‘पत्रकारिता की नैतिकता एवं चुनौतियाँ’ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन

नगर संवाददाता
नई दिल्ली। पत्रकारिता की नैतिकता एवं चुनौतियाँ विषय पर एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी का आयोजन किया, जिसमें दिल्ली के वरिष्ठ पत्रकारों एवं निदेशालय के अधिकारियों ने हिस्सा लिया । जनसंपर्क सचिव डॉ जयदेव सारंगी के मार्गदर्शन में निदेशालय में पहली बार इस प्रकार की संगोष्ठी का आयोजन किया गया । इस अवसर पर निदेशालय के विशेष निदेशक श्री संदीप मिश्रा, दिल्ली प्रैस एक्रिडेसन कमिटी के चेयरमैन शरद शर्मा, पूर्व चेयरमैन अनिरुद्ध शर्मा, एशियनएज के सहायक संपादक प्रमोद कुमार, हिन्द न्यूज़ के संपादक अब्दुल माजीद, डॉ पंकज श्रीवास्तव के अतिरिक्त निदेशालय के उप निदेशक नलिन चौहान, सूचना अधिकारी कांचन आज़ाद ने अपने विचार प्रकट किए ।
जनसंपर्क सचिव डॉ जयदेव सारंगी ने सेमिनार के लिए अपना मूल्यवान समय देने के लिए प्रतिभागियों का स्वागत किया और सोशल मीडिया पर अपने महत्वपूर्ण एवं सारगर्भित विचार प्रकट किए। उन्होने बताया कि डिजिटल मीडिया ने समाचार और विचारों को प्रसारित करने के लिए गति प्रदान की है फलस्वरूप मीडिया आज बहुत प्रतिस्पर्धी हो गया है । उन्होने इस बात पर ज़ोर दिया किया कि डिजिटल मीडिया का उपयोग निष्पक्ष एवं संतुलित खबरों के लिए होना चाहिए नाकी निजी विचारों के प्रचार प्रसार के लिए ।
निदेशालय के उपनिदेशक नलिन चौहान ने विभाग की ओर से डिजिटल युग में पत्रकारिता की नैतिकता और चुनौतियों विषय पर पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया, जिसमें डिजिटल मीडिया, सूचना प्रौद्योगिकी से संबंधित कानून, नकली समाचार/फेकन्यूज़, कॉपी राइट के अलावा सरकारी नीतियों के प्रचार/कार्यक्रम में डिजिटल मीडिया / सोशल मीडिया के महत्व के बारे में विस्तृत प्रस्तुतिकरण किया गया । इस संगोष्ठी का संचालन करते हुये विभाग के वरिष्ठ सूचना अधिकारी कांचन आज़ाद ने सोशल मीडिया में इंटरनेट के महत्व पर प्रकाश डाला और इसे आमजन तक सूचना के पहुंचाने का सबसे सशक्त मध्यम बताया ।
डीपीएसी अध्यक्ष शरद शर्मा ने डिजिटल युग में पत्रकारिता और चुनौतियों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने लाइव रिपोर्टिंग और मीडिया के व्यावसायीकरण तथा कॉर्पोरेट मीडिया हाउस की कठिनाइयों पर अपने विचार व्यक्त किए। दैनिक भास्कर के श्री अनिरुद्ध शर्मा, एशियन एज के प्रमोद कुमार, हिंद समाचार के अब्दुल माजिद, डॉ पंकज श्रीवास्तव और अन्य प्रतिभागी लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की प्रतिष्ठा पर मीडिया की जिम्मेदारी और योगदान पर अपने विचार व्यक्त किए । निदेशालय के अन्य अधिकारी चन्दन कुमार, श्री अमित कुमार, मनीष कुमार, गोविंद के अलावा अभिषेक हरित एवं शरद मल्होत्रा भी तकनीकी सहयोग हेतु सेमिनार मे भाग लिया। चर्चा के उपरांत यह तथ्य सर्वसम्मत पाया गया कि मीडिया को संतुलित, नैतिक, निष्पक्ष और आत्मनियामक (सेल्फ रेग्युलेटरी) होना चाहिए जिससे कि खबरों की विश्वसनीयता बरकरार रह सके । सत्र के अंत में निदेशालय के विशेष निदेशक एवं दिल्ली के एक्साइज कलेक्टर संदीप मिश्रा ने सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद करते हुये कहा कि पारंपरागत मीडिया में प्रकाशित समाचार का कंटेंट भरोसेमंद होने चाहिए ।

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