कैट ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा जीएसटी को सरलीकृत किये जाने का स्वागत किया

नगर संवाददाता
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एक टीवी इंटरव्यू में जीएसटी को सरलीकृत किये जाने, कर पालना को अधिक आसान बनाने तथा उपभोक्ताओं को जीएसटी से फायदा पहुंचाने के वक्तव्य का कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने स्वागत किया है ! जीएसटी में न्यूनतम सीमा 20 लाख से बढ़ाकर 75 लाख किये जाने के प्रधानमंत्री के सुझाव को कैट ने बेहद तर्कसंगत बताया औरकहा की इससे देश भर में छोटे व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी ! कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी सी भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने प्रधानमंत्री के विचारों को बेहद उत्साहजनकबताते हुए कहा की इससे यह लगता है की केंद्र सरकार जीएसटी पर खुले दिमाग से काम कर रही है और छोटे व्यापारियों कीपरेशानियों को दूर करने के लिए कृत संकल्प है जो एक अच्छा संकेत हैं ! व्यापारी भी जीएसटी के साथ जुड़ने के लिए तैयार हैलेकिन कर प्रणाली को और अधिक आसान किये जाने की जरूरत है !
श्री भरतिया एवं श्री खंडेलवाल ने कहा की इन क़दमों के अलावा सरकार को अधिक से अधिक व्यापारियों को कंप्यूटर टेक्नोलॉजी केसाथ जोड़ने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए क्योंकि जीएसटी पूर्ण रूप से एक कंप्यूटर आधारित कर प्रणाली है और जीएसटी केसाथ अधिक से अधिक व्यापारियों को जोड़ने के लिए उनका कंप्यूटर से जुड़ना आवश्यक है! कैट ने सुझाव दिया है की सरकार कोउन व्यापारियों को वित्तीय सहायता देनी चाहिए जो अपने वर्तमान व्यापार को कम्प्यूटरीकृत करना चाहते हैं और बैंकों एवं वित्तीयसंस्थानों को यह आदेशित करना चाहिए की वो ऐसे व्यापारियों को उनकी जरूरत के लिए बेहद कम ब्याज पर आसान ऋण उपलब्धकराये ! देश में लगभग 7 करोड़ छोटे व्यावसाई हैं जिनमें से केवल अब तक 35 प्रतिशत व्यापारी ही अपने व्यापार को कंप्यूटर सेजोड़ पाएं हैं !
श्री भरतिया एवं श्री खंडेलवाल ने यह भी कहा की यदि जीएसटी को सरलीकृत और आसान बनाया जाता है तो वर्ष 2019 में जीएसटीके अंतर्गत पंजीकृत व्यापारियों की संख्या 2 करोड़ हो सकती है ! इससे जहाँ सरकार का कर दायरा बढ़ेगा वहीँ बड़ी मात्रा में राजस्वभी बढ़ेगा ! इसके लिए सरकार को देश भर में फैले व्यापारी संगठनों के सहयोग से एक निश्चित राष्ट्रीय अभियान चलना पड़ेगाजिसके अंतर्गत व्यापारियों को जीएसटी के मुख्य प्रावधान एवं कर पालना के बारे में शिक्षित किया जा सके ! कैट इस मुद्दे परसरकार के साथ सहयोग करने के लिए तत्पर है जिससे देश के कोने कोने तक व्यापारी जीएसटी से पंजीकृत हो !

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