स्वराज इंडिया दिल्ली प्रदेश कार्यालय का उद्घाटन

नगर संवाददाता
नई दिल्ली । स्वराज इंडिया दिल्ली प्रदेश कार्यालय का उद्घाटन प्रदेश अध्यक्ष कर्नल जयवीर की अध्यक्षता में स्वराज इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेन्द्र यादव व राष्ट्रीय महासचिव अजित झा के द्वारा किया गया। ज्ञात हो कि नवगठित राजनीतिक पार्टी स्वराज इंडिया दिल्ली सहित भारत के अलग-अलग राज्यों में संगठन विस्तार पर बल दे रहा है।
आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर स्वराज इंडिया दो गंभीर मुद्दे किसान और नौजवान को लेकर जनता के बीच काम कर रही है।
चुनाव में जनता की भागीदारी को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्वराज इंडिया ने आईकैन – राष्ट्रनिर्माण के लिए लोक अभियान मंच का गठन किया है। जिसका नारा है- हिन्दू ना मुसलमान, बस किसान और नौजवान”
स्वराज इंडिया ने आईकैन के माध्यम से देश भर के लोगों से राजनीति में हस्तक्षेप करने का एक अभियान चला रखा है। अपने संबोधन में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेन्द्र यादव ने कहा कि स्वराज इंडिया पूर्व में भी दिल्ली के गंभीर मुद्दे पर रचनात्मक कार्य करती रही है। पर्यावरण के मुद्दे पर सरकार को घेरने के काम से लेकर दिल्ली में बढ़ते नशाखोरी के ख़िलाफ़ स्वराज इंडिया हमेशा अपना स्पष्ट रुख रहा है। दिल्ली में शराब के ठेके के ख़िलाफ़ प्रशांत भूषण की अगुवाई में दिल्ली में अभियान छेड़ रखा था। नतीज़तन कुछ दिनों के लिए शराब के ठेके का लाइसेंस बंद कर दिया गया था किंतु फ़िर वही हाल है। इसी प्रकार स्वराज इंडिया दिल्ली के ऑटो चालकों की समस्याओं को मजबूती से उठाता रहा है। उन्होंने बेरोजगारी के समस्याओं को किसान से भी गंभीर समस्या बताया और उन्होंने कहा कि आगामी 27 जनवरी को देश के अलग- अलग ऐसे संगठन जो बेरोजगारी की लड़ाई लड़ रही है उनको एक छत के नीचे इकट्ठे करेंगे।
दिल्ली देहात की समस्याओं को लेकर स्वराज इंडिया शुरू से गंभीर है। लैंड पूलिंग योजना को किसान हितैषी बनाकर जल्द से जल्द लागू करवाने के लिए पार्टी ने शहरी विकास मंत्रालय और डीडीए पर लगातार दबाव बनाए रखा।आज दिल्ली में ओटो-टैक्सी- E-रिक्शा के मोर्चे का घोषणा किया जिनके अध्यक्ष रमण कुमार को बनाया गया।
स्वराज इंडिया दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष कर्नल जयवीर ने कहा कि दिल्ली में नशा व पर्यावरण दो गंभीर विषय है। आने वाले दिनों में स्वराज इंडिया दिल्ली प्रदेश, किसान-नौजवान के साथ-साथ दिल्ली के अन्य मुद्दे पर भी जनता के भलाई की लड़ाई लड़ेगी। साथ ही उन्होंने दिल्ली के जनता से iCan से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस अभियान से जुड़ने के लिए कोई राजनीतिक बंदिशें नही है, किन्तु राजनीतिक सुचिता के लिए सभी लोगों को इस मुहिम से जुड़ना चाहिए। स्वराज इंडिया दिल्ली व देश में कई एजेंडे के साथ करेगी, जिसका संरचना है:
*एजेंडा इंडिया:* सत्तारूढ़ दल और प्रमुख विपक्षी गठजोड़ दोनों चाहेंगे कि यह चुनाव बिना किसी मुद्दे पर गंभीर चर्चा के पूरा हो जाए। सत्तारूढ़ दल के पास पिछले पांच साल की कारगुजारी का लेखा-जोखा देने के नाम पर कुछ है नहीं। इसलिए वह झूठे दावों और खोखले वादों के साथ चुनाव में उतरेगा। उधर विपक्ष को केवल चुनावी गठबंधन के गणित की चिंता है, देश के भविष्य की नहीं। ऐसे में स्वराज इंडिया की जिम्मेवारी बनती है कि वह देश के सामने एक सार्थक एजेंडा पेश करे। यह एजेंडा राष्ट्र निर्माण की तात्कालिक और दीर्घकालिक चुनौती पर एक राष्ट्रीय सहमति बनाने का काम करेगा। तात्कालिक चुनौती है पिछले पांच साल में मोदी सरकार द्वारा देश के बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति करना। दीर्घकालिक चुनौती है राष्ट्र निर्माण की ऐसी योजना बनाना, जो भविष्य में इस तरह के खतरे से देश को बचा सके। इस उद्देश्य को लेकर स्वराज इंडिया देश के अग्रणी बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के बीच संवाद चलाएगी और एक नई राष्ट्रीय सहमति का घोषणापत्र पेश करेगी।
*उम्मीद इंडिया:* चुनाव में एनडीए और विपक्षी गठबंधन के बाहर सार्थक विकल्प खड़ा करने के लिए स्वराज इंडिया देशभर में सहमना राजनैतिक दलों, संगठनों, जनांदोलनों और सजग नागरिकों के बीच संवाद चलाएगी ताकि चुनिंदा संसदीय क्षेत्रों में वैकल्पिक उम्मीदवार खड़े किए जा सकें। इन उम्मीदवारों के चयन में यह सावधानी बरती जाएगी कि वह अपने काम और चरित्र की दृष्टि से राजनीति के स्थापित ढर्रे से अलग हों और उनकी उम्मीदवारी का प्रत्यक्ष लाभ बीजेपी या उसके सहयोगियों को न हो। इन उम्मीदवारों के चयन की एक पारदर्शी व्यवस्था की जाएगी। चुनाव में भागीदारी, अन्य संगठनों या दलों के साथ तालमेल और उम्मीदवारों के चयन संबंधी सभी निर्णय लेने का अधिकार स्वराज इंडिया के संविधान के अनुसार पार्टी के प्रेसीडियम को होगा।
*टीम इंडिया:* देश में एक बहुत बड़ी संख्या ऐसे नागरिकों की है, जो राजनीति में दिलचस्पी लेते हैं, लेकिन किसी दल के साथ जुड़ने से परहेज करते हैं। वे देश के लिए कुछ करना चाहते हैं, लेकिन इसका कोई सही तरीका नहीं खोज पाते। वे चुनाव में दखल देना चाहते हैं, लेकिन कोई विकल्प न होने के कारण निष्क्रिय रह जाते हैं। पिछले कुछ वर्षों में ऐसे नागरिकों की संख्या बढ़ी है, लेकिन उनके विकल्प घटे हैं। स्वराज इंडिया देशभर में ऐसे नागरिकों को टीम इंडिया के रूप में संगठित करेगी। इन्हें एजेंडा इंडिया के विचार और चुनावी कार्यकर्ता के काम में प्रशिक्षित किया जाएगा और फिर इन्हें लोकसभा चुनाव 2019 में प्रस्तावित वैकल्पिक उम्मीदवारों के पक्ष में चुनाव प्रचार में जोड़ा जाएगा। इस मौके पर उपस्थित प्रदेश महासचिव नवनीत तिवारी ने कहा कि किसान नौजवान के एजेंडा को राजनीति के केंद्र में लाने के उद्देश्य से स्वराज इंडिया की दिल्ली इकाई आने वाले समय में युवाओं में बेरोज़गारी के मुद्दे को मजबूती से उठाएगी। दिल्ली सरकार के रोज़गार पर वादों का आंकलन और दावों की जाँच के अलावा, स्वराज इंडिया ने तय किया है कि नौकरियों में अवसरों की घोर कमी और भर्ती परीक्षाओं में भ्रष्टाचार को लेकर देशभर में चल रहे युवा-हल्लाबोल आंदोलन का समर्थन करती है।

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