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गैस आपूर्तिकर्ताओं के लिए गैस ट्रेडिंग हब स्थापित किया जाएगा : धर्मेन्द्र प्रधान

नई दिल्ली। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और कौशल विकास व उद्यमिता मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा है कि ऊर्जा आर्थिक विकास का एक प्रमुख वाहक या संचालक है। यही कारण है कि हमारी सरकार का फोकस ऊर्जा न्याय और जलवायु न्याय के दोहरे उद्देश्यों को पूरा करने के लिए भारत के ऊर्जा परिदृश्य में व्यापक बदलाव लाने पर रहा है। एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ऊर्जा विजन को ध्यान में रखते हुए भारत का ऊर्जा क्षेत्र एक नई शुरुआत करने की ओर अग्रसर है। स्थिर ऊर्जा भविष्य के लिए ऊर्जा के चार स्तंभों यथा ऊर्जा पहुंच, ऊर्जा दक्षता, ऊर्जा स्थिरता और ऊर्जा सुरक्षा में सामंजस्य स्थापित करने की आवश्यकता है। पेट्रोलियम मंत्री ने इस क्षेत्र में ‘सुधार, प्रदर्शन एवं बदलावÓ लाने की भरसक कोशिश की है। चार वर्षों की अवधि में सरकार ने कई सुधार लागू किए हैं और दूरगामी प्रभाव वाले अनेक कार्य सफलतापूर्वक पूरे किए हैं। उन्होंने कहा कि भारत में प्रति व्यक्ति ऊर्जा खपत या उपभोग विश्व औसत का लगभग एक तिहाई है, अत: ऊर्जा दक्षता सुनिश्चित करने के साथ-साथ हमें निश्चित तौर पर इसमें बदलाव लाना चाहिए।
श्री प्रधान ने कहा कि देश में स्वच्छ एवं किफायती ऊर्जा तक आम जनता की न्यायसंगत पहुंच सुनिश्चित करते हुए लोगों के जीवन में व्यापक बदलाव लाने संबंधी प्रधानमंत्री श्री मोदी का लक्ष्य आगे भी ‘नये भारतÓ के निर्माण का आधार बना रहेगा। उन्होंने कहा कि भारत में आर्थिक विकास को आवश्यक सहयोग प्रदान करने में ऊर्जा अत्यंत मददगार है, जिससे इसकी बदौलत बढ़ते मध्यम वर्ग की आकांक्षाओं को पूरा करना संभव है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में अमेरिका और चीन के बाद भारत ही पूरे विश्व में तीसरा सबसे बड़ा ऊर्जा उपभोक्ता है। श्री प्रधान ने कहा कि हमारी ऊर्जा मांग वर्ष 2040 तक तीन गुना बढ़ जाएगी।
श्री प्रधान ने कहा कि अगले कदम के रूप में हम जल्द ही एक गैस ट्रेडिंग हब की स्थापना करेंगे, जिससे प्राकृतिक गैस के मुक्त व्यापार के लिए गैस आपूर्तिकर्ताओं और खरीदारों तक इसकी आसान एवं त्वरित पहुंच सुनिश्चित हो जाएगी। यही नहीं, इससे भारत को स्वयं अपनी हब आधारित मूल्य निर्धारण व्यवस्था विकसित करने में मदद मिलेगी। (पीआईबी)

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