दिल्ली महिला कांग्रेस की प्रियदर्शनी सेल ने वाल्कथॉन का आयोजन किया

vai namorar comigo sim vai dormir नगर संवाददाता
नई दिल्ली । दिल्ली में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुचने के कारण बिगड़ती हवा की शुद्धता पर जागरुकता फैलाने के लिए दिल्ली महिला कांग्रेस की प्रियदर्शनी सेल ने पटेल चौक मेट्रो स्टेशन से जंतर मंतर तक वाल्कथॉन का आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में युवा महिलाओं ने भाग लिया। अखिल भारतीय महिला कांग्रेस के प्रियदर्शनी विभाग के निर्देशानुसार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। दिल्ली महिला कांग्रेस की अध्यक्ष शर्मिष्ठा मुखर्जी और नेशनल कॉओर्डिनेटर आदिति सिंह ने वाल्कथॉन की झंडा दिखाकर शुरुआत की। प्रियदर्शनी युवा महिलाओं के लिए एक प्लेटफॉर्म तैयार कर रही है जिसके द्वारा वर्तमान विषयों को लेकर इन्हें व्यस्त रखा जा सके जिनमें महिला सुरक्षा, रोजगार और प्रदूषण आदि शामिल है।
दिल्ली महिला कांग्रेस की अध्यक्ष शर्मिष्ठा मुखर्जी और नेशनल कॉओर्डिनेटर आदिति सिंह ने वाल्कथॉन की झंडा दिखाकर शुरुआत की। शर्मिष्ठा मुखर्जी ने कहा कि जीवन जीने के लिए ताजी हवा एक ऐसा तत्व है जिस पर सभी का अधिकार है। दिल्ली में खतरनाक प्रदूषण दिल्लीवासियों का स्वास्थ्य और जीवन के लिए एक बड़ा जोखिम है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान के अनुसार सांस लेने सहित प्रदूषण से होने वाली बीमारियों के रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है इनमें आंखों में जलन, फेंफडों से सबंधी सहित सिरदर्द आदि शामिल हैं। हृदयघात के मामले भी सर्दियों में ज्यादा प्रदूषण के कारण अधिक बढ़ रहे है।
शर्मिष्ठा मुखर्जी ने केन्द्र सरकार और आप पार्टी की दिल्ली सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों सरकारें दिल्ली सरकार और भाजपा की निगम सरकार दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के लिए जिम्मेदार है। दिल्ली के प्रदूषण में 30 प्रतिशत प्रदूषण गाड़ियों से होता है। केजरीवाल के आधीन दिल्ली सरकार ने सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में बढ़ौत्तरी करने की बजाए इसे बर्बाद कर दिया। कांग्रेस की शीला दीक्षित सरकार 5223 डीटीसी के बेड़े बसें छोड़ कर गई थी जो कम होकर केवल 3951 बसें रह गई। उन्होंने कहा कि मेट्रो फेस 3 का काम 2 साल पीछे चल रहा है और फेस 4 का प्रोजेक्ट एक साल से अधर में लटका हुआ है।
शर्मिष्ठा मुखर्जी ने कहा कि दिल्ली सरकार के आधीन प्रदूषण नियंत्रण कार्यक्रम पूरी तरह विफल साबित हुआ है। 971 प्रदूषण नियंत्रण केन्द्र पर केवल 28इंस्पेक्टर की मंजूरी मिली थी, लेकिन 8 पद ही भरे है जो प्रदूषण इंस्पेक्शन के काम को पूरी दिल्ली में देखते है।
शर्मिष्ठा मुखर्जी ने केन्द्र सरकार के उस निर्णय को गलत बताया जिसमें सरकारी कालोनियों में 13000 पेड़ों को काटने के नोटिस दिए थे। उन्होंने कहा कि पेड़ किसी भी शहर की जीवन रेखा है और इतनी बड़ी संख्या में पेड़ गिराने के निर्णय जो कि वापस ले लिया गया था, वह सरकार की असंवेदनशीलता को दर्शाता है। उन्होंने भाजपा शासित दिल्ली नगर निगम पर आरोप लगाते हुए कहा कि निगम अवैध निर्माण पर नियंत्रण पाने में पूरी तरह से नाकाम साबित रहा है और शहर में वायु व धूल प्रदूषण के लिए भाजपा की निगम सरकार जिम्मेदार है।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की प्रियदर्शनी विभाग की नेशनल कॉओर्डिनेटर आदिति सिंह ने कहा कि प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए दिल्ली सरकार के साथ-साथ केन्द्र सरकार की निष्क्रियता भयावह है। जबकि वायु गुणवत्ता सूचकांक 0-100 की सीमा के भीतर रहना चाहिए। और दिल्ली में प्रदूषण का स्तर 400की सीमा पार करके अधिकर खतरे के स्तर से भी कही उपर रहता है। परंतु इसकी जांच के लिए कोई कार्रवाही नही की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी एजेन्सियों को जगाना जरुरी है और इनके खिलाफ कार्रवाही होनी चाहिए। वाल्कथॉन में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की प्रियदर्शनी विभाग की नेशनल कॉओर्डिनेटर आदिति सिंह, दिल्ली प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्षा शर्मिष्ठा मुखर्जी, दिल्ली प्रदेश महिला प्रभारी शमीना शफीक, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी महासचिव ओनिका मेहरोत्रा, किम होकिप और नंदिता हुडा सहित प्रदेश कांग्रेस की पदाधिकारी भी मौजूद थी।

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