फैशन एंड डिज़ाइन वीक का धूमधाम से समापन

नई दिल्ली। जैसे-जैसे शहरों का विकास हो रहा है वैसे ही जगह काम होती जा रही है, छोटी जगह को किस तरह रहने लायक बनाया जा सकता है और अपनी जरुरत की हर चीज़ को उस घर में सेट किया जा सकता है और किस तरह किस तरह उस घर में पॉसिटिविटी लायी जा सकती है यह काम बहुत मुश्किल है पर जरुरी है क्योकि घर हमे सुकून देता है यह कहना था तीसरे ग्लोबल फैशन एंड डिज़ाइन वीक के अंतिम दिन पायल कपूर का जिनका मानना है की आजकल छोटे छोटे पौधो को लगा कर आप अपने घर को खूबसूरत बना सकते हो। इस अवसर पर कॉउंसल जनरल ऑफ़ द रिपब्लिक ऑफ़ यूनियन ऑफ़ द कोमोरोस के. एल. गंजु, सुप्रीम कोर्ट लॉयर अनूप बोस, आर्किटेक्ट डॉ. हरीश त्रिपाठी, मारवाह स्टूडियो के निदेशक संदीप मारवाह, इंटीरियर डिज़ाइनर पायल कपूर, डिज़ाइनर मनीष गुलाटी, आर्किटेक्ट नकुल वर्मा, पैजन्ट विनर किरण संगीता मुरली और जे. पी. सिंह उपस्थित हुए।
के. एल. गंजु ने कहा कि फैशन डिज़ाइनर को हमेशा आम आदमी को दिमाग में रखकर डिज़ाइन करना चाहिए, ताकि हर वर्ग का इंसान उसे खरीद कर पहन सके। ज्यादातर देखा जाता है की जिस डिज़ाइनर का नाम हो जाता है उसके कपडे एक सीमित वर्ग के लोग पहनते है जिसका कारण है उनकी कीमत। डॉ. हरीश त्रिपाठी ने कहा कि आज ज़िन्दगी 2बीएचके -3बीएचके में सीमित कर रह गयी है, उसमे लोग वास्तु और डिज़ाइन को बहुत एहमियत देने लगे है और आज हर इंसान को पता है की उनकी क्या ज़रूरते है चाहे वो बच्चे हो, बुज़ुर्ग हो या महिलाए हो, वो चाहते है उनका घर ऐसा हो जिसमे हर ज़रूरत पूरी हो सके। किरण संगीता मुरली ने कहा कि अपने आपको प्रेजेंट करना आना चाहिए और आपको अपने कम्फर्ट के हिसाब से अपने कपडे, फुटवियर और मेकअप सेलेक्ट करना आना चाहिए जो आपको कॉन्फिडेंस दे। इस अवसर पर संदीप मारवाह ने कहा की मुझे बच्चों की मेहनत देखकर ख़ुशी हो रही है की उन्होंने इतने अच्छे डिज़ाइन किये और सबसे अच्छी बात की वो आज की पसंद को समझते है, इन तीन दिनों में हमने बहुत कुछ सीखा और भी बहुत कुछ सिखने की ज़रूरत है, क्योकि सीखना कभी ख़तम नहीं होना चाहिए यही आपको आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।

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