अब डीटीसी और क्लस्टर की बसों में मेट्रो कार्ड के इस्तेमाल पर 10 फीसदी की छूट

नगर संवाददाता
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार, विभिन्न बोर्ड और कॉर्पोरेशंस में न्यूनतम मजदूरी पर प्रत्यक्ष नियुक्त या दिल्ली सरकार के विभिन्न कामों के लिए कॉन्ट्रैक्टर के जरिये नियुक्त कर्मियों की सैलरी कम नहीं होगी। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इससे संबंधित एक फैसले को मंजूरी दे दी गई।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसके बारे में जानकारी देते हुए दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बताया कि दिल्ली सरकार ने मार्च 2017 में मिनिमम वेजेज बढ़ा दिया था जिससे न्यूनतम मजदूरी पर काम करने वाले कर्मचारियों को तकरीबन 12,000 रुपये मिलने लगे थे। लेकिन अगस्त 2018 में कुछ तकनीकी वजहों से दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार के इस फैसले पर रोक लगा दी । इसके बाद कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों की सैलरी कम हो गई।
श्री सिसोदिया ने बताया कि मैं स्कूलों में जाता रहता हूं। पिछले दिनों वहां मुझे कई सिक्योरिटी गार्ड, सफाई कर्मचारियों और अन्य कर्मियों ने बताया कि उनकी सैलरी कम हो गई है। कुछ कर्मचारियों ने ये भी बताया कि चूंकि इसे अगस्त से लागू किया गया, इसलिए अक्टूबर की सैलरी में दो महीने (अगस्त और सितंबर) की घटी हुई सैलरी को जोड़कर ये रकम काट ली गई। इसे देखते हुए दिल्ली सरकार ने ये फैसला लिया है कि इन कर्मचारियों की सैलरी कम नहीं होने दी जाएगी। इन्हें बढ़ी हुई न्यूनतम मजदूरी की दर पर ही सैलरी मिलती रहेगी। इसके अलावा जिन कर्मचारियों की सैलरी कट गई है उन्हें अगले महीने की सैलरी में इसे वापस किया जाएगा। इस संबंध में कैबिनेट ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि वे व्यक्तिगत तौर पर ये सुनिश्चित करवाएं कि नवंबर में जब इन कर्मचारियों के खाते में सैलरी ट्रांसफर हो तो उन्हें पहले की तरह तकरीबन 12,000 रुपये मिले और जिन कर्मचारियों की सैलरी में कटौती हुई है उनको वह रकम वापस की जाए जिससे दिल्ली के हजारों परिवार खुशी से दीवाली का त्योहार मना सकें। कैबिनेट का यह फैसला दिल्ली सरकार के सभी विभागों, सभी पीएसयूए सभी बोर्ड और स्वायत्त निकायों पर लागू होगा। उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ये भी कहा कि दिल्ली सरकार, सरकारी और निजी क्षेत्रों में न्यूनतम मजदूरी पर काम करने वाले कर्मियों को बढ़ी हुई न्यूनतम मजदूरी दरों पर सैलरी दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसीलिए दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में भी चुनौती दी गई है।
मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल की अध्यक्षता में हुई कबिनेट की बैठक में लिए दूसरे फैसले के अनुसार अब डीटीसी और क्लस्टर की बसों में मेट्रो कार्ड का इस्तेमाल करने पर किराये में 10 फीसदी की छूट प्राप्त होगी। कैबिनेट ने इस फैसले को अपनी मंजूरी दे दी है। कॉमन मोबिलिटी कार्ड के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली सरकार ने 8 जनवरी 2018 को 200 डीटीसी और 50 क्लस्टर बसों में मेट्रो कार्ड के इस्तेमाल का पायलेट प्रोजेक्ट शुरू किया था। इसकी शुरुआत खुद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने की थी। इसके बाद 24 अगस्त को इसे पूरी तरह लागू कर दिया गया। इस प्रयास का मुख्य उद्देश्य दिल्ली में लोगों को सार्वजनिक परिवहन बसों यानी डीटीसी और क्लस्टर बसों के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित करना है। डीटीसी की 3882 और क्लस्टर की 1679 बसों में रोजाना तकरीबन 30 लाख लोग यात्रा करते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *