स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी केजरीवाल राज में 4 साल दिल्ली बेहाल : मनोज तिवारी

https://www.a-h.fr/4562-dfr34117-site-de-rencontre-gratuit-2015.html नगर संवाददाता
नई दिल्ली । दिल्ली सरकार के अस्पताल में हाल ही में वेंटिलेटर न दिए जाने से हुई एक 3 साल के मासूम बच्चे की मौत ने दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य व्यवस्था के तमाम दावों की पोल खोल दी है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियों का विश्व भर में झूठा प्रचार कर रहे मुख्यमंत्री केजरीवाल के तमाम दावे खोखले साबित हो गये। खुद दिल्ली सरकार द्वारा कोर्ट में दी गयी जानकारी के अनुसार वेंटिलेटर वाले 400 बेड में से 52 खराब थे और काम नहीं कर रहे थे, जो एक बहुत बड़ी चूक है। दिल्ली सरकार के अस्पतालों में जरुरत के मुताबिक पहले ही वेंटिलेटर की भीषण कमी है लेकिन इसके बावजूद उन 52 वेंटिलेटर को समय से ठीक करवाने अथवा नए उपलब्ध करवाने में दिल्ली सरकार की बड़ी लापरवाही सामने आई है।
इस विषय पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि महामिलावट में शामिल होने की होड़ में अरविन्द केजरीवाल इतना व्यस्त और संवेदनहीन हो गये कि जिस स्वास्थ्य व्यवस्था का ढोल वो पूरे विश्व में बजाते हैं वो वास्तव में केवल खोखले दावे करते हैं। यदि केजरीवाल जी ने वेंटिलेटर की स्थिति पर ध्यान देते हुए 3 साल के मासूम बच्चे को वेंटिलेटर समय से उपलब्ध कराया होता तो आज वो बच्चा जीवित होता। माननीय उच्च न्यायलय ने भी दिल्ली सरकार के बेड और वेंटिलेटर आदि की जानकारी वेबसाइट पर डालने पर लापरवाह रवैये को निराशाजनक बताया है। उन्होंने कहा कि नजाने किस बात की दुश्मनी दिल्लीवासियों से निभा रहे हैं केजरीवाल जी जो राजनीति में इतने मग्न हो गये कि उनके ह्रदय में संवेदना ही समाप्त हो गयी है।
श्री तिवारी ने कहा कि माननीय उच्च न्यायलय ने दिल्ली सरकार से उनके अस्पतालों में वेंटिलेटर की मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी मांगी थी जिसके जवाब में दिल्ली सरकार ने खुद बताया कि वेंटिलेटर वाले 400 बेड में से 52 ऐसे हैं जो क्रियाशील नहीं हैं। हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार के अस्पतालों में 348 ही ऐसे बेड हैं जिन पर वेंटिलेटर की सुविधा है अर्थात यह आंकड़ा जरुरत के 10 प्रतिशत से बेहद कम है। आमूमन हर राज्य में कुल बेड में से 10 प्रतिशत बेड वेंटिलेटर की सुविधा वाले होने चाहिए लेकिन दिल्ली सरकार के अस्पतालों में केवल 3.4 प्रतिशत बेड पर ही वेंटिलेटर की सुविधा से लेस हैं। उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा बेहद चिंताजनक है और यदि 348 से ज्यादा मरीजों को वेंटिलेटर की आवश्यकता होती है तो उन्हें पंप दे दिया जाता है और उसके परिवार वाले बारी-बारी से पम्प को दबा-दबा कर मरीज को ऑक्सीजन देते हैं। 21वीं सदी में जहाँ एक ओर भारत विकास की नई ऊँचाइयों को छू रहा है ऐसे में राजधानी में स्वास्थ्य व्यवस्था की ऐसी स्थिति होना दिल्ली सरकार की नाकामी का सबूत देती है। श्री तिवारी ने कहा कि ऐसा नहीं है कि केजरीवाल सरकार किसी उचित कारणवश सही व्यवस्था नहीं दे पा रही, बल्कि उनकी नीयत में ही राजनीति घुस चुकी है, आयुष्मान भारत जैसी मोदी सरकार की विश्व में सबसे बड़ी स्वास्थ्य कल्याण योजना को लागु न होने देना दिल्ली सरकार की नीयत और मंशा पर सवालिया निशान खड़े करता है। उन्होंने मुख्यमंत्री केजरीवाल से आग्रह करते हुए कहा कि मरीजों को पर्याप्त वेंटिलेटर और अन्य मेडिकल सुविधा देना महामिलावट में शामिल होने से ज्यादा जरूरी है केजरीवाल जी क्योंकि चुनाव तो दोबारा आ जायेंगे लेकिन इन सुविधाओं के अभाव में मारे गये लोगों के प्राण वापस नहीं आ सकते। श्री तिवारी ने पुनः मुख्यमंत्री केजरीवाल से मांग की कि गरीबों को 5 लाख तक की स्वास्थ्य सुविधा देने वाली मोदी सरकार की आयुष्मान भारत योजना को दिल्ली में तुरंत लागु करे दिल्ली सरकार जिससे दिल्ली में रह रहे गरीब वर्ग को 5 लाख तक का मुफ्त इलाज मिल सके।
श्री तिवारी ने कहा कि यदि वे वास्तव में स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर करना चाहते तो इसके नाम पर झूठा प्रचार करने के बजाये इसमें व्याप्त खामियों के समाधान पर विचार करते और व्यवस्थाओं को बेहतर करने के प्रयास करते लेकिन इसके विपरीत केजरीवाल केवल श्रेय लेने की होड़ में जितने का काम नहीं करते उससे ज्यादा उसके प्रचार पर खर्च कर देते हैं। लेकिन ऐसा करते करते केजरीवाल जी को 4 साल बीत गये अब जनता उनकी मंशा पूरी तरह समझ चुकी है और आगामी चुनाव में जनता उन्हें इसका उचित जवाब देगी।

Leave a Reply

online casino games in europe Basauri Your email address will not be published. Required fields are marked *

lovoo app kosten login pitifully

http://apebike.com/4670-cs95150-online-casino-legal-in-indonesia.html

Translate »