने के कारण का भी पता नही लगा। श्री लवली ने कहा कि मैं पूछना चाहता हू कि केन्द्र सरकार ने सतेन्द्र जैन के में मंजूरी देने में इतनी देरी क्यों की।
मुख्य प्रवक्ता शर्मिष्ठा मुखर्जी ने दिल्ली सरकार के स्वास्थ व पी.डब्लू.डी. मंत्री सतेन्द्र जैन के खिलाफ सीबीआई द्वारा आय से अधिक सम्पति का मुकद्मा चलाए जाने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा तकरीबन एक साल चार महीने के बाद दी गई मंजूरी पर बोलते हुए कहा कि भाजपा की केन्द्र सरकार ने सतेन्द्र जैन के खिलाफ जानबूझकर देरी की जबकि सीवीसी की गाईडलाईन्स के अनुसार सीबीआई या किसी अन्य एजेन्सी को 3 या ज्यादा से ज्यादा 4 महीने में केस चलाने की मंजूरी मिल जानी चाहिए। शर्मिष्ठा मुखर्जी ने कहा कि मैं पूछना चाहती हू कि केन्द्र सरकार ने सतेन्द्र जैन के मामले में मुकद्मा चलाने की मंजूरी देने में 1 साल 4महीने क्यों लगा दिए।
वरिष्ठ नेता चतर सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार के मंत्री व विधायक के खिलाफ बहुत ही संगीन आरोप लगे है। इसलिए आप पार्टी की दिल्ली सरकार आज तक जनलोकपाल नियुक्त नही कर पाऐं है क्योंकि इनको पता है कि यदि सशक्त जनलोकपाल कानून बन जाता है तो सबसे इनके मंत्री व विधायक भ्रष्टाचार के चलते जेल जाऐंगे। उन्होंने कहा कि यही हाल केन्द्र की भाजपा का है जो आज तक कांग्रेस की यूपीए सरकार द्वारा पास किए गए लोकपाल कानून को लागू नही कर पाए क्योंकि उनको भी पता है कि उनकी सरकार भी भ्रष्टाचार में डूबी हुई है।

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