कैट ने व्यापारियों को पेंशन दिए जाने के मुद्दे पर प्रधानमंत्री को पत्र लिखा

नई दिल्ली। कॉन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भेजकर उनके नेतृत्व में कैबिनेट द्वारा 60 वर्ष की आयु प्राप्त करने के बाद व्यापारियों को पेंशन प्रदान करने के निर्णय से अपने वादे को पूरा करने पर देश के 7 करोड़ व्यापारियों की ओर से धन्यवाद् दिया है । कैट पिछले तीन वर्षों से अधिक समय से व्यापारियों को पेंशन दिए जाने की मांग कर रहा था। सरकार के इस निर्णय से देश के लगभग 3 करोड़ व्यापारी लाभान्वित होंगे।
कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने सरकार के इस कदम की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह व्यापारियों की सामाजिक सुरक्षा की दिशा में पहला कदम है। यह इतिहास में पहली बार है जब किसी सरकार ने व्यापारी समुदाय के पक्ष में इतनी जल्दी कोई ऐतिहासिक निर्णय लिया है जो वास्तव में एक मील का पत्थर है। श्री खंडेलवाल ने कहा कि यह देश के व्यापारियों को विशेष रूप से उनके बुढ़ापे के दौरान गरिमा और वित्तीय सुरक्षा का जीवन सुनिश्चित करेगा।
श्री खंडेलवाल ने कहा कि इस योजना के अंदर 18 से 40 वर्ष की आयु के सभी छोटे दुकानदारों और स्वरोजगार के साथ-साथ खुदरा व्यापारियों जो जीएसटी में पंजीकृत हैं हैं और जिनका वार्षिक टर्नओवर 1.5 करोड़ रुपये तक है को पेंशन का लाभ मिलेगा जिसका अर्थ है कि पहली पेंशन आज से 20 साल बाद व्यापारियों को वितरित की जाएगी। हालांकि, वर्तमान में देश में लगभग 1.5 करोड़ व्यापारी हैं जो 60 वर्ष की आयु के पास हैं और उन्हें इस योजना से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
श्री खंडेलवाल ने सुझाव दिया कि अगले वित्तीय वर्ष से योजना को तत्काल प्रभाव देने के लिए 41 साल से 60 साल तक के व्यापारियों को पेंशन दी जानी चाहिए जो उनके द्वारा दायर जीएसटी रिटर्न के साथ जुडी हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि बड़ी संख्या में व्यापारियों को जीएसटी के तहत पंजीकृत होने की आवश्यकता नहीं है और इस तरह वे भी इस योजना से वंचित रहेंगे। उन्होंने सुझावदिया है कि उन्हें उस योजना में भी शामिल किया जाना चाहिए जो उनके वार्षिक कारोबार से जुड़ी हो सकती है। इस तरहए यह योजना सभी क्षेत्रों के व्यापारियों को बड़े पैमाने लाभ देगी।

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