अरविन्द केजरीवाल ने दिल्ली को दिया ‘‘भ्रष्टाचार युक्त शासन’’: अजय माकन

नगर संवाददाता
नई दिल्ली। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री अजय माकन ने कहा है कि राजधानी को ‘‘भ्रष्टाचार मुक्त शासन’’ देने का वादा करने वाली केजरीवाल सरकार ने दिल्ली को ’’भ्रष्टाचार युक्त शासन’’ दिया है। श्री माकन ने अपने इस आरोप की पुष्टि में आज ट्रांसप्रेंसी इन्टरनेशनल इंडिया और सेन्टर फॉर मीडिया स्टडीज़ की ताजा रिपोर्ट जारी की। उन्होंने कहा कि दोनो संस्थाओं के आंकड़ो से यह साबित होता है कि आप पार्टी की दिल्ली सरकार आंकठ भ्रष्टाचार में डूबी हुई है। श्री माकन पार्टी कार्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में बोल रहे थे। संवाददाता सम्मेलन में पार्टी प्रवक्ता शर्मिष्ठा मुखर्जी, वरिष्ठ कांग्रेस नेता मुकेश शर्मा, चतर सिंह, ब्रहम यादव व कॉआर्डिनेटर मेहदी माजिद मौजूद थे।
श्री माकन ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि इंडिया अंगेस्ट करप्शन के नाम पर निकली इस तथाकथित पार्टी ने न केवल दिल्लीवालों को ठगा है बल्कि आज राजधानी में हर स्तर पर सरकारी विभागों में मुख्यमंत्री व मंत्रियों के संरक्षण में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। उन्होंने आंकड़ो का हवाला देते हुए कहा कि 2015में 20 प्रतिशत भ्रष्टाचार के मुकाबले 2018 में 34 प्रतिशत भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि सीधे तौर पर रिश्वत लेने के गंभीर मामलों में भी बेहताशा वृद्धि हुई है। उन्होंने बाकायदा सेन्टर फॉर मीडिया स्टडीज, सीएमएस -आईसीएस की रिपोर्ट भी पत्रकारों को दी। श्री माकन ने कहा कि दिल्ली में 46 प्रतिशत लोगों ने रिश्वत दी है जो राजधानी के लिए बहुत ही शर्म की बात है।
अजय माकन ने केजरीवाल सरकार को भ्रष्टाचार के मामले में घेरते हुए कहा कि दिल्ली में भूमाफियाओं के साथ मिलकर सरकार ने बड़ा भ्रष्टाचार किया है जिसकी पुष्टि ट्रांसप्रेंसी इन्टरनेशनल इंडिया ने अपनी अक्टूबर माह की रिपोर्ट में की है। उन्होंने कहा कि 41 प्रतिशत भ्रष्टाचार दिल्ली में सम्पति व भूमि के मामलों मे बढ़ा है। श्री माकन ने यह भी कहा कि दिल्ली की आम जनता से जुड़े बिजली व ट्रांसपोर्ट विभाग में भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर है जिससे यह साबित होता है कि दिल्ली की सरकार बिजली कम्पनियों से मिली हुई है और इस भ्रष्टाचार में सरकार की सीधी भागीदारी है।
अजय माकन ने आप पार्टी पर हमला जारी रखते हुए यह भी कहा कि आज रोजमर्रा के कामों के लिए न केवल लोगों को रिश्वत देनी पड़ रही है बल्कि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2016 में 7 प्रतिशत भ्रष्टाचार था जो आज 2018 में बढ़कर 23 प्रतिशत हो गया है और दिल्ली में आम लोगों से जुड़े हुए मामलों पर भ्रष्टाचार 40 प्रतिशत से बढ़कर अक्टूबर 2018 में 64 प्रतिशत तक आ गया है। उन्होंने यह भी कहा कि जन लोकपाल की दुहाई देने वाली आप पार्टी आज जानबूझ कर जन लोकपाल को भूल गई है।
अजय माकन ने स्पष्ट रुप से कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा किए इस भ्रष्टाचार के पुख्ता सबूत है और दोनो संस्थाओं की रिपोर्ट यह साबित करती है कि यह पूरा सरकारी तंत्र भ्रष्टाचार में लिप्त है। श्री माकन ने मांग की कि इस भष्टाचार की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।

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