विद्यार्थी राष्ट्र के समग्र विकास के लिए देशभक्ति की भावना को बढ़ावा दें: केजरीवाल

नगर संवाददाता
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने छत्रसाल स्टेडियम में दिल्ली सरकार द्वारा आयोजित 70 वें राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) फहराते हुए बच्चों का आह्वान किया कि वे समाज में सांप्रदायिक सौहार्द और देशभक्ति की भावनाओ को बढ़ावा देने में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने बच्चों से आग्रह किया कि वे देश की प्रगति सुनिश्चित करने के लिए जाति, रंग-भेद और धर्म की भिन्नता के भाव को दरकिनार कर समाज के सभी वर्गों के लोगों की सेवा करें और समर्पण और बलिदान की भावना के साथ देश को मजबूत करने का संकल्प लें।
समारोह में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन, श्रम मंत्री गोपाल राय, पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन, समाज कल्याण मंत्री राजेन्द्र पाल गौतम, परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत, अनेक विधायक, दिल्ली के मुख्य सचिव विजय देव, दिल्ली सरकार के विभिन्न विभागों के प्रधान सचिव, सचिव, विभागाध्यक्ष और स्वायत्तपोषी निकायों के प्रमुख भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर दिल्ली पुलिस, दिल्ली फायर सर्विस, सिविल डिफेंस, एन.सी.सी., डी.डी.एम.ए. और स्कूली बच्चों की टुकडिय़ों से ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ लिया और साथ ही साथ अनन्य सेवाओं के लिए तिहाड़ जेल के कई अधिकारियों को सम्मानित किया।
समारोह में स्कूली बच्चों ने भव्य व मनोहारी रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया।
मुख्यमंत्री श्री केजरीवाल ने समारोह के प्रारंभ में ‘भारत माता की जय’, ‘वन्दे मातरम’ और ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारे के साथ अपने भाषण की शुरूआत की, जिनका स्टेडियम मे मौजूद हजारो बच्चों ने पूरी ऊर्जा के साथ दोहराया। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान शहीद हुए महान क्रांतिकारियों के बलिदानों को याद किया। उन्होंने सरदार भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु, चंद्रशेखर आजाद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, इस्फाक-उल्ला-खान और अन्य बलिदानियों के महान बलिदान को याद किया और कहा कि उनकी शहादत से ही हम सब को आजादी मिली और हम उन्हीं के बदौलत खुल हवा में सांस ले रहे हैं।
श्री केजरीवाल ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर देश के नागरिकों को बधाई देते हुए डॉ बी.आर. अंबेडकर को उनकी अद्भुत और अनन्य रचना – भारतीय संविधान के लिए याद किया, जो 26 जनवरी 1950 को स्वतंत्र भारत के सपनों को साकार करने के साथ लागू किया गया था। उन्होंने कहा कि डॉ बी.आर. अम्बेडकर ने इस विशाल राष्ट्र को इतना बड़ा संविधान दिया, जिसे दुनिया का सर्वश्रेष्ठ संविधान माना जाता है। उन्होंने महात्मा गांधी और पं. नेहरू को भी याद किया और कहा कि 1947 में मिली आजादी के बाद यह उनका सपना था कि देश के प्रत्येक नागरिक को न्याय मिले, बेरोजगार लोगों को और किसानों को न्याय मिले और शिक्षा में परिवर्तन हो, लेकिन दुर्भाग्य से देशवासियों का यह सपना पिछले 70 वर्षों में पूरा नहीं हो सका, जो कि अत्यंत दुखद है।
श्री केजरीवाल ने लोगों से अपील की कि वे उग्र प्रवृत्ति और विभाजनकारी शक्तियों से देश और समाज को बचाएं और सामाजिक ताने-बाने को समरसता के भाव से जोड़कर लोकतंत्र को मजबूत करें।

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