केजरीवाल सरकार तथा मोदी सरकार एक ही सक्के के दो पहलु है : अजय माकन

नगर संवाददाता
नई दिल्ली। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय माकन ने दिल्ली के रोहिणी जिले के रोहिणी मुख्य अलीपुर-बख्तावरपुर रोड स्थित ब्रिस्टल फार्म हाउस में बूथ अध्यक्षों के आठवें सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्ली में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर तक पहुँच गया है । केंद्र में भाजपा सरकार में पर्यावरण मंत्री डॉ हर्षवर्धन जो कि दिल्ली से ही रहते है उसके वाबजुद भी दिल्ली में प्रदूषण का बूरा हाल है, दिल्ली में लोगों का रहना मुश्किल हो गया हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिसंबर 2015 में दिल्ली में ऑड-ईवन योजना शुरू की थी, जिसमें कहा गया था कि दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसें चलाएंगे और पेड़ों पर जमी धूल को हेलीकॉप्टर के माध्यम से कृत्रिम वर्षा करके साफ करेंगे व दिल्ली में पानी का छिड़काव करेंगे और मशीनों को स्थापित करके सड़कों पर पानी डालकर साफ करेंगे, लेकिन पिछले छह वर्षों में इनमें से कोई भी वादा पूरा नहीं हुआ है।
श्री माकन ने कहा कि दिल्ली में कुल प्रदूषण का 48 प्रतिशत प्रदूषण वाहनों द्वारा किया जाता है क्योंकि सार्वजनिक व्यवस्था की कमी के कारण ज्यादा से ज्यादा लोग अपने नीजी वाहनों से चलते है जिसके कारण दिल्ली में जाम लगा रहता है और प्रदूषण भी फैलता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की कांग्रेस सरकार डी.टी.सी. के बैड़े में 5600 बसें छोड़ कर गयी थी जबकि अब केवल 3500 बसें रह गई है। उन्होंने ने कहा कि कांग्रेस के शासन में हमने 1 लाख वाहनों जिनमें बसें, टैक्सी और ऑटो आते है उनको सी.एन.जी. में बदला था जो कि विश्व में सबसे पहला और अनूठा कदम था। और यह काम तब हुआ जब मैं कांग्रेस की दिल्ली सरकार में पर्यावरण मंत्री था और केन्द्र में अटल बिहारी वाजपेयी की भाजपा सरकार थी। श्री माकन ने केजरीवाल से प्रश्न पूछते हुऐ कहा कि वें अभी तक दिल्ली के वायू प्रदूषण को खत्म करने में कामयाब क्यों नहीं हुऐ है, क्योंकि उनकी न तो काम करने की नियत है और न ही नीति है ।
श्री माकन ने कहा कि दिल्ली में सीलिंग और तोड़-फोड़ के कारण लाखों लोग बरबाद हुऐ है क्योंकि केजरीवाल सरकार ने सीलिंग और तोड़-फोड़ को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाऐं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासन में हमने मास्टर प्लान में संशोधन करके ऐसे क्षेत्रों को औद्योगिक क्षेत्र घोषित कर दिया जहां पर 70 प्रतिशत से ज्यादा औद्योगिक इकाईयां थी और इस प्रकार की कार्यवाही केजरीवाल सरकार भी कर सकती है। जबकि वें हाथ पर हाथ रखकर बैठे हुऐ है। श्री माकन ने कहा कि मोनिटरिंग कमेटी 2006 से है और सुप्रीम कोर्ट के सीलिंग और तोड़ फोड़ के ऑर्डर भी फरवरी 2006 में आऐ थे परन्तु हमने लोगों को राहत देने के लिए मास्टर प्लान में 150 संशोधन किए, 3600 रोड़ों को व्यवसायिक व मिक्स लैंड यूस के लिए नोटिफाई किया और हम नया मास्टर प्लान भी लेकर आऐ। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार ने अभी तक न तो एक भी रोड़ को नोटीफाई किया है और न ही एक भी नया औद्योगिक क्षेत्र घोषित किया है। श्री माकन ने कहा कि कांग्रेस सरकार के सत्ता मे आने के 10 दिनों के अन्दर ही सीलिंग के जिन्न को ही सील कर देंगे।
श्री माकन ने कहा कि बूथ अध्यक्षों का सम्मेलन करने का उद्देश्य यह है कि बूथ स्तर पर कांग्रेस पार्टी को मजबूत किया जाऐं। उन्होंने कहा कि पूरी दिल्ली में बूथ स्तर के सम्मेलन आयोजित किए जा रहे है ताकि 10 से 20 कार्यकर्ताओं वाली बूथ कमेटियां पूरे वर्ष व 24 घण्टे कार्य करके कांग्रेस के संगठन को बूथ स्तर तक मजबूती दे सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *