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आप पार्टी दिल्ली पुलिस को निष्पक्ष चुनाव कराने से रोक रही है: विजेन्द्र गुप्ता

नई दिल्ली । नेता विपक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि भाजपा दिल्ली के मुख्य चुनाव आयुक्त तथा दिल्ली पुलिस आयुक्त से मिलकर आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल और सांसद संजय सिंह के विरूद्ध चुनाव आयोग और दिल्ली पुलिस के काम में बाधा पहुंचाने के आरोप में तुरंत कानूनी कार्यवाही की मांग करेगी। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी चुनाव आयोग और दिल्ली पुलिस को निष्पक्ष व स्वतंत्र चुनाव कराने से रोक रही है। दोनों संस्थाओं को चुनाव व्यवस्था को लेकर अपने दायित्व के निर्वाहन में बाधा पहुंचाई जा रही है। संवाददाता सम्मेलन में दिल्ली प्रदेश महामंत्री कुलजीत सिंह चहल, राजेश भाटिया, मीडिया सह-प्रभारी नीलकांत बख्शी एवं मीडिया प्रमुख अशोक गोयल देवराहा उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने संवैधानिक संस्था चुनाव आयोग को भाजपा का बताया और कहा कि उनसे इस तरह के गलत और गंदे काम मत करवाइये। उनका यह आरोप अत्यंत शरारतपूर्ण और कुटिल है कि उनके दो काल सेंटरों पर श्री अमित शाह ने दिल्ली पुलिस की रेड कराई। संजय सिंह का मुख्य चुनाव आयुक्त को लिखा गया पत्र झूठ का पुलिंदा है जिसमें उन्होंने लिखा है कि भाजपा नेताओं के इशारे पर दिल्ली पुलिस काम कर रही है। यह आम आदमी पार्टी की राजनीतिक साज़िश है कि चुनाव व पुलिस अधिकारियों को डराया धमकाया जाये।
विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि दिल्ली पुलिस मुख्य चुनाव अधिकारी के निर्देश पर काल संेटरों के विरूद्ध गुमराह करने वाले दुष्प्रचार पर कार्यवाही कर रही है। उन्होंने सबूत के तौर पर प्रेस वार्ता में एक आडियो रिकार्डिंग क्लिप प्रस्तुत की जिसमें बोलने वाली महिला ने कहा कि वे आम आदमी पार्टी से बोल रही है। आपका नाम वोटर लिस्ट से काट दिया गया है और अरविंद केजरीवाल उसे जुड़वा रहे हैं। दिल्ली पुलिस पर झूठे और बेबुनियाद आरोप लगाकर उसे अपने कर्तव्य का निर्वाहन करने से रोक रहे हैं ने पिछले कुछ महिनों से आम आदमी पार्टी द्वारा वोटर लिस्ट से नाम काटे जाने को लेकर गंभीर राजनीतिक साज़िश रच रही है और झूठा प्रोपेगंडा कर रही है।
नेता विपक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि केजरीवाल और उनकी पार्टी खुलेआम चुनाव आयोग के आदेश का उल्लंघन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के काल संेटर अभी भी दिल्ली के नागरिकों को फोन करके उन्हें गुमराह कर रहे हैं कि उनका नाम वोटर लिस्ट से काट दिया गया है और केजरीवाल उनका नाम जुड़वा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी दिल्ली सरकार के विद्यार्थियों से, बिजली और पानी के बिलों से इकट्ठे किये गये डेटा का दुरूपयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग और दिल्ली पुलिस आयुक्त को गैरकानूनी रूप से इकट्ठा किया गया डेटा जब्त करना चाहिये और आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में कार्यवाही करनी चाहिये।
नेता विपक्ष ने कहा कि आम आदमी पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल और उनके सांसद संजय सिंह झूठ फैला रहे हैं कि भाजपा नेताओं के इशारे पर दिल्ली पुलिस द्वारा आप नेताओं का उत्पीड़न किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वास्तविकता यह है कि पिछले कुछ महीनों से केजरीवाल ने काल सेंटरों के माध्यम से झूठ का जो विशाल तंत्र स्थापित किया हुआ है उसके द्वारा दिल्ली के भोले भाले नागरिकों को गुमराह ही नहीं किया जा रहा है अपितु उनको बार बार फोन करके मानसिक यंत्रणा भी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव तथा पुलिस अधिकारी संविधान में सौंपे गये दायित्वों के निर्वाहन के लिये काम कर रहे हैं परंतु आम आदमी पार्टी इनको निष्पक्ष तरीके से काम करने से रोक रही है।
विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि केजरीवाल का पहला झूठ यह है कि भाजपा ने 30 लाख वोट कटवा दिये हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली विधान सभा उनके झूठ का पर्दाफाश हो चुका है। उनके मंत्री इमरान हुसैन ने सदन में जो आंकड़े प्रस्तुत किये थे उसके अनुसार पिछले 4 वर्षों में 11.54 लाख नाम काटे गये और 18.44 लाख नाम जोड़े गये। इस प्रकार 30 लाख नाम कटे नहीं अपितु 6.90 लाख और जोड़े गये। परंतु आज तक उनके काल सेंटर नागरिकों को फोन करके यही जानकारी दे रहे हैं कि 30 लाख वोटर काट दिये गये हैं और अरविंद केजरीवाल उनका कटा हुआ नाम जुड़वायेंगे। वह यह झूठ बोलकर दिल्ली के वोटरों की सहानुभूति बटोरना चाहते हैं।
नेता विपक्ष ने कहा कि केजरीवाल का दूसरा झूठ यह है कि वो कह रहे हैं कि हमने वोट जुड़वा दिये जबकि चुनाव आयोग ने साफ कहा है कि चुनाव आयोग के अलावा कोई भी व्यक्ति वोटर लिस्ट में नाम कटवा या जुड़वा सकता। नाम जोड़ने और काटने की एक संवैधानिक प्रक्रिया होती है। इसको केजरीवाल या आम आदमी पार्टी किसी का नाम भी नहीं जुड़वा सकते। वे आम नागरिकों को गुमराह कर रहे हैं।
विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि केजरीवाल सरकार के पास दिल्ली की जनता का जो डेटा है उसका दुरूपयोग किया जा रहा है। यह डेटा दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग के पास उपलब्ध है जिसे गैरकानूनी रूप से स्कूल के बच्चों के माध्यम से इकट्ठा किया गया था। चुनाव कार्यालय ने इस पर सख्ती बरतते हुये उन्हें वोटर कार्ड संबंधी या अन्य किसी भी प्रकार का डेटा इकट्ठा करने से रोक दिया गया था। भाजपा ने उस समय भी मांग करी थी कि इस डेटा को जब्त किया जाये ताकि आम आदमी पार्टी भविष्य में इसका दुरूपयोग न कर पाये। परंतु आम आदमी पार्टी अब इसी डेटा को प्रयोग कर दिल्ली वासियों को परेशान कर रही है और उन्हें गलत जानकारी के आधार पर उनकी सहानुभूति बटोरना रही है। यह डेटा बिजली व पानी के बिलों से भी हासिल किया जा रहा है।
नेता विपक्ष ने मांग करी कि चुनाव आयोग और दिल्ली पुलिस आयुक्त को गैरकानूनी रूप से इकट्ठा किया गया डेटा जब्त करना चाहिये और आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में कार्यवाही करनी चाहिये।

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