ताजा ख़बर

कांग्रेस हमेशा शहीदों का अपमान करती रही है : मीनाक्षी लेखी

नई दिल्ली । हाल ही में देश की आजादी की लड़ाई में इतिहास के सबसे बर्बर जलियावाला बाग हत्याकांड के 100 वर्ष पूरे हुए हैं। इस कार्यक्रम में देश के उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने हिस्सा लिया और इस मौके पर शहीदों की याद में 100 रूपये का सिक्का जारी किया। यह एक सरकारी अधिकृत कार्यक्रम था और इसमें प्रोटोकॉल के तहत पंजाब के मुख्यमंत्री कैंपटन अमरिंदर सिंह को भी हिस्सा लेना था, लेकिन उन्होंने राहुल गांधी के इशारे पर इस कार्यक्रम का बहिष्कार किया और बाद में पहुंचे खुद राहुल गांधी के कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए नई दिल्ली की सांसद श्रीमती मीनाक्षी लेखी ने प्रदेश कार्यालय में मीडिया को संबोधित किया और पंजाब के मुख्यमंत्री अमररिंदर सिंह पर राहुल गांधी के इशारे पर शहीदों के अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कांग्रेस हमेशा शहीदों का अपमान करती रही है और उसने कभी संघीय ढांचे का भी सम्मान नहीं किया। पत्रकार वार्ता में मीडिया सह-प्रभारी श्री नीलकांत बख्शी एवं मीडिया प्रमुखअशोक गोयल उपस्थित थे।
श्रीमती लेखी ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह फौजी रहे हैं और हमें उनकी देशभक्त पर रत्ती भर भी संदेह करने का हक नहीं है, लेकिन उनकी परिवार भक्ति ने देश के शहीदों का न केवल अपमान किया है बल्कि प्रोटोकाल को भी तोड़ा है। हमें अमरिंदर सिंह से कोई शिकायत नहीं है, लेकिन एक राज्य के मुख्यमंत्री को यह शोभा नहीं देता है कि वह उपराष्ट्रपति के कार्यक्रम को भी किसी और के इशारे पर इस तरह बहिष्कृत करें। यह देश के संवैधानिक ढ़ाचें को चुनौती देना है। क्योंकि राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति या प्रधानमंत्री किसी पार्टी के नहीं होते हैं, बल्कि पूरे देश के होते हैं। यह जलियावाले बाग के शहीदों का अपमान है।
श्रीमती लेखी ने राहुल गांधी पर सीधे हमला बोला और कहा कि राहुल गांधी ने इस मामले में राजनीति करके अपने स्तर को गिराया है। ऐसा अन्य उदाहरण देखने को नहीं मिलता है। हालांकि राहुल गांधी की यह प्रतिक्रिया हैरान भी नहीं करती हैं क्योंकि वो एक ओर प्रधानमंत्री को गालियां देते हैं और दूसरी ओर टुकड़े-टुकड़े गैंग के समर्थन में खड़े हैं। ऐसे में शहीदों का अपमान करना हैरान नहीं करता है। सत्ता के लिए राहुल गांधी किसी भी हद तक गिर सकते हैं।
श्रीमती लेखी ने कहा कि भारत के उपराष्ट्रपति के कार्यक्रम का बायकाट करवाना कई सवाल भी खड़े कर रहा है। उन्होंने कहा कि एक ओर राहुल उन लोगों के साथ गठबंधन कर रहे हैं जो कश्मीर में अलग प्रधानमंत्री बनाने की बात कर रहे हैं तो वहीं अपने घोषणापत्र में आतंकियों का मददगार बनने की कोशिश की है। ऐसे में उपराष्ट्रपति के कार्यक्रम का बायकाट इनके खतरनाक मंसूबों की ओर इशारा करता है। यह केवल प्रोटोकाल ही नहीं बल्कि देश के भी खिलाफत है, मैं राहुल गांधी से जानना चाहती हूं कि वे ऐसा कार्य किसके दवाब में कर रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *