प्रणब मुखर्जी ने कारोबारियों और आधुनिक आविष्कारकों को दिया सफलता का मंत्र

नगर संवाददाता
नई दिल्ली। श्री गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज ऑफ कॉमर्स, दिल्ली स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स के कॉमर्स डिपार्टमेंट और पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के सहयोग से ‘विमर्श 2019’ की संयुक्त रूप से मेजबानी की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कारोबारियों और आधुनिक आविष्कारकों को सफल होने का मंत्र देते हुए कहा कि व्यवसाय में सफलता प्राप्त करने के लिए जोखिम उठाने और नए-नए प्रयोग करने की कला आनी चाहिए, आत्मविश्वास होना चाहिए और सही समय पर सही निर्णय लेने की योग्यता होनी चाहिए। ‘विमर्श 2019’ हर दो साल में आयोजित किया जाने वाला यह चौथा सम्मेलन था। इस सम्मेलन में ‘भारत में व्यापारिक माहौल का पूरी तरह कायाकल्प करने’ और ‘क्रांतिकारी और पूरे मार्केट पर कब्जा करने वाले नए-नए आविष्कारों और उद्यमिता’ जैसे विषयों पर विचार.विमर्श किया गया।
दिल्ली यूनिवर्सिटी के नॉर्थ कैंपस स्थित वल्लभभाई पटेल चेस्ट इंस्टिट्यूट के पेंटल मेमोरियल गोल्डन जुबली ऑडिटोरियम में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के अलावा पीएचडीसीसीआई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डी.के. अग्रवाल, दिल्ली यूनिवर्सिटी में कॉमर्स डिपार्टमेंट की हेड और डीन डॉ. कविता शर्मा, डीआईपीपी की पूर्व सचिव अजय शंकर और नीति आयोग में अटल इनोवेशन मिशन के मिशन डायरेक्टर रामनाथन रामानन भी मौजूद थे, जिन्होंने दुनिया में क्रांति लाने में सक्षम आविष्कारों और उद्यमिता पर अपने विचारों को साझा किया।
आधुनिक कारोबारियों के सामने चुनौतियों और उसके संभव समाधानों के बारे में बताते हुए हुए पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि एक सफल कारोबारी और उद्योगपति न केवल नया प्रॉडक्ट और नया कॉन्सेप्ट मार्केट में लाता है, बल्कि मार्केट की सक्षमता में भी सुधार करता है। मेरा मानना है कि रोजगार सृजन और अर्थव्यवस्था का विकास साथ-साथ होना चाहिए। इसके अभाव में लोकतंत्रिक ढांचा हमारे जरूरतमंद बेरोजगार युवक को रोजगार प्रदान करने में सक्षम नहीं होगा। हमें अपने युवा कारोबारियों को प्रोत्साहित करने की जरूरत है कि वह बिजनेस के क्षेत्र में क्रांति लाने वाले नए-नए आविष्कारों के साथ सामने आएं। इससे बेरोजगारी की समस्या का हल होगा। उन्होंने कारोबारियों और आधुनिक आविष्कारकों से स्वरोजगार को प्रोत्साहन देने की अपील की। प्रणब दा ने कहा कि इससे हमारे बेरोजगार युवकों के लिए नए कैरियर के विकल्प का दरवाजा खुलेगा।
पीएचडीसीसीआई के उपाध्यक्ष डी.के. अग्रवाल ने कहा कि मुझे गर्व है कि भारत तीसरा स्टार्टअप हब बन गया है। हमें इस हब को सारी सुविधाएं प्रदान करने और कारोबारियों को तमाम तरह की मदद देने की आवश्यकता है, जिससेे बड़े पैमाने पर आर्थिक विकास होगा और रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। अनु ग्रोवर नरर्चिंग ग्रीन की संस्थापक और सीईओ ने कहा बिजनेस में चुनौतियां तो आती रहती हैं। बाजार की अर्थव्यवस्था के अनुसार निरंतर बदलते रहना ही सफलता की कुंजी है। प्रत्येक कारोबारी को अपने आसपास के माहौल से ही बाजार की बदलती स्थितियों का ज्ञान होता है ।
कार्यक्रम का उद्घाटन विशिष्ट अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर किया। इसके बाद एसजीजीएससीसी के प्रिंसिपल डॉ. जतिंदरवीर सिंह ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि हम इस सम्मेलन की मेजबानी कर गौरवान्वित हुए हैं। हमें आशा है कि विमर्श-2019 उन सभी कारोबारियों को अपने बिजनेस को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के समाधान मुहैया कराने में सक्षम होगाए जो इस सम्मेलन में आए हैं। यह उनके लिए काफी मददगार साबित होगा। प्रत्येक दो वर्ष पर आयोजित किए जाने वाले एक दिवसीय सम्मेलन में दो तकनीकी सत्र और उद्यमिता पर पूर्ण सत्र आयोजित किया गया।
दिल्ली यूनिवर्सिटी में कॉमर्स डिपार्टमेंट की हेड और डीन डॉ. कविता शर्मा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि बिजनेस में चुनौतियां तो आती रहती हैं। बाजार की अर्थव्यवस्था के अनुसार निरंतर बदलते रहना ही सफलता की कुंजी है।
‘विमर्श 2019’ के संयोजक डॉ. कंवल गिल ने कहा कि नए मार्केट वैल्यूज से भरपूर कारोबारी माहौल के इकोसिस्टम का यह कॉन्सेप्ट बिजनेस, रीजनल स्टडीज और आर्थिक भूगोल के विभिन्न क्षेत्रों को पारिस्थित की संतुलन, विविधता, लचीलेपन और व्यापार की सेहत दुरुस्त रखने के लिए अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। बेहतर आर्थिक विकास और स्थिरता को बरकरार रखने के लिए सोशल एंट्रिप्रिन्योरशिप, ग्रीन एंट्रिप्रिन्योरशिप अपने मजबूत रूप में उभरकर सामने आए हैं।
सम्मेलन में डॉक्टर इंस्टा के संस्थापक और सीईओ अमित मुंजाल, कनेक्ट वेंचर्स, इंडिया के संस्थापक अनिल गुप्ता, नरर्चिंग ग्रीन के संस्थापक और सीईओ अनु ग्रोवर, एग्रो वेव की संस्थापक अनु मीणा, जैस, इंडस्ट्री की दिग्गज हस्तियां विशिष्ट वक्ता के रूप में उपस्थित थीं। कन्वेंशन में डीटीयू के प्रोफेसर के.वी.भानुभूर्ति, दिल्ली यनिर्सिटी में कॉमर्स डिपार्टमेंट के डॉ. एच. के. डांगी और दिल्ली यूनिवर्सिटी में असोसिएट प्रोफेसर डॉ. अमित सिंह ने भी अपने बहुमूल्य सार्थक और प्रासंगिक विचार सम्मेलन में शरीक हस्तियों से साझा किए।

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