आपके बच्चे की पढ़ाई की ज़िम्मेदारी मेरी है, आप पैसे की बिलकुल चिंता ना करना : अरविंद केजरीवाल

नई दिल्ली। अब दिल्ली में हमने ऐसी व्यवस्था कर दी है कि दिल्ली में पैदा होने वाला कोई भी बच्चा पैसे की कमी की वजह से अच्छी पढ़ाई से वंचित नहीं रहेगा। दिल्ली के हर माता-पिता को मैं भरोसा दिलाता हूं – आपके बच्चे की पढ़ाई की जिम्मेदारी मेरी है, आप पैसे की बिलकुल चिंता मत करना। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हॉयर एंड टेक्निकल एजुकेशन हासिल करने वाले स्टूडेंट्स को स्कॉलरशिप देने के लिए दिल्ली सचिवालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कही।
अरविंद केजरीवाल ने कहा, आप सबकी कहानियां दिल को छू गईं। हमें इन बच्चों से संघर्ष करने की प्रेरणा मिलती है। उच्च शिक्षा के लिए आपकी हिम्मत बनी रहनी चाहिये, इसके लिए दिल्ली सरकार आपके साथ है। पैसे के अभाव में दिल्ली में जन्मे एक भी बच्चे की शिक्षा नहीं रुकने दी जाएगी।
इस मौक़े पर उप-मुख्यमंत्री श्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि हमारा उद्देश्य है कि दिल्ली का कोई बच्चा पैसे की कमी के कारण अपनी पढ़ाई बीच में न छोड़े।
श्री केजरीवाल सरकार भविष्य में ज़रूरत पड़ने पर उच्च शिक्षा की स्कॉलरशिप 100 करोड़ रुपये तक भी करेगी। उच्च शिक्षा की दिशा में हमने काफी काम किये हैं। पिछले साढ़े चार साल के भीतर हमने कई कॉलेजों में सीटें बढ़ाई हैं। मुख्यमंत्री जी का निर्देश है कि 12वीं में 60 फीसदी अंक पाने वाले बच्चों को भी कॉलेज में एडमिशन मिलना संभव हो सके। ये हमारी सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। उप-मुख्यमंत्री ने कहा, साल 2015 में एनएसआईटीयू में 1000 सीटें थीं, जो अब बढ़कर 1700 हो गई हैं। इसी तरह आईजीडीटीयूडब्ल्यू में सीटें 600 से बढ़कर 1000 हो गई हैं। आईआईआईटी और डीटीयू में सीटों की संख्या दोगुनी हो चुकी है। डीटीयू का नया कैंपस ईस्ट दिल्ली में खुला है। अंबेडकर यूनिवर्सिटी के दो नये कैंपस खुले हैं। एससीईआरटी का नया बीएड कॉलेज खुला है। दो नये टीचर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट्स खोले गये हैं। अब तक दिल्ली सरकार ने 16 नये कॉलेज खोले हैं। हॉयर और टेक्निकल एजुकेशन के क्षेत्र में ये हमारी बड़ी उपलब्धि है।
स्कॉलरशिप पाने वाली शीतल ने कहा कि अब मेरे सपने साकार होते दिख रहे हैं। आर्थिक अभाव में उच्च शिक्षा पाने का सपना टूट चुका था। लेकिन इस स्कॉलरशिप की मदद से मेरा सपना पूरा हो पाया है। एमसीए की पढ़ाई कर रहीं आकांक्षा ने बताया कि दिल्ली सरकार से मिली स्कॉलरशिप की वजह मैं उच्च शिक्षा प्राप्त कर पा रही हूं। मेरे पिता जी की स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह इस पढ़ाई के लिए फीस दे पाते। आईपी यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर रहीं प्रिया ने बताया कि मेरे पापा हम लोगों के साथ नहीं रहते। मम्मी ने हमें पढ़ाया है। वो अपना छोटा सा काम करती हैं। उनका सपना था कि मैं इंजीनियर बनूं। अगर ये स्कीम नहीं होती तो उनका ये सपना पूरा नहीं हो सकता था।

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