कांग्रेस के षड्यंत्र को मुंह की खानी पड़ी : विजेन्द्र गुप्ता

नगर संवाददाता
नई दिल्ली।दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने प्रदेश कार्यालय में सोहराबुद्दीन शेख एनकाउंटर मामले में कोर्ट के फैसले से कांग्रेस की सोनिया-मनमोहन सरकार की साजिश के तहत भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को फंसाने एंव भारतीय जनता पार्टी के नाम का दुष्प्रचार करने पर और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व द्वारा सवैंधानिक संस्थाओं के दुरूपयोग को लेकर प्रेस वार्ता की। इस प्रेस वार्ता में मिडिया सह-प्रभारी नीलकांत बक्शी एवं प्रमुख अशोक गोयल देवराहा उपस्थित थे।
विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि वर्ष 2010 में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के आदेश पर तब के गुजरात के गृह मंत्री और वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी के हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को एक राजनैतिक षड्यंत्र के तहत प्रताड़ित करने का दुस्साहस किया गया। आज सच्चाई राष्ट्र के सामने है। आज यह एक बार फिर स्पष्ट हो गया है कि 2010 में कांग्रेस नेतृत्व के इशारे पर सीबीआई ने श्री अमित शाह को गिरफ्तार किया था। इतना ही नहीं, तब सीबीआई ने कोर्ट में न्यायाधीश के सामने यह कहा कि हम अमित शाह को इंटेरोगेट नहीं करना चाहते, केवल गिरफ्तार करना चाहते हैं। उसी दिन सीबीआई ने अमित शाह के खिलाफ चार्जशीट भी फाइल कर दी और उन्हें जेल में जीवन जीने को छोड़ दिया गया और बाहर कांग्रेस पार्टी और उसके शीर्ष नेतृत्व के द्वारा तब के गुजरात के मुख्यमंत्री और वर्तमान में भारतवर्ष के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं गुजरात की भाजपा सरकार को बदनाम करने का प्रपंच रचा गया। उन्होंने कहा कि जब अमित शाह ने कोर्ट के सम्मुख अपनी बेल की गुजारिश की, तब अक्टूबर, 2010 में अमित शाह की रिहाई के वक्त न्यायालय ने कहा – ÞSuggesting involvement of the accused is not made out for the purpose deciding the complexity of accused in light of character & evidence-ß कोर्ट ने यह स्थापित किया कि श्री अमित शाह के खिलाफ कोई सबूत नहीं था।
विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि अमित शाह के खिलाफ कोर्ट ने तो कोई सबूत नहीं पाया लेकिन कांग्रेस की मंशा थी राजनैतिक प्रपंच करना और प्रशासनिक संसाधनों का दुरुपयोग करना। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस षड़यंत्र में किस कदर लिप्त थी, उसका एक उदाहरण और प्रस्तुत हुआ जब अमित शाह की रेग्युलर बेल की अपील पर न्यायाधीश के जजमेंट के बाद कांग्रेस ने न्यायालय और न्यायालय के बाहर अमित शाह के खिलाफ बार-बार प्रहार किया। लेकिन स्पेशल जज, सीबीआई ने अमित शाह को 30 दिसंबर 2014 में डिस्चार्ज एप्लीकेशन सुनते वक्त अपनी फाइंडिंग दी, तब 2010 के केस के संदर्भ में अमित शाह के संबंध में जो हाईकोर्ट ने कहा उसी को दोहराते हुए अपने फाइंडिंग में यह ऐड किया कि यह केस सरासर राजनैतिक कारणों के चलते अमित शाह पर थोपा गया है। इस जजमेंट को सोनिया गांधी की किचन केबिनेट के एक मेंबर हर्ष मंदर ने चैलेंज किया जो 2010 में एनएससी के सदस्य नियुक्त किये गए थे। यह सर्वविदित था कि एनएससी यूपीए के कार्यकाल में एक शैडो कैबिनेट के रूप में काम कर रही थी। लेकिन, आज भारतीय जनता पार्टी न्यायपालिका को पार्टी के करोड़ों कार्यकर्ताओं की ओर से आभार व्यक्त करती है कि कांग्रेस के षड्यंत्र को मुंह की खानी पड़ी।
श्री गुप्ता ने कहा कि हम राष्ट्र को यह बताना चाहते हैं कि कांग्रेस पार्टी सत्ता में रह कर प्रशासनिक ढाँचे का दुरूपयोग करके अपने राजनैतिक प्रतिद्वंदियों को खत्म करने के लिए अपने पैरों तले न्याय को और संविधान को भी रौंदने के लिए तत्पर रहती है। हम सम्माननीय न्यायपालिका को न्याय के संरक्षण के लिए आभार व्यक्त करते हैं। वर्षों से चले आ रहे कांग्रेस के प्रपंच को मुंह की खानी पड़ी।

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