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लोकायुक्त तथा पूर्व न्यायाधीश पर आक्षेप लगाना दुर्भावनापूर्ण : विजेन्द्र गुप्ता

नगर संवाददाता
नई दिल्ली। विपक्ष के नेता विजेन्द्र गुप्ता ने पत्रकार सम्मेलन को सम्बोधित करते हुये कहा कि विधानसभा में भाजपा विधायकों की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि भाजपा के सभी चार विधायक, नेता विपक्ष विजेन्द्र गुप्ता, ओ पी शर्मा, श्री मनजिंदर सिंह सिरसा और जगदीश प्रधान लोकायुक्त को संपत्ति और देनदारी का पूरा ब्यौरा जमा करायेंगे। उन्होंने लोकायुक्त द्वारा दिल्ली विधानसभा के सभी विधायकों को दिये गये नोटिस का स्वागत किया। उन्होंने लोकायुक्त द्वारा आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के सभी विधायकों को नोटिस जारी करने को न्यायोचित कदम बताया। उन्होंने कहा कि शिकायत में केवल आम आदमी पार्टी के विधायकों के संबंध में ही शिकायत की गई थी परंतु लोकायुक्त ने पूरी पारदर्शिता का पालन करते हुये भाजपा के विधायकों को इसमें सम्मिलित कर अपनी निष्पक्षता का परिचय दिया है। पत्रकार सम्मेलन में मीडिया सह-प्रभारी नीलकांत बख्शी एवं मीडिया प्रमुख अशोक गोयल देवराहा उपस्थित थे।
नेता विपक्ष ने कहा कि यह आश्चर्य की बात है कि भ्रष्टाचार के विरूद्ध लड़ाई लड़ने और सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता का पालन करने के वायदों पर सत्ता में आई आम आदमी पार्टी अब लोकायुक्त के नोटिस दिये जाने का विरोध कर रही है। इतना ही नहीं उन्होंने लोकायुक्त पर ही दुर्भावनापूर्ण आरोप जड़ दिये। लोकायुक्त पूर्व न्यायाधीश हैं और उन्हें न्यायाधीश का दर्जा प्राप्त है। लोकायुक्त के संवैधानिक पद पर आसीन पूर्व न्यायाधीश पर आक्षेप लगाना असंवैधानिक और अवैध है। इसको जीपीएस न लगाने के अनुरोध मानने से मना करने से जोड़ना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन पर पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर नोटिस जारी करने का आरोप लगाना आम आदमी पार्टी के भ्रष्ट और अराजकतावादी चेहरे को बेनकाब करता है।
विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि जब लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य तथा दिल्ली नगर निगम जैसी स्वशासि संस्थानों के पार्षदगण अपनी अपनी संपत्ति और देनदारी का ब्यौरा जमा करा सकते हैं तो कोई कारण नहीं कि दिल्ली विधान सभा के सभी विधायक अपनी संपत्ति और देनदारी का ब्यौरा नहीं दें। उन्होंने कहा कि यह आश्चर्य की बात है कि एक ओर सांसद के रूप में आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह तथा अन्य नेता नारायण दास गुप्ता और सुशील कुमार गुप्ता अपनी संपत्ति का ब्यौरा जमा करा सकते हैं तो दूसरी ओर आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया अन्य मंत्री तथा विधायक अपनी संपत्ति का ब्यौरा जमा कराने से इंकार कर रहे हैं।
विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि ईमानदारी और पारदर्शिता का दम भरने वाले आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को सत्ता में आते ही सबसे पहले स्वयं ब्यौरा जमा कराके अपने विधायकों के समक्ष उदाहरण पेश करना चाहिये था। परंतु उन्होंने ऐसा नहीं किया और न ही अपने किसी विधायक को ऐसा करने के लिये कहा। उन्होंने कहा कि अब जब लोकायुक्त ने नोटिस जारी कर ऐसा करने को कहा है तो इंकार करना अथवा उन पर आक्षेप लगाना केजरीवाल की बदनीयति का परिचायक है।

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